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खराब मौसम से उड़ानें प्रभावित, 52 श्रद्धालुुओं ने पहुंचे
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:37 PM IST
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helicopter
- फोटो : demo pic
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अमर उजाला ब्यूरो
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भरमौर (चंबा)। कृष्णाष्टमी के अवसर पर होने वाले छोटे शाही स्नान के लिए रविवार दोपहर तक चौपर से डल झील पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। खराब मौसम और अधिक धुंध होने की वजह से रविवार को दोपहर बाद उड़ानें नहीं हो पाई। इस वजह से सिर्फ 52 श्रद्धालु ही हेली टैक्सी से गौरीकुंड तक पहुंच सके।
गौरतलब हो कि कृष्णाष्टमी के शुभ अवसर पर रात 8:48 को होने वाले छोटे शाही स्नान के लिए रविवार सुबह से श्रद्धालु पैदल और चौपर के जरिये यात्रा पर निकले। रविवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक मौसम ने करवट बदली। बारिश के चलते देखते ही देखते धुंध छा गई। इससे चौपर उड़ानें नहीं भर पाया। दोपहर तक चौपर ने मात्र पांच उड़ानों जरिये 52 श्रद्धालुओं को भरमौर से गौरीकुंड और गौरीकुंड से भरमौर स्थित हैलीपैड पर पहुंचाया गया। इन पांच उड़ानों के जरिये भरमौर से गौरीकुंड के लिए 27 शिव भक्तों और गौरीकुंड से 25 श्रद्धालुओं को भरमौर पहुंचाया गया।
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हैली टैक्सी से पवित्र मणिमहेश यात्रा करने वालों कि संख्या में भी धीरे-धीरे इजाफा होना शुरू हो गया है। शनिवार को 302 शिव भक्तों ने भरमौर से गौरीकुंड और गौरीकुंड से भरमौर का सफर किया। हवाई सेवा में जुटे चौपरों ने शनिवार को 32 उड़ाने भरी थीं। पवित्र मणिमहेश यात्रा में देश के कोने-कोने से शिव भगत आते है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु वाहनों, चॉपर और खच्चरों के माध्यम से यात्रा करते है। श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद रहता है। वाहनों के माध्यम से श्रद्धालु चंबा से हड़सर तक पहुंचते है।
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हालांकि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के चलते कई बार श्रद्धालुओं को भरमौर से आगे की यात्रा पैदल ही करनी पड़ती है। इसके अलावा श्रद्धालु कई बार हड़सर से पवित्र डल तक खच्चरों के माध्यम से भी पहुंचते है। वहीं, यात्रा के लिए आने वाले कई श्रद्धालु चॉपर के जरिये भी भरमौर से गौरीकुंड तक यात्रा करते हैं। एडीएम भरमौर पीपी सिंह ने बताया कि हैली टैक्सी के जरिए रविवार को पांच उड़ानें हुई। इसमें 52 श्रद्धालुओं की आवाजाही हो पाई है। उन्होंने कहा कि दोपहर बाद बारिश के बाद अधिक धुंध पड़ने से देरशाम तक कोई भी उड़ान नहीं हो पाई।