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अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 150-200 किलोमीटर की दौड़
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तीसा (चंबा)। चुराह घाटी के बाशिंदे अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 150 से 200 किलोमीटर का सफर तय करने के लिए मजबूर हैं। सिविल अस्पताल तीसा में अल्ट्रासाउंड मशीन को संचालित करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। इसके चलते लाखों की अल्ट्रासाउंड मशीन धूल फांक रही है।
ऐसे में दूरदराज की गर्भवती महिलाओं और पेट संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को मेडिकल कॉलेज चंबा या फिर टांडा में जाकर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है। इससे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ उनका समय भी बरबाद होता है।
आलम यह है कि मरीजों को एक अल्ट्रासाउंड का टेस्ट करवाने के लिए पांच से छह हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। तीसा अस्पताल पर क्षेत्र की आयल, बणतंर, सनवाल, झज्झाकोठी चंडरू, देवीकोठी, बिहाली, खजुला, चांजू, चरड़ा, देहरा, टिकरीगढ़, देहरोग, लेसुई, भराड़ा, सेईकोठी, कुठेड़ बुदौड़ा और सतियास समेत 55 पंचायतों की डेढ़ लाख की आबादी स्वास्थ्य लाभ के लिए निर्भर है।
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ग्रामीणों कर्म चंद, लाल सिंह, नेगी राम, पुरुषोत्तम दास, देवी सिंह, नारायण सिंह, हरदयाल, लतीफ मोहम्मद, याकूब मोहम्मद, दिलावर आदि का कहना है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के तीसा आगमन पर उनके समक्ष मांग उठाई गई लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
बीएमओ डॉ. ऋषि पुरी ने बताया कि अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पद भरने के लिए उच्चाधिकारियों को समय-समय पर लिखा जाता है।
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ऐसे में दूरदराज की गर्भवती महिलाओं और पेट संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को मेडिकल कॉलेज चंबा या फिर टांडा में जाकर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है। इससे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ उनका समय भी बरबाद होता है।
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आलम यह है कि मरीजों को एक अल्ट्रासाउंड का टेस्ट करवाने के लिए पांच से छह हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। तीसा अस्पताल पर क्षेत्र की आयल, बणतंर, सनवाल, झज्झाकोठी चंडरू, देवीकोठी, बिहाली, खजुला, चांजू, चरड़ा, देहरा, टिकरीगढ़, देहरोग, लेसुई, भराड़ा, सेईकोठी, कुठेड़ बुदौड़ा और सतियास समेत 55 पंचायतों की डेढ़ लाख की आबादी स्वास्थ्य लाभ के लिए निर्भर है।
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ग्रामीणों कर्म चंद, लाल सिंह, नेगी राम, पुरुषोत्तम दास, देवी सिंह, नारायण सिंह, हरदयाल, लतीफ मोहम्मद, याकूब मोहम्मद, दिलावर आदि का कहना है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के तीसा आगमन पर उनके समक्ष मांग उठाई गई लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
बीएमओ डॉ. ऋषि पुरी ने बताया कि अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पद भरने के लिए उच्चाधिकारियों को समय-समय पर लिखा जाता है।