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Chamba News: चीन से जुड़े मेपल पेड़ की अवैध तस्करी के 15 आरोपी गायब
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चंबा। अंतरराष्ट्रीय स्तर से जुड़े मेपल पेड़ की अवैध तस्करी के मामले में नेपाल मूल के 15 आरोपी जमानत लेने के बाद गायब हो गए हैं। दो साल पहले वन विभाग ने चीन से जुड़े इस मामले को उजागर किया था। चंबा से लेकर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में छापा मारकर मेपल पेड़ की लकड़ी की अवैध तस्करी करने वालों को दबोचा था।
कोर्ट से रिमांड लेने के बाद विभाग ने इस मामले में स्वयं जांच भी की। इस मामले की सुनवाई अब तक डीएफओ कोर्ट में चल रही थी। इसमें गाड़ी के मामले से संबंधित लोग इस सुनवाई में आ रह थे, लेकिन मुख्य आरोपी छूमंतर हो चुके हैं। जिन्हें पकड़ने के लिए अब वन विभाग इस मामले को सीजेएम कोर्ट में पेश करने वाला है। जहां पर इन आरोपियों को भगोड़ा साबित करके पुलिस को उन्हें पकड़ने के निर्देश जारी हो सकते हैं।
वन परिक्षेत्र अधिकारी इस मामले की पूरी चार्जशीट तैयार कर रहे हैं। जिसे वह दो या तीन दिन में सीजेएम कोर्ट में जमा करवा सकते हैं। मार्च 2024 में वन विभाग ने तीन नेपालियों को मेपल पेड़ों की लकड़ी के साथ नाके पर दबोचा। जब उनसे गहनता से जांच की गई तो एक दर्जन अन्य नेपाली भी इस केस में पकड़े गए। सहारनपुर में वन विभाग ने वहां की पुलिस की मदद लेकर तस्करों को दबोचा। इनसे पूछताछ करने पर खुलासा हुआ कि इस लकड़ी की डिमांड चीन से आ रही थी। संवाद
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अदालत से लिए जाएंगे दिशा-निर्देश
मेपल पेड़ की लकड़ी की बौद्ध धर्म में काफी मान्यता है। इस लकड़ी से बनने से उत्पादों का इस्तेमाल पूजा में किया जाता है। ऐसे में तस्करों को चीन से इस लकड़ी की मुंह मांगी कीमत मिल जाती है। डीएफओ कृतज्ञ कुमार ने बताया कि रेंजर इस मामले में चार्जशीट तैयार कर रहे हैं। जिसे सीजेएम कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके उपरांत आरोपी नेपालियों को तलाश करने के लिए अदालत से दिशा-निर्देश जारी होंगे।
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कोर्ट से रिमांड लेने के बाद विभाग ने इस मामले में स्वयं जांच भी की। इस मामले की सुनवाई अब तक डीएफओ कोर्ट में चल रही थी। इसमें गाड़ी के मामले से संबंधित लोग इस सुनवाई में आ रह थे, लेकिन मुख्य आरोपी छूमंतर हो चुके हैं। जिन्हें पकड़ने के लिए अब वन विभाग इस मामले को सीजेएम कोर्ट में पेश करने वाला है। जहां पर इन आरोपियों को भगोड़ा साबित करके पुलिस को उन्हें पकड़ने के निर्देश जारी हो सकते हैं।
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वन परिक्षेत्र अधिकारी इस मामले की पूरी चार्जशीट तैयार कर रहे हैं। जिसे वह दो या तीन दिन में सीजेएम कोर्ट में जमा करवा सकते हैं। मार्च 2024 में वन विभाग ने तीन नेपालियों को मेपल पेड़ों की लकड़ी के साथ नाके पर दबोचा। जब उनसे गहनता से जांच की गई तो एक दर्जन अन्य नेपाली भी इस केस में पकड़े गए। सहारनपुर में वन विभाग ने वहां की पुलिस की मदद लेकर तस्करों को दबोचा। इनसे पूछताछ करने पर खुलासा हुआ कि इस लकड़ी की डिमांड चीन से आ रही थी। संवाद
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अदालत से लिए जाएंगे दिशा-निर्देश
मेपल पेड़ की लकड़ी की बौद्ध धर्म में काफी मान्यता है। इस लकड़ी से बनने से उत्पादों का इस्तेमाल पूजा में किया जाता है। ऐसे में तस्करों को चीन से इस लकड़ी की मुंह मांगी कीमत मिल जाती है। डीएफओ कृतज्ञ कुमार ने बताया कि रेंजर इस मामले में चार्जशीट तैयार कर रहे हैं। जिसे सीजेएम कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके उपरांत आरोपी नेपालियों को तलाश करने के लिए अदालत से दिशा-निर्देश जारी होंगे।