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धनेई के सुभाष ने नायब तहसीलदार बन रचा इतिहास
Updated Mon, 20 Aug 2018 10:52 PM IST
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धनेई के सुभाष बने नायब तहसीलदार
बारह साल तक पशुपालन विभाग में बतौर फार्मासिस्ट दीं सेवाएं
सुभाष ने नवोदय विद्यालय सरोल से की है प्रारंभिक पढ़ाई
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। अगर जिंदगी में कुछ हासिल करना चाहते हैं उसके लिए आपको कड़ी मेहनत करनी ही होगी। वैसे भी आज तक मेरा व्यक्तिगत यही अनुभव रहा है कि इंसान की मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। यह बात हाल ही में नायब तहसीलदार की परीक्षा पास करने वाले धनेई के सुभाष ने अमर उजाला से बातचीत में कही। उन्होंने बताया कि इससे पहले उन्होंने 12 वर्षों तक बतौर फार्मासिस्ट पशुपालन विभाग में सेवाएं दीं। मगर मन मैं कुछ और करने का इरादा था। इसी सोच ने मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। रिंडा पंचायत के धनेई निवासी सुभाष की इस कामयाबी से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। वह वर्तमान में हमीरपुर के ताल स्थित भेड़ प्रजनन प्रक्षेत्र में सेवाएं दे रहे थे। सुभाष कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और भगवान के आशीर्वाद को दिया है। हमीरपुर स्थानांतरित होने से पूर्व सुभाष सलूणी की खरोटी पंचायत के तला पशु औषधालय में सेवारत थे। मध्यम वर्गीय परिवार से नायब तहसीलदार बनकर परिवार को गौरवान्वित करने वाले सुभाष जवाहर नवोदय विद्यालय सरोल के विद्यार्थी रहे हैं।
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बारह साल तक पशुपालन विभाग में बतौर फार्मासिस्ट दीं सेवाएं
सुभाष ने नवोदय विद्यालय सरोल से की है प्रारंभिक पढ़ाई
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। अगर जिंदगी में कुछ हासिल करना चाहते हैं उसके लिए आपको कड़ी मेहनत करनी ही होगी। वैसे भी आज तक मेरा व्यक्तिगत यही अनुभव रहा है कि इंसान की मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। यह बात हाल ही में नायब तहसीलदार की परीक्षा पास करने वाले धनेई के सुभाष ने अमर उजाला से बातचीत में कही। उन्होंने बताया कि इससे पहले उन्होंने 12 वर्षों तक बतौर फार्मासिस्ट पशुपालन विभाग में सेवाएं दीं। मगर मन मैं कुछ और करने का इरादा था। इसी सोच ने मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। रिंडा पंचायत के धनेई निवासी सुभाष की इस कामयाबी से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। वह वर्तमान में हमीरपुर के ताल स्थित भेड़ प्रजनन प्रक्षेत्र में सेवाएं दे रहे थे। सुभाष कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और भगवान के आशीर्वाद को दिया है। हमीरपुर स्थानांतरित होने से पूर्व सुभाष सलूणी की खरोटी पंचायत के तला पशु औषधालय में सेवारत थे। मध्यम वर्गीय परिवार से नायब तहसीलदार बनकर परिवार को गौरवान्वित करने वाले सुभाष जवाहर नवोदय विद्यालय सरोल के विद्यार्थी रहे हैं।