{"_id":"5b4c96664f1c1b58488b516a","slug":"131531745894-chamba-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार महीने पहले खत्म अभियान से नहीं लौटे 15 शिक्षक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार महीने पहले खत्म अभियान से नहीं लौटे 15 शिक्षक
Updated Mon, 16 Jul 2018 11:06 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : demo pics
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रवीण कुमार
विज्ञापन
चंबा। शिक्षकों की कमी से जूझ रहे जिले में भारत साक्षर अभियान खत्म होने के बावजूद पंद्रह अध्यापकों ने अभी तक स्कूलों में ज्वाइन नहीं किया है। इससे जहां बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है तो वहीं शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। यह अभियान 31 मार्च को समाप्त हो चुका है।
इसके बावजूद इन शिक्षकों ने बीआरसी कार्यालय में डेरा जमा रखा है। इसका मतलब यह है कि चार महीने से यह अध्यापक अभियान के नाम पर बच्चों को पढ़ाने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। इससे पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहे बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है। जिले के सरकारी स्कूलों में 186 अध्यापकों के पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में इन अध्यापकों के स्कूलों में न जाने से अध्यापकों की कमी में और गहरा गई है। वर्ष 2012 में चंबा में भारत मिशन अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान में जिला के विभिन्न स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों की ड्यूटी लगाई थी।
विज्ञापन
अभियान के तहत जिले में 15 ब्लॉक बनाए गए थे। इसमें 15 अध्यापकों को ब्लॉक समन्वयक बनाया गया था। ब्लॉक में साक्षर भारत मिशन की गतिविधियों का जिम्मा इन अध्यापकों के सिर पर ही था। अध्यापकों ने अभियान को सफल बनाने में पूरी ईमानदारी के साथ कार्य किया। मगर 31 मार्च को अभियान का समापन होने के बाद अध्यापकों ने स्कूलों में ज्वाइन नहीं किया है। भारत मिशन के कार्यालय और बीआरसी कार्यालय में यह अध्यापक डेरा जमाए हुए देखे जा सकते हैं। हैरानी इस बात की है कि शिक्षा विभाग भी इन अध्यापकों को स्कूलों में तैनात करवाने के लिए अभी तक उचित कार्रवाई नहीं कर पाया है।
विज्ञापन
रिलीव कर दिए अध्यापक: सुमन मिन्हास
साक्षर भारत मिशन के जिला समन्वयक सुमन मिन्हास ने बताया कि यह बात सही है कि अभियान 31 मार्च को समाप्त हो चुका है। अभियान को आगे चलाने की मंजूरी नहीं मिली। इसके चलते ब्लॉक कॉर्डिनेटर को रिलीव कर दिया गया। जो स्कूलों में ज्वाइन कर चुके हैं या कर रहे हैं।