{"_id":"5afedce74f1c1bd0408b64f1","slug":"11526652135-chamba-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुस्लिम भाईयों ने मिल कर अता की जुमै की नमाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुस्लिम भाईयों ने मिल कर अता की जुमै की नमाज
Updated Fri, 18 May 2018 07:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुस्लिम भाइयों ने अदा की नमाज
किहार (चंबा)। जिले में स्थित विभिन्न मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की गई। जुमे की नमाज अदा करने के लिए काफी तादात में लोग और बच्चे मौजूद रहे। जामा मस्जिद मनपनिहार में नजाम अब्दुल कादिर ने पढ़ाई। मुस्लिम भाइयों ने देश-दुनिया के लिए अमनोचैन की दुआ मांगी। दीने इस्लाम में जिन पांच चीजों को फर्ज करार दिया गया है, उनमें से एक अहम फर्ज रोजा भी है। इसका जिक्र अल्लाह की भेजी हुई मुकद्दस किताब कुराने पाक में भी है। रमजान का महीना इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है। इस पूरे माह में तीस रोजे रखे जाते हैं। इस महीने के खत्म होते ही दसवां साल-शवाल का महीना शुरू होता है। रमजान माह के रोजे को एक कर्ज करार दिया गया है।
विज्ञापन
किहार (चंबा)। जिले में स्थित विभिन्न मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की गई। जुमे की नमाज अदा करने के लिए काफी तादात में लोग और बच्चे मौजूद रहे। जामा मस्जिद मनपनिहार में नजाम अब्दुल कादिर ने पढ़ाई। मुस्लिम भाइयों ने देश-दुनिया के लिए अमनोचैन की दुआ मांगी। दीने इस्लाम में जिन पांच चीजों को फर्ज करार दिया गया है, उनमें से एक अहम फर्ज रोजा भी है। इसका जिक्र अल्लाह की भेजी हुई मुकद्दस किताब कुराने पाक में भी है। रमजान का महीना इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है। इस पूरे माह में तीस रोजे रखे जाते हैं। इस महीने के खत्म होते ही दसवां साल-शवाल का महीना शुरू होता है। रमजान माह के रोजे को एक कर्ज करार दिया गया है।