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जिले में चलने वाली एंबुलेंस हुईं खटारा
Updated Mon, 05 Nov 2018 07:20 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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चंबा। जिले में चल रही 108 और 102 एंबुलेंस वाहनों की हालत दयनीय हो चुकी है। इस वजह से हादसे का खतरा बना रहता है। इसके साथ ही कर्मचारियों ने अपने जिला प्रभारी पर मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप भी लगाया है। इसको लेकर कर्मचारियों ने जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सोमवार को शिकायत पत्र सौंपा। एंबुलेंस कर्मचारियों ने कहा कि उनसे जबरन खटारा हो चुकी एंबुलेंस को चलवाया जा रहा है। इससे मरीज और कर्मचारी दोनों की जान पर खतरा बना रहता है। खटारा एंबुलेंस किसी भी समय हादसे का कारण हो सकती है। इसका एक उदाहरण साहो में देखने को मिल चुका है। धक्का स्टार्ट एंबुलेंस अनियंत्रित होकर दुकान में घुस गई थी। इससे एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। एंबुुलेंस प्रबंधन ने इसका ठिकरा चालक पर थोप दिया। जबकि चालक की इसमें कोई भी गलती नहीं थी।
सीएमओ को ज्ञापन सौंपते समय कर्मचारियों ने कहा कि वह जब भी जिला प्रभारी को खटारा एंबुलेंस की रिपेयर करवाने की बात कहते हैं, तो वह उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं। इसकी वजह से उन्हें मानसिक परेशानी होना पड़ रहा है। इतना ही नहीं कर्मचारियों से अभद्र व्यवाहार किया जाता है। एंबुलेंस की पासिंग तिथि नजदीक आ रही है। इसलिए एंबुलेंस की पासिंग जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी अपनी निगरानी में करवाएं। ताकि गाड़ियों की सही से मरम्मत हो सके। उन्होंने कहा कि कुछ एंबुलेंस की हालत इतनी दयनीय हो चुकी है कि उन्हें चलाना खतरे से खाली नहीं है। ऐसी एंबुलेंस को बदलकर नई गाड़ी लाना आवश्यक है। जिससे मरीज और कर्मचारी खटारा एंबुलेंस का शिकार न बनें। इसको लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वाईडी शर्मा ने कंपनी प्रबंधन से बात करने का आश्वासन कर्मचारियों को दिया है।
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