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साच पास में हुई छह इंच बर्फबारी, दो बसें, एक दर्जन टैक्सियां फंसी
Updated Sat, 15 Sep 2018 11:08 PM IST
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साच पास में छह इंच बर्फबारी, दो बसें, एक दर्जन टैक्सियां फंसीं
बसों में सवार लोगों ने सड़क पर मिट्टी फेंक बनाया अस्थायी रास्ता, प्रशासन की ओर से नहीं मिली मदद
साच पास में फंसे यात्री टैक्सियों के माध्यम से किलाड़ के लिए हुए रवाना
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। कबायली क्षेत्र पांगी के चंबा-किलाड़ मार्ग पर साच पास में पहली बर्फबारी दर्ज की गई है। यहां पर शुक्रवार रात को करीब छह इंच ताजा बर्फबारी हुई है। इस वजह से मार्ग में दो बसें, एक एंबुलेंस और एक दर्जन टैक्सियां फंस गई। इससे बसों में सवार करीब 40 लोग भी बर्फ के बीच फंस गए। किलाड़ से चंबा जा रही बस को भी काफी मशक्कत के बाद वापिस भेजा गया। जबकि चंबा से किलाड़ जा रही बस अभी भी फंसी हुई है। एक एंबुलेंस जो शुक्रवार को ट्रैक्टर दुर्घटना के घायल को चंबा मेडिकल कॉलेज में छोड़ लौट रही थी। मगर रात को बर्फबारी होने से वह भी बीच रास्ते ही फंस गई। इस वजह से एंबुलेंस कर्मचारियों को पूरी रात गाड़ी के भीतर गुजारनी पड़ी। जबकि शनिवार को चंबा से पांगी और पांगी से चंबा जा रही टैक्सियां भी साचपास में फंस गई। बस और टैक्सियों में सवार लोगों ने बर्फ पर मिट्टी डालकर कुछ किमी चलने लायक रास्ता बनाया। तब जाकर टैक्सियां चंबा और पांगी को रवाना हो गई। बसों की सवारियों को भी टैक्सी के माध्यम से पांगी का रूख करना पड़ा। इसके लिए सवारियों को टैक्सी वालों को 200 रुपये किराया चुकाना पड़ा। मगर उनकी जान बच गई। वहीं साचपास में फंसे लोगों की मदद के लिए प्रशासन की ओर से कोई प्रयास नहीं किए गए। साच पास में फंसे वीरू, टेक चदं, रविंद्र, ममता, सुनील कुमार, हंसराज, सुरेंद्र, मान सिंह, हरीश चौहान, अक्षय और सोमराज ने बताया कि साचपास में मौसम खराब होते ही बर्फबारी होने की संभावना रहती है। इसलिए प्रशासन को इसके लिए पुख्ता इंतजाम रखने चाहिए। जिससे आपातकालीन के समय लोगों को सहायता मिल सके। सबसे ज्यादा परेशानी एक महिला, उसके पांच वर्षिय बेटे और बुजुर्ग हुई। वह पांगी से चंबा जा रहे थे। भूत ग्राउंड के पास बर्फबारी होने से बस यहां फंस गई। वह जोत में दो किमी पैदल ही आगे निकल गए। मगर उन्हें कोई लिफ्ट नहीं मिली। थक हारकर वे झाड़ियों के नीचे बैठकर रोने लगे। इन्हें चंबा की तरफ से पांगी जा रहे पैदल लोगों ने देखा। उन्होंने महिला, बच्चे और बजुर्ग को टैक्सी में बिठाकर चंबा रवाना करवाया। इसके लिए लोगों को दो किमी वापिस चंबा की तरफ जाना पड़ा। जहां से टैक्सियां चंबा को लौट रही थी।
मणिमहेश ने ओढ़ी बर्फ की सफेद चादर
भरमौर (चंबा)। पवित्र मणिमहेश के आसपास की चोटियों और पवित्र डल पर शनिवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और यहां हल्का हिमपात हुआ। हिमपात होने से क्षेत्र में ठंड काफी बढ़ गई है। हालांकि, शिव के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु पवित्र डल की तरफ कूच कर रहे हैं। वहीं, दूसरी और प्रशासन की ओर से भी यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को अपने साथ गर्म वस्त्र, बरसातियां और टार्च इत्यादि रखने संबंधी हिदायत भी जारी की गई है। ऐसे में बड़े शाही स्नान से एक दिन पूर्व मणिमहेश में होने वाले हल्के हिमपात ने श्रद्धालुओं की कड़ी परीक्षा ली है।
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बसों में सवार लोगों ने सड़क पर मिट्टी फेंक बनाया अस्थायी रास्ता, प्रशासन की ओर से नहीं मिली मदद
साच पास में फंसे यात्री टैक्सियों के माध्यम से किलाड़ के लिए हुए रवाना
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। कबायली क्षेत्र पांगी के चंबा-किलाड़ मार्ग पर साच पास में पहली बर्फबारी दर्ज की गई है। यहां पर शुक्रवार रात को करीब छह इंच ताजा बर्फबारी हुई है। इस वजह से मार्ग में दो बसें, एक एंबुलेंस और एक दर्जन टैक्सियां फंस गई। इससे बसों में सवार करीब 40 लोग भी बर्फ के बीच फंस गए। किलाड़ से चंबा जा रही बस को भी काफी मशक्कत के बाद वापिस भेजा गया। जबकि चंबा से किलाड़ जा रही बस अभी भी फंसी हुई है। एक एंबुलेंस जो शुक्रवार को ट्रैक्टर दुर्घटना के घायल को चंबा मेडिकल कॉलेज में छोड़ लौट रही थी। मगर रात को बर्फबारी होने से वह भी बीच रास्ते ही फंस गई। इस वजह से एंबुलेंस कर्मचारियों को पूरी रात गाड़ी के भीतर गुजारनी पड़ी। जबकि शनिवार को चंबा से पांगी और पांगी से चंबा जा रही टैक्सियां भी साचपास में फंस गई। बस और टैक्सियों में सवार लोगों ने बर्फ पर मिट्टी डालकर कुछ किमी चलने लायक रास्ता बनाया। तब जाकर टैक्सियां चंबा और पांगी को रवाना हो गई। बसों की सवारियों को भी टैक्सी के माध्यम से पांगी का रूख करना पड़ा। इसके लिए सवारियों को टैक्सी वालों को 200 रुपये किराया चुकाना पड़ा। मगर उनकी जान बच गई। वहीं साचपास में फंसे लोगों की मदद के लिए प्रशासन की ओर से कोई प्रयास नहीं किए गए। साच पास में फंसे वीरू, टेक चदं, रविंद्र, ममता, सुनील कुमार, हंसराज, सुरेंद्र, मान सिंह, हरीश चौहान, अक्षय और सोमराज ने बताया कि साचपास में मौसम खराब होते ही बर्फबारी होने की संभावना रहती है। इसलिए प्रशासन को इसके लिए पुख्ता इंतजाम रखने चाहिए। जिससे आपातकालीन के समय लोगों को सहायता मिल सके। सबसे ज्यादा परेशानी एक महिला, उसके पांच वर्षिय बेटे और बुजुर्ग हुई। वह पांगी से चंबा जा रहे थे। भूत ग्राउंड के पास बर्फबारी होने से बस यहां फंस गई। वह जोत में दो किमी पैदल ही आगे निकल गए। मगर उन्हें कोई लिफ्ट नहीं मिली। थक हारकर वे झाड़ियों के नीचे बैठकर रोने लगे। इन्हें चंबा की तरफ से पांगी जा रहे पैदल लोगों ने देखा। उन्होंने महिला, बच्चे और बजुर्ग को टैक्सी में बिठाकर चंबा रवाना करवाया। इसके लिए लोगों को दो किमी वापिस चंबा की तरफ जाना पड़ा। जहां से टैक्सियां चंबा को लौट रही थी।
मणिमहेश ने ओढ़ी बर्फ की सफेद चादर
भरमौर (चंबा)। पवित्र मणिमहेश के आसपास की चोटियों और पवित्र डल पर शनिवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और यहां हल्का हिमपात हुआ। हिमपात होने से क्षेत्र में ठंड काफी बढ़ गई है। हालांकि, शिव के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु पवित्र डल की तरफ कूच कर रहे हैं। वहीं, दूसरी और प्रशासन की ओर से भी यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को अपने साथ गर्म वस्त्र, बरसातियां और टार्च इत्यादि रखने संबंधी हिदायत भी जारी की गई है। ऐसे में बड़े शाही स्नान से एक दिन पूर्व मणिमहेश में होने वाले हल्के हिमपात ने श्रद्धालुओं की कड़ी परीक्षा ली है।
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