{"_id":"59a6f0914f1c1b3e738b47da","slug":"101504112785-chamba-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शाही स्नान खत्म होने के बाद भी मणिमहेश को कूच कर रहे श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शाही स्नान खत्म होने के बाद भी मणिमहेश को कूच कर रहे श्रद्धालु
Updated Wed, 30 Aug 2017 10:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रणजीत शर्मा
भरमौर(चंबा)। पवित्र मणिमहेश यात्रा में राधाष्टमी को आयोजित हुए शाही स्नान के बाद बुधवार को भी कुछ श्रद्धालु मणिमहेश की ओर जाते हुए देखे गए। हालांकि, शाही स्नान के समाप्त होने के बाद अधिकतर श्रद्धालु डल में डुबकी लगाकर वापसी कर चुके हैं। वहीं, इस मर्तबा मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का पंजीकरण न होने की स्थिति में भरमौर प्रशासन भी डल में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का मात्र अनुमान ही लगा रहा है।
7 अगस्त से शुरू हुई मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं का प्रशासन के पास सही आंकड़ा नहीं है। प्रशासन द्वारा ये अनुमान ही लगाया जा रहा है कि 7 अगस्त से अब तक करीबन साढ़े चार लाख श्रद्धालु पवित्र डल में डुबकी लगा चुके हैं। श्रद्धालुओं की आमद से इस बार सात लाख श्रद्धालुओं के डल में डुबकी लगाने का आभास होता है। मणिमहेश यात्रा पर वाया कलाह, वाया कुगति आने वाले श्रद्धालुओं बारे प्रशासन पूरी तरह से अनभिज्ञ है। ऐसा पहली मर्तबा ही हुआ है कि मणिमहेश यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं किसी प्रकार का कोई भी पंजीकरण ही नहीं किया गया है। इससे पूर्व छोटे स्नान से लेकर बडे़ स्नान तक श्रद्धालुओं का आगमन होता था। इस बार छोटे न्हौण से पहले और बड़े न्हौण के बाद भी श्रद्धालुओं के पवित्र डल में डुबकी लगाने का क्रम जारी है। शाही स्नान के बाद बुधवार को डलझील पर एक हजार श्रद्धालु मौजूद रहे। प्रशासन ने 31 अगस्त तक मुख्य पड़ावों पर ड्यूटी पर गए कर्मचारियों को रहने की हिदायत दी है। वहीं, अन्य सेक्टरों से स्टाफ ने अब वापसी का करना आरंभ कर दिया है।
हेली टैक्सी सेवा का ही मिला आंकड़ा
पवित्र मणिमहेश यात्रा के दौरान हेली टैक्सी सेवा के जरिए यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और फ्लाइटों की जानकारी तो हेली टैक्सी सेवा में कार्यरत कंपनी प्रबंधन भरमौर प्रशासन को देता रहा। पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं का सही आंकड़ा भरमौर प्रशासन के पास नहीं है। यदि प्रशासन इस बार श्रद्धालुओं का पंजीकरण करवाता तो इस संशय से पर्दा हट जाता कि किस-किस राज्यों से आने वाले कितने श्रद्धालुओं ने पवित्र डल में डुबकी लगाई है। साथ ही विभिन्न पड़ावों पर रखे गए दानपात्रों में एकत्रित होने वाले चढ़ावे का भी पता चल जाना था।
विज्ञापन
मणिमहेश यात्रा के दौरान पेश आने वाली खामियों को दूर करने के लिए प्रशासन हर बार हरेक सेक्टर अधिकारियों और फील्ड स्टाफ से खामियों की जानकारी लेकर उसे सुधारे जाने के कदम उठाने की बात करता है। हर बार श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान पार्किंग, सफर के लिए वाहन न मिलना, मेडिकल, ठहरने की सुविधा आदि कई समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है।
विज्ञापन
भरमौर(चंबा)। पवित्र मणिमहेश यात्रा में राधाष्टमी को आयोजित हुए शाही स्नान के बाद बुधवार को भी कुछ श्रद्धालु मणिमहेश की ओर जाते हुए देखे गए। हालांकि, शाही स्नान के समाप्त होने के बाद अधिकतर श्रद्धालु डल में डुबकी लगाकर वापसी कर चुके हैं। वहीं, इस मर्तबा मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का पंजीकरण न होने की स्थिति में भरमौर प्रशासन भी डल में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का मात्र अनुमान ही लगा रहा है।
7 अगस्त से शुरू हुई मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं का प्रशासन के पास सही आंकड़ा नहीं है। प्रशासन द्वारा ये अनुमान ही लगाया जा रहा है कि 7 अगस्त से अब तक करीबन साढ़े चार लाख श्रद्धालु पवित्र डल में डुबकी लगा चुके हैं। श्रद्धालुओं की आमद से इस बार सात लाख श्रद्धालुओं के डल में डुबकी लगाने का आभास होता है। मणिमहेश यात्रा पर वाया कलाह, वाया कुगति आने वाले श्रद्धालुओं बारे प्रशासन पूरी तरह से अनभिज्ञ है। ऐसा पहली मर्तबा ही हुआ है कि मणिमहेश यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं किसी प्रकार का कोई भी पंजीकरण ही नहीं किया गया है। इससे पूर्व छोटे स्नान से लेकर बडे़ स्नान तक श्रद्धालुओं का आगमन होता था। इस बार छोटे न्हौण से पहले और बड़े न्हौण के बाद भी श्रद्धालुओं के पवित्र डल में डुबकी लगाने का क्रम जारी है। शाही स्नान के बाद बुधवार को डलझील पर एक हजार श्रद्धालु मौजूद रहे। प्रशासन ने 31 अगस्त तक मुख्य पड़ावों पर ड्यूटी पर गए कर्मचारियों को रहने की हिदायत दी है। वहीं, अन्य सेक्टरों से स्टाफ ने अब वापसी का करना आरंभ कर दिया है।
विज्ञापन
हेली टैक्सी सेवा का ही मिला आंकड़ा
पवित्र मणिमहेश यात्रा के दौरान हेली टैक्सी सेवा के जरिए यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और फ्लाइटों की जानकारी तो हेली टैक्सी सेवा में कार्यरत कंपनी प्रबंधन भरमौर प्रशासन को देता रहा। पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं का सही आंकड़ा भरमौर प्रशासन के पास नहीं है। यदि प्रशासन इस बार श्रद्धालुओं का पंजीकरण करवाता तो इस संशय से पर्दा हट जाता कि किस-किस राज्यों से आने वाले कितने श्रद्धालुओं ने पवित्र डल में डुबकी लगाई है। साथ ही विभिन्न पड़ावों पर रखे गए दानपात्रों में एकत्रित होने वाले चढ़ावे का भी पता चल जाना था।
विज्ञापन
मणिमहेश यात्रा के दौरान पेश आने वाली खामियों को दूर करने के लिए प्रशासन हर बार हरेक सेक्टर अधिकारियों और फील्ड स्टाफ से खामियों की जानकारी लेकर उसे सुधारे जाने के कदम उठाने की बात करता है। हर बार श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान पार्किंग, सफर के लिए वाहन न मिलना, मेडिकल, ठहरने की सुविधा आदि कई समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है।