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Chamba News: चंबा मेडिकल कॉलेज में पर्ची के लिए चुकाने होंगे 10 रुपये

Mon, 27 Oct 2025 10:42 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Mon, 27 Oct 2025 10:42 PM IST
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10 rupees will have to be paid for the prescription in Chamba Medical College
चंबा मेडिकल कॉलेज पर्ची काउंटर में पर्ची बनवाने के लिए लगी लोगों की लाइन। संवाद
चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा में अब लोगों को ओपीडी की पर्ची बनवाने के लिए 10 रुपये का शुल्क चुकाना होगा। यह नई व्यवस्था सोमवार से लागू हो गई है, जिससे जिलेभर में चर्चाएं और विरोध का माहौल है।
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स्थानीय निवासी अशोक कुमार, विनोद कुमार, गुरमीत, वीर सिंह, सुरेश ठाकुर, दीपक शर्मा, मनोज कुमार, संजय शर्मा और महिंद्र सिंह का कहना है कि चंबा पहले से ही आकांक्षी जिले के तहत आता है, और अब सरकार ने इस तरह के शुल्क वसूलने का कदम उठाकर गरीबों पर और अधिक आर्थिक बोझ डाल दिया है।
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उन्होंने कहा कि पहले निजी अस्पतालों में पर्ची के लिए पैसे वसूले जाते थे, लेकिन अब सरकारी अस्पतालों में भी यह व्यवस्था लागू की गई है, जिससे गरीब मरीजों के लिए इलाज करवाना और मुश्किल हो जाएगा। उनका आरोप है कि आने वाले समय में दवाई और टेस्ट के लिए भी पैसे वसूले जा सकते हैं।
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रोगी कल्याण समिति के खाते में जमा होगी राशि
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कहा कि यह 10 रुपये का शुल्क रोगी कल्याण समिति के खाते में जमा होगा, जिसका इस्तेमाल मरीजों के इलाज, दवाइयों और अन्य आवश्यकताओं के लिए किया जाएगा।
विधायक डाॅ. जनक राज ने घेरा
बताया जा रहा है कि रोगी कल्याण समिति की बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष की सहमति के बाद इस शुल्क को लागू किया गया है। हालांकि, इस निर्णय को लेकर विरोध के स्वर उठ रहे हैं। भाजपा विधायक डॉ. जनकराज ने इस निर्णय की आलोचना करते हुए कहा कि आम जनता विरोधी फैसले लेने से पहले कांग्रेस सरकार ने विपक्ष और आम जनता से पूछने की जरूरत नहीं समझी। जबसे सरकार बनी है, तबसे लोगों से वसूली की जा रही है।
रोजाना 1,000 की ओपीडी, महीने में जमा हो सकते हैं तीन लाख रुपये
अगर रोजाना 1,000 मरीज ओपीडी में आते हैं, तो अनुमान है कि इस शुल्क से रोजाना 10,000 रुपये की राशि इकट्ठा होगी, जो महीने में 2.5 से तीन लाख रुपये तक पहुंच सकती है। अब यह देखने वाली बात होगी कि यह राशि कैसे उपयोग की जाती है, और क्या यह वाकई मरीजों के कल्याण में खर्च होती है या फिर किसी अन्य उद्देश्य के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।

मेडिकल कॉलेज में पर्ची के लिए 10 रुपये का शुल्क शुरू किया है। यह राशि मरीजों को बेहतर सेवाएं देने के लिए खर्च की जाएगी। डॉ. जालम सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज चंबा
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