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Himachal News: हिमाचल प्रदेश के दो औद्योगिक और तीन पर्यटन जिलों में कारोबार ने पकड़ी रफ्तार

Sun, 29 Jun 2025 01:29 PM IST
अंकेश डोगरा अनिमेष कौशल, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
अनिमेष कौशल, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Sun, 29 Jun 2025 01:29 PM IST
सार

हिमाचल प्रदेश में वित्त वर्ष 2024-25 में सोलन, सिरमौर, शिमला, कुल्लू और किन्नौर जिले में ऋण-जमा अनुपात 40 फीसदी से अधिक रहा। पढ़ें पूरी खबर...

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Business picked up pace in two industrial and three tourism districts of Himachal Pradesh
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के दो औद्योगिक और तीन पर्यटन जिलों ने कारोबार में रफ्तार पकड़ी है। वित्त वर्ष 2024-25 में सोलन, सिरमौर, शिमला, कुल्लू और किन्नौर जिला में ऋण-जमा अनुपात 40 फीसदी से अधिक रहा। 2023-24 के मुकाबले में इन जिलों से दो से तीन फीसदी की सीडीआर में बढ़ोतरी दर्ज हुई। शेष सात जिलों में बैंकों से उधार लेने में हिमाचली कतरा रहे हैं। इन जिलों में ऋण जमा अनुपात 33 फीसदी से भी कम है। प्रदेश के लोग जितनी धनराशि बैंकों में जमा कर रहे हैं, उसके अनुपात में ऋण नहीं ले रहे हैं।

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राज्य के सात जिलों के लोग ऋण लेने के मामले में काफी पीछे हैं। इन जिलों में लोगों का 50 से 60 फीसदी पैसा बैंकों में ही जमा रह जाता है। वह उसका इस्तेमाल अपने स्वरोजगार, कारोबार, सुविधाएं और संसाधन जुटाने में नहीं कर रहे। औद्योगिक जिला सोलन और सिरमौर के बैंकों का प्रदर्शन सीडी रेशाे में सबसे बेहतर है। सोलन जिला में सीडी रेशो 82.31 और सिरमौर में 78.11 फीसदी है। सात जिलों बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति, मंडी और ऊना में ऋण जमा अनुपात 33 फीसदी से कम है। इससे सरकार भी चिंतित है। वित्त विभाग ने कम सीडी अनुपात के कारणों की पहचान करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए जिला स्तर पर विशेष सब कमेटियों बनाने को कहा है। सीडी रेशो दर्शाता है कि बैंकों ने निर्धारित जमा धनराशियों में से कितना उधार दिया है।

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वित्त विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कम अनुपात संकेत देता है कि बैंक अपने ढांचे का पूरा उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में बैंकों से और अधिक सक्रियता दिखाने की अपेक्षा है। सरकार की चिंता की वजह यह भी है कि उसकी स्वरोजगार से जुड़ीं कई योजनाएं ऋण आधारित हैं। ऋण जमा अनुपात कम होने का संकेत यह भी है कि लोगों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच रहा है, इसलिए सरकार चाहती है कि बैंक कम सीडी रेशो के कारणों की पहचान करें, ताकि इसके अंतर को आदर्श स्तर तक लाया जा सके।

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जिलावार बैंकों का ऋण जमा अनुपात
जिला                 सीडीआर 
हमीरपुर              24.17 %
लाहौल-स्पीति      24.52%
बिलासपुर           28.82%
कांगड़ा               26.56%
मंडी                   30.73%
ऊना                   31.52%

जिला                 सीडीआर  
चंबा                   34.76%
शिमला               44.49%
कुल्लू                 45.35%
किन्नौर               46.10%
सिरमौर              78.11%
सोलन                82.31%
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