{"_id":"652048c035b3cea5d40b99a6","slug":"zip-cadre-employees-continued-the-strike-even-after-the-notice-was-issued-bilaspur-news-c-92-1-ssml1003-6733-2023-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: नोटिस जारी होने के बाद भी जिप कैडर कर्मचारियों ने जारी रखी हड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: नोटिस जारी होने के बाद भी जिप कैडर कर्मचारियों ने जारी रखी हड़ताल
विज्ञापन
- प्रशासन ने सुबह 10 बजे ड्यूटी ज्वाइन करने के दिए थे निर्देश
- पंचायत समितियां भी समर्थन में उतरीं, ज्ञापन सौंपे
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। सरकार के हड़ताल छोडक़र वापस काम पर लौटने के आदेशों के बावजूद जिला परिषद के हड़ताली कर्मचारी जिले के चारों विकास खंड में अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। इसी कड़ी में प्रशासन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे जिला परिषद कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है। इन कर्मचारियों को वीरवार सुबह 10 बजे ड्यूटी ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कर्मचारियों ने इन आदेशों को नजरअंदाज कर अपनी हड़ताल सातवें दिन भी जारी रखी है।
प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया था कि यदि वह काम पर नहीं लौटे तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बावजूद इसके विकासखंड घुमारवीं के अंतर्गत जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों ने अपनी कलम छोड़ हड़ताल को जारी रखा। वहीं, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे जिला परिषद के कर्मचारियों के समर्थन में पंचायत समिति के सदस्य भी उतर गए हैं। पंचायत समिति के सदस्यों और पदाधिकारियों ने सदर, झंडूता, घुमारवीं में बीडीओ और एसडीएम को ज्ञापन सौंपे। घुमारवीं पंचायत समिति के सदस्यों ने उनके समर्थन में पंचायत समिति अध्यक्ष रमेश ठाकुर की अध्यक्षता में एसडीएम गौरव चौधरी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा, जिसमें मांग की गई की जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों को जल्दी से जल्दी पंचायती राज विभाग में मर्ज किया जाए ताकि सभी कर्मचारी जल्दी से जल्दी अपने कार्यालय में नियमित रूप से जाकर पंचायत के कार्यों को गति प्रदान कर सकें।
इस अवसर पर उनके साथ मुख्य रूप से पंचायत समिति के उपाध्यक्ष सतीश ठाकुर, पंचायत समिति सदस्य राजेश शर्मा, चमन शर्मा, सतीश ठाकुर, सरवन जमवाल, सुनीता ठाकुर, सुधा देवी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा है कि पंचायत स्तर के सचिवों, तकनीकी सहायकों और अन्य कर्मचारियों की कलम छोड़ो हड़ताल के कारण पूरे प्रदेश में पंचायत स्तर के विकासात्मक कार्यों और अन्य कार्यों पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। लोगों को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, अन्य प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए भारी परेशानी आ रही है। उनकी सरकार से मुख्य मांग है कि उन्हें जिला परिषद कैडर से बदल कर पंचायती राज विभाग में मर्ज किया जाए। साथ ही डीए आदि भत्तों का लाभ और ओपीएस स्कीम में भी लाया जाए।
विज्ञापन
इनसेट
झंडूता में भी सौंपा ज्ञापन
बरठीं। जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों की मांग के समर्थन में पंचायत प्रतिनिधियों ने खंड विकास अधिकारी झंडूता के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन को भेजा। इस मौका पर जिला परिषद कैडर कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी सहित पंचायत समिति सदस्य रणवीर सिंह, राजेश चंदेल, प्रधान मधु चंदेल, कुसुम लता, संगीता देवी, निक्कू राम, सुख देव, राज कुमार कौंडल, सरला देवी, नीलम कुमारी, उपप्रधान राकेश मेहता, राकेश चंदेल, श्याम लाल बैंस, रमेश चंद सहित विकासखंड झंडूता की समस्त पंचायत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
विज्ञापन
- पंचायत समितियां भी समर्थन में उतरीं, ज्ञापन सौंपे
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। सरकार के हड़ताल छोडक़र वापस काम पर लौटने के आदेशों के बावजूद जिला परिषद के हड़ताली कर्मचारी जिले के चारों विकास खंड में अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। इसी कड़ी में प्रशासन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे जिला परिषद कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है। इन कर्मचारियों को वीरवार सुबह 10 बजे ड्यूटी ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कर्मचारियों ने इन आदेशों को नजरअंदाज कर अपनी हड़ताल सातवें दिन भी जारी रखी है।
प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया था कि यदि वह काम पर नहीं लौटे तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बावजूद इसके विकासखंड घुमारवीं के अंतर्गत जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों ने अपनी कलम छोड़ हड़ताल को जारी रखा। वहीं, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे जिला परिषद के कर्मचारियों के समर्थन में पंचायत समिति के सदस्य भी उतर गए हैं। पंचायत समिति के सदस्यों और पदाधिकारियों ने सदर, झंडूता, घुमारवीं में बीडीओ और एसडीएम को ज्ञापन सौंपे। घुमारवीं पंचायत समिति के सदस्यों ने उनके समर्थन में पंचायत समिति अध्यक्ष रमेश ठाकुर की अध्यक्षता में एसडीएम गौरव चौधरी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा, जिसमें मांग की गई की जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों को जल्दी से जल्दी पंचायती राज विभाग में मर्ज किया जाए ताकि सभी कर्मचारी जल्दी से जल्दी अपने कार्यालय में नियमित रूप से जाकर पंचायत के कार्यों को गति प्रदान कर सकें।
विज्ञापन
इस अवसर पर उनके साथ मुख्य रूप से पंचायत समिति के उपाध्यक्ष सतीश ठाकुर, पंचायत समिति सदस्य राजेश शर्मा, चमन शर्मा, सतीश ठाकुर, सरवन जमवाल, सुनीता ठाकुर, सुधा देवी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा है कि पंचायत स्तर के सचिवों, तकनीकी सहायकों और अन्य कर्मचारियों की कलम छोड़ो हड़ताल के कारण पूरे प्रदेश में पंचायत स्तर के विकासात्मक कार्यों और अन्य कार्यों पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। लोगों को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, अन्य प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए भारी परेशानी आ रही है। उनकी सरकार से मुख्य मांग है कि उन्हें जिला परिषद कैडर से बदल कर पंचायती राज विभाग में मर्ज किया जाए। साथ ही डीए आदि भत्तों का लाभ और ओपीएस स्कीम में भी लाया जाए।
विज्ञापन
इनसेट
झंडूता में भी सौंपा ज्ञापन
बरठीं। जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों की मांग के समर्थन में पंचायत प्रतिनिधियों ने खंड विकास अधिकारी झंडूता के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन को भेजा। इस मौका पर जिला परिषद कैडर कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी सहित पंचायत समिति सदस्य रणवीर सिंह, राजेश चंदेल, प्रधान मधु चंदेल, कुसुम लता, संगीता देवी, निक्कू राम, सुख देव, राज कुमार कौंडल, सरला देवी, नीलम कुमारी, उपप्रधान राकेश मेहता, राकेश चंदेल, श्याम लाल बैंस, रमेश चंद सहित विकासखंड झंडूता की समस्त पंचायत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।