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Bilaspur News: आठवें नवरात्र पर की मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा
Tue, 30 Sep 2025 11:36 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Tue, 30 Sep 2025 11:36 PM IST
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धौलरा में चल रहे शरदोत्सव में पूजा के दौरान मौजूद श्रद्धालु। संवाद
सैकड़ों भक्तों ने श्रद्धाभाव से मां के चरणों में की पुष्पांजलि अर्पित
पूजा-अर्चना में आरती, भोग, हवन और संधिपूजा का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। धौलरा मंदिर में चल रहे शरदोत्सव यानी दुर्गा पूजा के आठवें नवरात्र पर मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा हुई। सैंकड़ों भक्तों ने श्रद्धाभाव से मां के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित की। पूजा-अर्चना में आरती, भोग, हवन और संधिपूजा का आयोजन किया गया। अष्टमी तिथि पर विशेष रूप से नारियल का भोग मां गौरी को अर्पित किया गया।इस धार्मिक आयोजन को शिमला से आए आचार्य सुधांशु भट्टाचार्य ने विधिवत रूप से संपन्न करवाया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार आदिशक्ति मां दुर्गा की नौ शक्तियों में आठवीं शक्ति ‘महागौरी’ भक्तों के सारे पापों को नष्ट कर देती हैं। कहा जाता है कि माता महागौरी ने अपने पूर्व जन्म में भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की, जिससे उनका शरीर काला पड़ गया। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उनके शरीर को गंगाजल से धोया और उनका वर्ण गौर हुआ। माता महागौरी की चार भुजाओं में एक हाथ में त्रिशूल, दूसरे में अभय मुद्रा, तीसरे में डमरू और चौथे में वर मुद्रा है। उनका वाहन वृष है। माना जाता है कि नवरात्र की अष्टमी तिथि को मां महागौरी की पूजा करने से भक्त के घर में सुख-शांति बनी रहती है और अन्नपूर्णा का वास होता है। इस दिन कन्या पूजन करने का भी विधान है।
संध्या समय आयोजित महागौरी की अष्टमी विहीत आरती में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर, राष्ट्रीय सेवा समिति की प्रांत कार्यवाहिका डाॅ. मुक्ता ने भी भाग लिया और मां के चरणों में शीश नवाया। इसके अलावा सप्तमी की सांध्यकालीन आरती में बिलासपुर सदर विधायक त्रिलोक जम्वाल और पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग ने भी शिरकत की। मोहित सांख्यान, दीपक शर्मा, राम पाल, जस्सी, अश्विनी शर्मा सहित अनेक लोग शामिल हुए।
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पूजा-अर्चना में आरती, भोग, हवन और संधिपूजा का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। धौलरा मंदिर में चल रहे शरदोत्सव यानी दुर्गा पूजा के आठवें नवरात्र पर मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा हुई। सैंकड़ों भक्तों ने श्रद्धाभाव से मां के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित की। पूजा-अर्चना में आरती, भोग, हवन और संधिपूजा का आयोजन किया गया। अष्टमी तिथि पर विशेष रूप से नारियल का भोग मां गौरी को अर्पित किया गया।इस धार्मिक आयोजन को शिमला से आए आचार्य सुधांशु भट्टाचार्य ने विधिवत रूप से संपन्न करवाया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार आदिशक्ति मां दुर्गा की नौ शक्तियों में आठवीं शक्ति ‘महागौरी’ भक्तों के सारे पापों को नष्ट कर देती हैं। कहा जाता है कि माता महागौरी ने अपने पूर्व जन्म में भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की, जिससे उनका शरीर काला पड़ गया। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उनके शरीर को गंगाजल से धोया और उनका वर्ण गौर हुआ। माता महागौरी की चार भुजाओं में एक हाथ में त्रिशूल, दूसरे में अभय मुद्रा, तीसरे में डमरू और चौथे में वर मुद्रा है। उनका वाहन वृष है। माना जाता है कि नवरात्र की अष्टमी तिथि को मां महागौरी की पूजा करने से भक्त के घर में सुख-शांति बनी रहती है और अन्नपूर्णा का वास होता है। इस दिन कन्या पूजन करने का भी विधान है।
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संध्या समय आयोजित महागौरी की अष्टमी विहीत आरती में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर, राष्ट्रीय सेवा समिति की प्रांत कार्यवाहिका डाॅ. मुक्ता ने भी भाग लिया और मां के चरणों में शीश नवाया। इसके अलावा सप्तमी की सांध्यकालीन आरती में बिलासपुर सदर विधायक त्रिलोक जम्वाल और पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग ने भी शिरकत की। मोहित सांख्यान, दीपक शर्मा, राम पाल, जस्सी, अश्विनी शर्मा सहित अनेक लोग शामिल हुए।
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