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Bilaspur News: एम्स में आभा एप की सुविधा के लिए अभी करना होगा इंतजार
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बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) एप की सुविधा के लिए मरीजों को अभी इंतजार करना होगा। बिलासपुर एम्स अभी इस एप से जुड़ नहीं पाया है। एम्स की अधिकारियों के अनुसार इसकी प्रक्रिया चल रही है। एप की सुविधा मिलने में चार से पांच माह का समय लगेगा। आभा एप से मरीजों को लाइन में लगे बिना पर्ची बनाने सहित अन्य सुविधाएं दी जाती हैं।
फरवरी में एम्स बिलासपुर को आभा एप से जोड़ने की घोषणा की गई थी। लेकिन अभी एम्स इस एप से नहीं जुड़ पाया है। भारत सरकार ने देश के सभी एम्स और बड़े स्वास्थ्य संस्थानों को आभा एप से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की है। आभा एप से मरीज बिना लाइन में लगे पर्ची बना सकेंगे। आभा एप से मरीज की मेडिकल हिस्ट्री और रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से संग्रहित रहेंगी। लोगों को सालों पुरानी रिपोर्ट आदि सहेजने की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही यदि ये रिपोर्ट, रसीद या इलाज संबंधी पेपर वर्क गुम हो जाते हैं तो भी उन्हें परेशान नहीं होना होगा। लेकिन बिलासपुर एम्स के मरीजों को यह सुविधा मिलने में अभी और इंतजार करना होगा। उधर, एम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश वर्मा ने बताया कि बिलासपुर एम्स में अभी आभा एप की सुविधा मिलने में करीब पांच माह का समय लगेगा। एम्स को एप से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है।
आभा एप से इस तरह बनवा सकेंगे पर्ची
आभा से पर्ची बनवाने के लिए मरीजों को मोबाइल में आभा एप को डाउनलोड करना होगा। आधार कार्ड और मोबाइल नंबर से रजिस्टर्ड करना होगा। अस्पताल के मुख्य द्वार पर आभा का क्यूआर कोड चस्पा रहेगा, उसे एप से स्कैन करते ही एक अकाउंट नंबर मिल जाएगा। मरीज को काउंटर पर उस नंबर को बताना होगा। लिपिक कंप्यूटर में नंबर को डालेगा। इससे मरीज के आधार कार्ड की जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी। मरीज से केवल बीमारी के बारे में पूछा जाएगा और डॉक्टर कक्ष का नंबर भरकर तत्काल पर्चा प्रिंट कर दे दिया जाएगा। इसके बाद मरीज डॉक्टर के पास चला जाएगा।
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फरवरी में एम्स बिलासपुर को आभा एप से जोड़ने की घोषणा की गई थी। लेकिन अभी एम्स इस एप से नहीं जुड़ पाया है। भारत सरकार ने देश के सभी एम्स और बड़े स्वास्थ्य संस्थानों को आभा एप से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की है। आभा एप से मरीज बिना लाइन में लगे पर्ची बना सकेंगे। आभा एप से मरीज की मेडिकल हिस्ट्री और रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से संग्रहित रहेंगी। लोगों को सालों पुरानी रिपोर्ट आदि सहेजने की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही यदि ये रिपोर्ट, रसीद या इलाज संबंधी पेपर वर्क गुम हो जाते हैं तो भी उन्हें परेशान नहीं होना होगा। लेकिन बिलासपुर एम्स के मरीजों को यह सुविधा मिलने में अभी और इंतजार करना होगा। उधर, एम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश वर्मा ने बताया कि बिलासपुर एम्स में अभी आभा एप की सुविधा मिलने में करीब पांच माह का समय लगेगा। एम्स को एप से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है।
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आभा एप से इस तरह बनवा सकेंगे पर्ची
आभा से पर्ची बनवाने के लिए मरीजों को मोबाइल में आभा एप को डाउनलोड करना होगा। आधार कार्ड और मोबाइल नंबर से रजिस्टर्ड करना होगा। अस्पताल के मुख्य द्वार पर आभा का क्यूआर कोड चस्पा रहेगा, उसे एप से स्कैन करते ही एक अकाउंट नंबर मिल जाएगा। मरीज को काउंटर पर उस नंबर को बताना होगा। लिपिक कंप्यूटर में नंबर को डालेगा। इससे मरीज के आधार कार्ड की जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी। मरीज से केवल बीमारी के बारे में पूछा जाएगा और डॉक्टर कक्ष का नंबर भरकर तत्काल पर्चा प्रिंट कर दे दिया जाएगा। इसके बाद मरीज डॉक्टर के पास चला जाएगा।
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