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Bilaspur News: आर्थिक तंगी और बकाया भुगतान ने बढ़ाई पेंशनरों की परेशानी
Mon, 13 Apr 2026 11:01 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 13 Apr 2026 11:01 PM IST
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ज्वाइंट फ्रंट ने सीएम से जल्द बैठक बुलाने की उठाई मांग
हिमाचल दिवस पर राहत घोषणाओं की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट ने प्रदेश के पेंशनरों की दयनीय स्थिति को लेकर सरकार के समक्ष गंभीर चिंता जताई है। फ्रंट के अध्यक्ष आत्माराम शर्मा, मुख्य संयोजक हरीश शर्मा, महासचिव ठाकुर हुकुम सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के पेंशनर वृद्धावस्था में आर्थिक तंगी और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जीवन के अंतिम चरण में भी पेंशनरों को पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाने में कठिनाई हो रही है, जिससे वे हताश और निराश हैं। पथ परिवहन निगम के पेंशनरों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही, वहीं कॉरपोरेट सेक्टर के सेवानिवृत्त कर्मचारी पेंशन से वंचित हैं। इसके अलावा विद्युत बोर्ड के पेंशनरों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। फ्रंट ने यह भी बताया कि जनवरी 2016 से जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त पेंशनरों के एरियर का भुगतान अब तक लंबित है। साथ ही भारी-भरकम चिकित्सा बिलों का भुगतान न होना भी चिंता का विषय बना हुआ है।
ज्वाइंट फ्रंट ने 17 दिसंबर 2025 को घुमारवीं में आयोजित महासम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मुख्यातिथि के रूप में शामिल होकर पेंशनरों को आश्वासन दिया था कि आगामी बजट में उनकी लंबित देनदारियों का प्रावधान किया जाएगा और विधानसभा सत्र के बाद समस्याओं के समाधान के लिए बैठक बुलाई जाएगी। फ्रंट ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र बैठक बुलाई जाए। साथ ही 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस के अवसर पर कम से कम एक डीए किश्त जारी करने, पूर्व में 4% के स्थान पर 3% दिए गए डीए की 1% विसंगति दूर करने और लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान इसी माह सुनिश्चित करने की मांग की है।
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हिमाचल दिवस पर राहत घोषणाओं की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट ने प्रदेश के पेंशनरों की दयनीय स्थिति को लेकर सरकार के समक्ष गंभीर चिंता जताई है। फ्रंट के अध्यक्ष आत्माराम शर्मा, मुख्य संयोजक हरीश शर्मा, महासचिव ठाकुर हुकुम सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के पेंशनर वृद्धावस्था में आर्थिक तंगी और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जीवन के अंतिम चरण में भी पेंशनरों को पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाने में कठिनाई हो रही है, जिससे वे हताश और निराश हैं। पथ परिवहन निगम के पेंशनरों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही, वहीं कॉरपोरेट सेक्टर के सेवानिवृत्त कर्मचारी पेंशन से वंचित हैं। इसके अलावा विद्युत बोर्ड के पेंशनरों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। फ्रंट ने यह भी बताया कि जनवरी 2016 से जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त पेंशनरों के एरियर का भुगतान अब तक लंबित है। साथ ही भारी-भरकम चिकित्सा बिलों का भुगतान न होना भी चिंता का विषय बना हुआ है।
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ज्वाइंट फ्रंट ने 17 दिसंबर 2025 को घुमारवीं में आयोजित महासम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मुख्यातिथि के रूप में शामिल होकर पेंशनरों को आश्वासन दिया था कि आगामी बजट में उनकी लंबित देनदारियों का प्रावधान किया जाएगा और विधानसभा सत्र के बाद समस्याओं के समाधान के लिए बैठक बुलाई जाएगी। फ्रंट ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र बैठक बुलाई जाए। साथ ही 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस के अवसर पर कम से कम एक डीए किश्त जारी करने, पूर्व में 4% के स्थान पर 3% दिए गए डीए की 1% विसंगति दूर करने और लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान इसी माह सुनिश्चित करने की मांग की है।
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