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Bilaspur News: निजी भूमि से खैर कटान पर कार्रवाई से भड़के ग्रामीण, पंचायत भी समर्थन में आई

Fri, 14 Nov 2025 11:49 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Fri, 14 Nov 2025 11:49 PM IST
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Villagers enraged by action against cutting of khair from private land, Panchayat also came in support
राजनीतिक दबाव, विभागीय ग्रीन फाइलिंग अटकी, किसानों को हो रहा भारी नुकसान
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। वन परिक्षेत्र घुमारवीं के विजयपुर वन बीट के तहत पंगियां में निजी भूमि से खैर कटान के मामले ने तूल पकड़ लिया है। विभागीय कार्रवाई से स्थानीय लोग नाराज हैं और पंचायत ग्रामीणों के समर्थन में खुलकर सामने आ गई हैं।

बताया कि कुछ लोगों की आपसी राजनीतिक खींचतान के चलते वन खंड समोह, झंडूता और घुमारवीं में लगभग 40 हजार पौधों की ग्रीन फाइलिंग 10 साल से अटकी है। इससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कहा कि किसानों ने यह पौधे इस उम्मीद में लगाए थे कि बड़े होकर इन्हें बेचकर उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी, लेकिन राजनीतिक लड़ाई ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया है। ग्राम पंचायत समोह की प्रधान सीता देवी, उप प्रधान सुनील शर्मा, विजयपुर पंचायत के प्रधान सतीश कुमार, उप प्रधान श्याम बैंस सहित पंचायत प्रतिनिधियों आशा देवी, सुभाष चंद, अनीश चंदेल, सुशील चंदेल, मनीष चंदेल, ओम चंदेल और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि भूमि मालिकों ने अपनी निजी जमीन से अपने उपयोग के लिए खैर व अन्य पेड़ काटे थे। विभागीय नियम के अनुसार तीन पेड़ों से अधिक कटान पर जांच हुई, विभाग ने ग्रामीणों पर 60 हजार रुपये जुर्माना लगाकर कार्रवाई कर दी। कहा कि कुछ राजनीतिक लोग इस पूरे मामले को बेवजह राजनीतिक रंग देकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। कहा कि यह सरासर गलत है और इसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं। बताया कि यह खैर 10 वर्षीय खैर पातन कार्यक्रम के तहत काटे जाने थे और लगभग 200 किसानों ने इस संबंध में कोर्ट में भी याचिका दायर की है। इतना ही नहीं, 17 पंचायतों की ओर से ग्रीन फाइलिंग खोलने को लेकर मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भी भेजे जा चुके हैं। इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल विभागीय अधिकारियों और दबाव बनाने वाले नेताओं के खिलाफ शिकायत लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलेगा।
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