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Bilaspur News: पहली ही आम सभा में पुराने कार्यों का हिसाब मांगने पर हंगामा

Sun, 26 Jul 2026 12:25 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jul 2026 12:25 AM IST
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Uproar over demands for an account of past activities at the very first general meeting.
सलोंह उपरली पंचायत में ग्रामीणों ने उठाए विकास कार्यों पर सवाल
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सोशल ऑडिट और खर्च का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग

संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। उपतहसील भराड़ी की ग्राम पंचायत सलोंह उपरली की पहली आम सभा में शनिवार को पिछली पंचायत के विकास कार्यों का हिसाब मांगने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने नई पंचायत की कार्रवाई शुरू करने से पहले पिछले कार्यकाल में हुए विकास कार्यों और उन पर खर्च की गई सरकारी राशि का पूरा ब्योरा आम सभा में रखने की मांग कर दी। इस दौरान काफी देर तक बहस होती रही और बैठक का माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले पंचायत कार्यकाल में कई विकास कार्यों पर सरकारी धन खर्च होने का दावा किया गया, लेकिन कुछ कार्य धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। उनका कहना था कि पंचायत में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक विकास कार्य का रिकॉर्ड, स्वीकृत बजट और व्यय का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए। कश्मीर चंद, ज्ञान चंद, शलोक, पंकज और अनिल पठानिया सहित कई ग्रामीणों ने कहा कि आम सभा पंचायत की सर्वोच्च संस्था है और लोगों को पंचायत के कार्यों की जानकारी मांगने का पूरा अधिकार है। उनका कहना था कि यदि विकास कार्यों का सही विवरण ही उपलब्ध नहीं कराया जाएगा तो पंचायत व्यवस्था पर लोगों का विश्वास कैसे कायम रहेगा। ग्रामीणों का आरोप था कि जब उन्होंने पंचायत सचिव से विभिन्न विकास कार्यों के दस्तावेज और खर्च का विवरण मांगा तो उन्हें मौके पर संतोषजनक जानकारी नहीं मिल सकी। इससे बैठक में तीखी बहस शुरू हो गई। ग्रामीणों ने मांग की कि पिछली पंचायत के कार्यकाल में हुए सभी विकास कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति लोगों के सामने आ सके।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की कि यदि किसी विकास कार्य में अनियमितता सामने आती है तो निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि पंचायत में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। हालांकि बाद में बैठक की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई, लेकिन ग्रामीण पुराने विकास कार्यों का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की मांग पर कायम रहे। पंचायत सचिव नीलम कुमारी ने कहा कि पंचायत में विकास कार्य निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से कराए जाते हैं। पिछली पंचायत के कार्यकाल में भी आम सभाएं हुई थीं, लेकिन उस समय विकास कार्यों को लेकर इस तरह के सवाल नहीं उठाए गए। अब ग्रामीण जो जानकारी मांग रहे हैं, उन्हें नियमानुसार उपलब्ध कराई जा रही है।
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