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केंद्रीय बजट : शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर जोर, महंगाई पर आमजन की उम्मीदें बरकरार

Sun, 01 Feb 2026 11:02 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sun, 01 Feb 2026 11:02 PM IST
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Union Budget: Emphasis on education, health and employment, public's expectations on inflation remain intact
सुशीला
मेडिकल टूरिज्म और कौशल विकास जैसी योजनाओं का प्रस्ताव लोगों के लिए उम्मीद का सबब
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आयकर सरलीकरण, दंड और अभियोजन में नरमी जैसी घोषणाओं से मध्यम और छोटे व्यवसायियों को राहत

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर जिले में आम लोगों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली हैं। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, कृषि और बुनियादी ढांचे पर जोर दिया गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह बजट दीर्घकालीन विकास और भविष्य की जरूरतों के लिए अहम है, लेकिन महंगाई पर तत्काल राहत और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जरूरत अभी भी बनी हुई है।
बजट में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय बढ़ाने, एमएसएमई विकास निधि, हर जिले में छात्रावास, मेडिकल टूरिज्म और कौशल विकास जैसी योजनाओं का प्रस्ताव लोगों के लिए उम्मीद का सबब है। वहीं आयकर सरलीकरण, दंड और अभियोजन में नरमी जैसी घोषणाओं से मध्यम वर्ग और छोटे व्यवसायियों को राहत मिल सकती है।
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इनसेट

गृहणी सुशीला ने कहा कि बजट में दीर्घकालीन योजनाएं बहुत अच्छी हैं, लेकिन हमारी रोजमर्रा की जरूरतें-दाल, तेल, गैस और सब्जियों-की महंगाई पर सीधी राहत नहीं दिखी। गृहणियों के लिए घरेलू बजट पर ध्यान देना भी जरूरी है। अगर इन आवश्यक वस्तुओं की कीमतें नियंत्रित हों, तो विकास योजनाओं का असर सीधे परिवार पर दिखाई देगा।
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इनसेट

निजी कंपनी में कार्यरत संजीव ने कहा कि आयकर नियमों के सरलीकरण और दंड-प्रक्रिया में नरमी से मध्यम वर्ग को कुछ राहत मिलेगी। विशेषकर जुर्माने और अभियोजन में सरलता सकारात्मक कदम है। लेकिन आम खर्च और महंगाई पर भी ध्यान देना आवश्यक है। हमें उम्मीद है कि सरकारी योजनाएं सिर्फ घोषणा नहीं बल्कि जमीन पर दिखेंगी।

इनसेट

बिलासपुर कॉलेज के छात्र आदित्य ठाकुर ने कहा कि हर जिले में लड़कियों के छात्रावास बनाने का प्रस्ताव बहुत मददगार है। इससे दूर-दराज़ क्षेत्रों की छात्राओं को पढ़ाई जारी रखने में सुविधा होगी। एवीजीसी कंटेंट लैब जैसी तकनीकी योजनाएं भी छात्रों को कौशल विकास का अवसर देंगी।


इनसेट

सामाजिक कार्यकर्ता सतीश ठाकुर ने कहा कि बजट में मेडिकल टूरिज्म, क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र और मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के लिए प्रस्ताव अच्छे हैं। यदि जिला और उपमंडलीय अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाता है, तो आम आदमी को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा पशुपालन और पशु चिकित्सा केंद्रों का विकास भी स्वास्थ्य और रोजगार दोनों में मददगार होगा।

इनसेट

भराड़ी के व्यापारी राकेश का कहना है कि एसएमई विकास निधि और पूंजीगत व्यय बढ़ाने से छोटे व्यापारियों और स्टार्टअप्स को मदद मिलेगी। आसान ऋण, ब्याज दरों में कमी और प्रशिक्षण से व्यापार बढ़ाने में सहायता मिलेगी। लेकिन प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल और तेज होनी चाहिए, तभी छोटे व्यवसायों को असली लाभ मिलेगा।


इनसेट

झंडूता के किसान राजेंद्र ने कहा कि एआई आधारित कृषि सलाह, सहकारी समितियों को राहत और पशुपालन योजनाएं किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेंगी। खासकर तकनीकी सहायता और जोखिम कम करने वाले उपाय ग्रामीण इलाकों में महत्वपूर्ण हैं। अगर इन योजनाओं को समय पर और गांव तक पहुंचाया जाए तो फायदा साफ दिखेगा।

सुशीला

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