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Bilaspur News: सामान्य वर्ग के बेरोजगारों को भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए आयु सीमा में दी जाए छूट
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हिमाचल किसान एवं जन कल्याण सभा ने सरकार से की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश के प्रशिक्षित और शिक्षित बेरोजगार कई वर्ष से रोजगार प्राप्त करने के लिए प्रयासरत हैं। इनमें से हजारों बेरोजगार अधिक उम्र के हो चुके हैं। हिमाचल किसान एवं जन कल्याण सभा ने नौकरी में आरक्षित वर्ग को आयु सीमा में दी जाने वाली छूट की तर्ज पर सामान्य वर्ग के बेरोजगारों के लिए भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए आयु वर्ग में छूट दिए जाने की मांग की है।
पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व में रही सरकार ने खाली घोषणाओं में ही पांच वर्ष व्यतीत कर दिए थे। कोई भी बेरोजगार हित में सही निर्णय नहीं ले पाए। पूर्व में रही सरकार ने भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। जबकि पूर्व में ही सरकार ने जुलाई 2021 में अध्यापकों के पदों को भरने की स्वीकृति दी थी, लेकिन उन पदों को अपने कार्यकाल में नहीं भर पाई। केवल बेरोजगारों का शोषण ही किया गया। जिस कारण आज सत्ता से बाहर होना पड़ा। बेरोजगार रोजगार ढूंढते हजारों युवा और युवतियां आज ओवरएज हो चुके हैं। सरकारों की गलतियों के कारण समयानुसार पदों को न भरने के कारण बेरोजगारों के साथ हमेशा घोर अन्याय होता आ रहा है। बेरोजगारों में हिमाचल किसान एवं जन कल्याण सभा के प्रदेश सह सचिव संजय कुमार, जय राम, राजेश कुमार, संजीव कुमार, रितु कुमारी, रीना कुमारी, महेंद्र कुमार, साक्षी शर्मा, मनोज धीमान, पंकज कुमार, राजेश कुमार आदि कई बेरोजगारों ने यह बात कही।
कहा कि इस महंगाई के दौर में दो जून की रोटी का जुटाना भी मुश्किल हो रहा है, लेकिन सरकार बेरोजगारों के लिए कुछ नहीं कर रही है। जिन बेरोजगारों की आयु अधिक हो चुकी है उन्हें पांच वर्ष की अतिरिक्त छूट दी जाए। ताकि उनको लाभ मिल सके, जबकि आरक्षित वर्ग वालों को आयु में छूट दी जाती है तो सामान्य वर्ग को भी आयु में छूट दी जाए। इन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू,उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, शिक्षा मंत्री से अपील की है कि हिमाचल प्रदेश के तमाम शिक्षित व प्रशिक्षित बेरोजगार हित में उनकी मांग को पूरा कर दिया जाए। ताकि उन्हें भी प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिल सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश के प्रशिक्षित और शिक्षित बेरोजगार कई वर्ष से रोजगार प्राप्त करने के लिए प्रयासरत हैं। इनमें से हजारों बेरोजगार अधिक उम्र के हो चुके हैं। हिमाचल किसान एवं जन कल्याण सभा ने नौकरी में आरक्षित वर्ग को आयु सीमा में दी जाने वाली छूट की तर्ज पर सामान्य वर्ग के बेरोजगारों के लिए भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए आयु वर्ग में छूट दिए जाने की मांग की है।
पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व में रही सरकार ने खाली घोषणाओं में ही पांच वर्ष व्यतीत कर दिए थे। कोई भी बेरोजगार हित में सही निर्णय नहीं ले पाए। पूर्व में रही सरकार ने भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। जबकि पूर्व में ही सरकार ने जुलाई 2021 में अध्यापकों के पदों को भरने की स्वीकृति दी थी, लेकिन उन पदों को अपने कार्यकाल में नहीं भर पाई। केवल बेरोजगारों का शोषण ही किया गया। जिस कारण आज सत्ता से बाहर होना पड़ा। बेरोजगार रोजगार ढूंढते हजारों युवा और युवतियां आज ओवरएज हो चुके हैं। सरकारों की गलतियों के कारण समयानुसार पदों को न भरने के कारण बेरोजगारों के साथ हमेशा घोर अन्याय होता आ रहा है। बेरोजगारों में हिमाचल किसान एवं जन कल्याण सभा के प्रदेश सह सचिव संजय कुमार, जय राम, राजेश कुमार, संजीव कुमार, रितु कुमारी, रीना कुमारी, महेंद्र कुमार, साक्षी शर्मा, मनोज धीमान, पंकज कुमार, राजेश कुमार आदि कई बेरोजगारों ने यह बात कही।
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कहा कि इस महंगाई के दौर में दो जून की रोटी का जुटाना भी मुश्किल हो रहा है, लेकिन सरकार बेरोजगारों के लिए कुछ नहीं कर रही है। जिन बेरोजगारों की आयु अधिक हो चुकी है उन्हें पांच वर्ष की अतिरिक्त छूट दी जाए। ताकि उनको लाभ मिल सके, जबकि आरक्षित वर्ग वालों को आयु में छूट दी जाती है तो सामान्य वर्ग को भी आयु में छूट दी जाए। इन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू,उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, शिक्षा मंत्री से अपील की है कि हिमाचल प्रदेश के तमाम शिक्षित व प्रशिक्षित बेरोजगार हित में उनकी मांग को पूरा कर दिया जाए। ताकि उन्हें भी प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिल सके।
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