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Two Orthopedists in District Hospital
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जिला अस्पताल में दो हड्डी रोग विशेषज्ञ
नियुक्त, शुरू हुए में ऑर्थो के ऑपरेशन
अब आपात स्थिति में मरीजों को नहीं ले जाना पड़ेगा आईजीएमसी या चंडीगढ़
एक साल से अस्पताल में एक ही चिकित्सक तैनात होने से होती थी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला अस्पताल बिलासपुर में अब हड्डी रोग के मरीजों को पूरा इलाज मिलेगा। जिले की करीब चार लाख की आबादी को अब आपात स्थिति में चंडीगढ़ और आईजीएमसी का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे पहले अगर कोई हादसा हो जाता था और ऑपरेशन की स्थिति में मरीजों को आईजीएमसी या पीजीआई रेफर कर दिया जाता था।
अब जिला अस्पताल में दो हड्डी रोग विशेषज्ञों की नियुक्ति होने से जिला अस्पातल में ही ऑपरेशन की सुविधा मिल जाएगी। एक साल से जिला अस्पताल में एक ही हड्डी रोग विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे थे। इस कारण अस्पताल में परामर्श और माइनर ऑपरेशन की सुविधा ही मिल रही थी। ऐसे में कोई सड़क हादसा या फिर अन्य मामले में जिसमें हड्डी से जुड़ा कोई ऑपरेशन करवाना होता था तो मरीज और तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ती थी। क्योंकि ऐसी स्थिति में उन्हें दूसरे संस्थानों के लिए रेफर कर दिया जाता था। अब विशेषज्ञों का नया बैच निकलने के बाद जिले की बड़ी समस्या का समाधान हो गया है। नई भर्ती से जिला अस्पताल को दो विशेषज्ञ दिए गए हैं। जिन्होंने कार्यभार संभालते ही ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं। इससे लोगों को राहत मिली है। रेफर होने के बाद तीमारदारों और मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती थी। बड़े संस्थानों में मरीज के बिस्तर से लेकर तीमारदारों के ठहरने और खाने तक के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है। वहीं शारीरिक परेशानी के साथ आर्थिक नुकसान भी होता है। लेकिन अब ऐसी किसी भी परेशानी से मरीज और तीमारदार नहीं उलझेंगे। जिला अस्पताल के एमएस डॉक्टर संजीव वर्मा ने बताया कि उनका प्रयास है कि जिला अस्पताल में हर एक विभाग में दो से तीन विशेषज्ञ कार्य करें, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
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जिला अस्पताल में दो हड्डी रोग विशेषज्ञ
नियुक्त, शुरू हुए में ऑर्थो के ऑपरेशन
अब आपात स्थिति में मरीजों को नहीं ले जाना पड़ेगा आईजीएमसी या चंडीगढ़
एक साल से अस्पताल में एक ही चिकित्सक तैनात होने से होती थी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला अस्पताल बिलासपुर में अब हड्डी रोग के मरीजों को पूरा इलाज मिलेगा। जिले की करीब चार लाख की आबादी को अब आपात स्थिति में चंडीगढ़ और आईजीएमसी का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे पहले अगर कोई हादसा हो जाता था और ऑपरेशन की स्थिति में मरीजों को आईजीएमसी या पीजीआई रेफर कर दिया जाता था।
अब जिला अस्पताल में दो हड्डी रोग विशेषज्ञों की नियुक्ति होने से जिला अस्पातल में ही ऑपरेशन की सुविधा मिल जाएगी। एक साल से जिला अस्पताल में एक ही हड्डी रोग विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे थे। इस कारण अस्पताल में परामर्श और माइनर ऑपरेशन की सुविधा ही मिल रही थी। ऐसे में कोई सड़क हादसा या फिर अन्य मामले में जिसमें हड्डी से जुड़ा कोई ऑपरेशन करवाना होता था तो मरीज और तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ती थी। क्योंकि ऐसी स्थिति में उन्हें दूसरे संस्थानों के लिए रेफर कर दिया जाता था। अब विशेषज्ञों का नया बैच निकलने के बाद जिले की बड़ी समस्या का समाधान हो गया है। नई भर्ती से जिला अस्पताल को दो विशेषज्ञ दिए गए हैं। जिन्होंने कार्यभार संभालते ही ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं। इससे लोगों को राहत मिली है। रेफर होने के बाद तीमारदारों और मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती थी। बड़े संस्थानों में मरीज के बिस्तर से लेकर तीमारदारों के ठहरने और खाने तक के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है। वहीं शारीरिक परेशानी के साथ आर्थिक नुकसान भी होता है। लेकिन अब ऐसी किसी भी परेशानी से मरीज और तीमारदार नहीं उलझेंगे। जिला अस्पताल के एमएस डॉक्टर संजीव वर्मा ने बताया कि उनका प्रयास है कि जिला अस्पताल में हर एक विभाग में दो से तीन विशेषज्ञ कार्य करें, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
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