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Bilaspur News: भांजी की शादी में शामिल होने के लिए तीन दिन की अंतरिम जमानत
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एनडीपीएस मामले में जेल में बंद आरोपी को अदालत से मिली राहत
शादी समारोह में पुलिस पहरे के बीच निभा सकेगा रस्में
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भांजी की शादी में शामिल होकर पारिवारिक रस्में निभाने के लिए एनडीपीएस मामले में जेल में बंद एक आरोपी को अदालत ने तीन दिन की अंतरिम जमानत दी है। विशेष न्यायाधीश-द्वितीय की अदालत ने आरोपी को दो से चार नवंबर तक राहत प्रदान की है। हालांकि, इस दौरान उसे लगातार पुलिस पहरे में रहना होगा और शादी समारोह स्थल से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। आरोपी ने अदालत में याचिका दायर कर 30 अक्तूबर से छह नवंबर तक अंतरिम जमानत मांगी थी। उसने बताया कि मंडी जिले की औट तहसील के टकोली गांव में उसकी भांजी की शादी है। वह दुल्हन का मामा है और शादी की पारिवारिक रस्में निभाने के लिए उसकी मौजूदगी जरूरी है। बचाव पक्ष ने अदालत को भरोसा दिलाया कि जमानत अवधि पूरी होने के बाद आरोपी आत्मसमर्पण कर देगा। वहीं, अभियोजन पक्ष ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया। पुलिस ने आरोपी के फरार होने और जमानत का दुरुपयोग करने की आशंका भी जताई।अदालत ने शादी का निमंत्रण पत्र और अन्य दस्तावेजों के आधार पर विवाह समारोह की पुष्टि होने तथा मानवीय आधार पर मांगी गई राहत को ध्यान में रखते हुए सीमित अवधि के लिए अंतरिम जमानत मंजूर की। अदालत ने स्पष्ट किया कि एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 के प्रतिबंधों और मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत सख्त शर्तों के साथ दी गई है। आरोपी को शादी समारोह के दौरान बिलासपुर जिला प्रशासन की ओर से तैनात पुलिस कर्मियों की निरंतर निगरानी में रहना होगा। पुलिस सुरक्षा का खर्च भी उसे स्वयं उठाना होगा। पुलिस की अनुमति के बिना वह समारोह स्थल से बाहर नहीं जा सकेगा। इसके अलावा गवाहों को प्रभावित करने, धमकाने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने पर भी रोक लगाई गई है। अदालत ने आरोपी को चार नवंबर को शाम पांच बजे तक संबंधित जेल अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करने के आदेश दिए हैं। शर्तों का उल्लंघन होने पर पुलिस अंतरिम जमानत रद्द करवाने के लिए अदालत में आवेदन कर सकेगी।
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शादी समारोह में पुलिस पहरे के बीच निभा सकेगा रस्में
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भांजी की शादी में शामिल होकर पारिवारिक रस्में निभाने के लिए एनडीपीएस मामले में जेल में बंद एक आरोपी को अदालत ने तीन दिन की अंतरिम जमानत दी है। विशेष न्यायाधीश-द्वितीय की अदालत ने आरोपी को दो से चार नवंबर तक राहत प्रदान की है। हालांकि, इस दौरान उसे लगातार पुलिस पहरे में रहना होगा और शादी समारोह स्थल से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। आरोपी ने अदालत में याचिका दायर कर 30 अक्तूबर से छह नवंबर तक अंतरिम जमानत मांगी थी। उसने बताया कि मंडी जिले की औट तहसील के टकोली गांव में उसकी भांजी की शादी है। वह दुल्हन का मामा है और शादी की पारिवारिक रस्में निभाने के लिए उसकी मौजूदगी जरूरी है। बचाव पक्ष ने अदालत को भरोसा दिलाया कि जमानत अवधि पूरी होने के बाद आरोपी आत्मसमर्पण कर देगा। वहीं, अभियोजन पक्ष ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया। पुलिस ने आरोपी के फरार होने और जमानत का दुरुपयोग करने की आशंका भी जताई।अदालत ने शादी का निमंत्रण पत्र और अन्य दस्तावेजों के आधार पर विवाह समारोह की पुष्टि होने तथा मानवीय आधार पर मांगी गई राहत को ध्यान में रखते हुए सीमित अवधि के लिए अंतरिम जमानत मंजूर की। अदालत ने स्पष्ट किया कि एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 के प्रतिबंधों और मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत सख्त शर्तों के साथ दी गई है। आरोपी को शादी समारोह के दौरान बिलासपुर जिला प्रशासन की ओर से तैनात पुलिस कर्मियों की निरंतर निगरानी में रहना होगा। पुलिस सुरक्षा का खर्च भी उसे स्वयं उठाना होगा। पुलिस की अनुमति के बिना वह समारोह स्थल से बाहर नहीं जा सकेगा। इसके अलावा गवाहों को प्रभावित करने, धमकाने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने पर भी रोक लगाई गई है। अदालत ने आरोपी को चार नवंबर को शाम पांच बजे तक संबंधित जेल अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करने के आदेश दिए हैं। शर्तों का उल्लंघन होने पर पुलिस अंतरिम जमानत रद्द करवाने के लिए अदालत में आवेदन कर सकेगी।