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बिना गुरु के कोई गति नहीं मिलती : शर्मा
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सोहनी देवी मंदिर कोटला डून में शिव महापुराण कथा का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं(बिलासपुर)। सोहनी देवी मंदिर कोटला डून में चल रही शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन कथा वाचक पंडित भास्करानंद शर्मा ने कहा कि बिना गुरु के कोई गति नहीं मिलती।
उन्होंने कहा कि जीवन में गुरु जरूर बनाएं। गुरु भी अपने शिष्य को भगवान की प्राप्ति का मार्ग दिखाता है। भगवान राम ने भी वशिष्ठ जी को अपना गुरु बनाया था। भगवान नाम के बिना कुछ नहीं है। भगवान की कथा सुनना सबके नसीब में नहीं होता। उन्होंने कहा कि शिव महापुराण कथा में 24 हजार श्लोक हैं। जब भी कीर्तन करें, ताली अवश्य बजानी चाहिए। नेत्रों से भगवान का नाम, हाथों से ताली बजाने से भगवान शिव शंकर काफी प्रसन्न होते हैं।शिव शंकर जी की कथा सर्व सुख देने वाली, पुत्र पौत्र देने वाली, धन दौलत देने वाली, सब प्रकार के दोषों से मुक्ति देने वाली, सब प्रकार के कष्टों को हरने वाली शिव महापुराण की कथा है। उन्होंने कहा कि मन के अंदर भगवान शिव शंकर जी का नाम हाथों से ताली बजाकर भगवान शिव को प्रसन्नता होती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं(बिलासपुर)। सोहनी देवी मंदिर कोटला डून में चल रही शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन कथा वाचक पंडित भास्करानंद शर्मा ने कहा कि बिना गुरु के कोई गति नहीं मिलती।
उन्होंने कहा कि जीवन में गुरु जरूर बनाएं। गुरु भी अपने शिष्य को भगवान की प्राप्ति का मार्ग दिखाता है। भगवान राम ने भी वशिष्ठ जी को अपना गुरु बनाया था। भगवान नाम के बिना कुछ नहीं है। भगवान की कथा सुनना सबके नसीब में नहीं होता। उन्होंने कहा कि शिव महापुराण कथा में 24 हजार श्लोक हैं। जब भी कीर्तन करें, ताली अवश्य बजानी चाहिए। नेत्रों से भगवान का नाम, हाथों से ताली बजाने से भगवान शिव शंकर काफी प्रसन्न होते हैं।शिव शंकर जी की कथा सर्व सुख देने वाली, पुत्र पौत्र देने वाली, धन दौलत देने वाली, सब प्रकार के दोषों से मुक्ति देने वाली, सब प्रकार के कष्टों को हरने वाली शिव महापुराण की कथा है। उन्होंने कहा कि मन के अंदर भगवान शिव शंकर जी का नाम हाथों से ताली बजाकर भगवान शिव को प्रसन्नता होती है।
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