{"_id":"6895e4da7b2aa413600c7421","slug":"the-work-of-bhararighat-shalaghat-four-lane-will-be-awarded-this-month-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-142108-2025-08-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: भराड़ीघाट–शालाघाट फोरलेन का काम इसी महीने होगा अवार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: भराड़ीघाट–शालाघाट फोरलेन का काम इसी महीने होगा अवार्ड
Fri, 08 Aug 2025 11:19 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 08 Aug 2025 11:19 PM IST
विज्ञापन
12.5 किलोमीटर फोरलेन के निर्माण की अनुमानित लागत होगी 970 करोड़
नौणी-भराड़ीघाट पैच में देरी, प्रशासन ने ढांचे खाली करवाने की कार्रवाई की तेज
गोपाल शर्मा
जुखाला(बिलासपुर)। शिमला–मटौर फोरलेन परियोजना के पैकेज-2 के तहत भराड़ीघाट–शालाघाट खंड का निर्माण कार्य अब अंतिम प्रशासनिक मंजूरी की ओर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के दिल्ली मुख्यालय से इस काम का अवार्ड इसी महीने जारी होने की संभावना है। एनएचएआई ने इस महत्वाकांक्षी फोरलेन परियोजना को वर्ष 2028 तक धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा है।
भराड़ीघाट–शालाघाट खंड की लंबाई 12.5 किलोमीटर है और इसकी अनुमानित लागत 970 करोड़ रुपये है। इस हिस्से में दो सुरंगों का निर्माण होगा। एक 3,800 मीटर लंबी और दूसरी 300 मीटर लंबी। 3,800 मीटर लंबी सुरंग के लिए अलग से टेंडर प्रक्रिया पहले से चल रही है, जबकि 300 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण वही कंपनी करेगी जिसे इस फोरलेन खंड का ठेका मिलेगा। इस पैच का टेंडर गत जुलाई में खोला गया था, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताओं के कारण अब तक काम का अवार्ड नहीं हो सका था। अब परियोजना निदेशक स्तर से पुष्टि की गई है कि फाइल दिल्ली मुख्यालय में अंतिम चरण में है और अगस्त माह के भीतर अनुबंध पत्र जारी कर दिया जाएगा। वहीं, नौणी–भराड़ीघाट फोरलेन का 640 करोड़ रुपये का कार्य गाबर कंपनी को पहले ही अवार्ड हो चुका है, लेकिन भूमि अधिग्रहण के बाद प्रभावित लोग अपने मकान और दुकान खाली करने में देरी कर रहे हैं। इससे निर्माण की गति पर सीधा असर पड़ा है। एनएचएआई के पास यह काम दो साल की समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन मौजूदा हालात में शुरुआती महीनों में ही रफ्तार धीमी हो गई है।
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। कई बार मौके पर जाकर अतिक्रमण हटाया गया है और ढांचों को तोड़ा गया है। प्रभावितों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द अपना सामान समेटकर मकान-दुकान खाली करें, अन्यथा प्रशासन बल प्रयोग करने से पीछे नहीं हटेगा। परियोजना निदेशक विक्रम मीणा ने कहा कि भराड़ीघाट-शालाघाट फोरलेन का कार्य इसी माह अवार्ड हो जाएगा। नौणी-भराड़ीघाट पैच में भी प्रशासनिक सख्ती बढ़ा दी गई है, ताकि समयबद्ध तरीके से फोरलेन निर्माण पूरा किया जा सके। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
नौणी-भराड़ीघाट पैच में देरी, प्रशासन ने ढांचे खाली करवाने की कार्रवाई की तेज
गोपाल शर्मा
जुखाला(बिलासपुर)। शिमला–मटौर फोरलेन परियोजना के पैकेज-2 के तहत भराड़ीघाट–शालाघाट खंड का निर्माण कार्य अब अंतिम प्रशासनिक मंजूरी की ओर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के दिल्ली मुख्यालय से इस काम का अवार्ड इसी महीने जारी होने की संभावना है। एनएचएआई ने इस महत्वाकांक्षी फोरलेन परियोजना को वर्ष 2028 तक धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा है।
भराड़ीघाट–शालाघाट खंड की लंबाई 12.5 किलोमीटर है और इसकी अनुमानित लागत 970 करोड़ रुपये है। इस हिस्से में दो सुरंगों का निर्माण होगा। एक 3,800 मीटर लंबी और दूसरी 300 मीटर लंबी। 3,800 मीटर लंबी सुरंग के लिए अलग से टेंडर प्रक्रिया पहले से चल रही है, जबकि 300 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण वही कंपनी करेगी जिसे इस फोरलेन खंड का ठेका मिलेगा। इस पैच का टेंडर गत जुलाई में खोला गया था, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताओं के कारण अब तक काम का अवार्ड नहीं हो सका था। अब परियोजना निदेशक स्तर से पुष्टि की गई है कि फाइल दिल्ली मुख्यालय में अंतिम चरण में है और अगस्त माह के भीतर अनुबंध पत्र जारी कर दिया जाएगा। वहीं, नौणी–भराड़ीघाट फोरलेन का 640 करोड़ रुपये का कार्य गाबर कंपनी को पहले ही अवार्ड हो चुका है, लेकिन भूमि अधिग्रहण के बाद प्रभावित लोग अपने मकान और दुकान खाली करने में देरी कर रहे हैं। इससे निर्माण की गति पर सीधा असर पड़ा है। एनएचएआई के पास यह काम दो साल की समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन मौजूदा हालात में शुरुआती महीनों में ही रफ्तार धीमी हो गई है।
विज्ञापन
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। कई बार मौके पर जाकर अतिक्रमण हटाया गया है और ढांचों को तोड़ा गया है। प्रभावितों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द अपना सामान समेटकर मकान-दुकान खाली करें, अन्यथा प्रशासन बल प्रयोग करने से पीछे नहीं हटेगा। परियोजना निदेशक विक्रम मीणा ने कहा कि भराड़ीघाट-शालाघाट फोरलेन का कार्य इसी माह अवार्ड हो जाएगा। नौणी-भराड़ीघाट पैच में भी प्रशासनिक सख्ती बढ़ा दी गई है, ताकि समयबद्ध तरीके से फोरलेन निर्माण पूरा किया जा सके। संवाद
विज्ञापन