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Bilaspur News: प्रदेश का पहला मिशन दृष्टि बिलासपुर से होगा शुरू, हर बच्चे की होगी नेत्र जांच

Fri, 31 Jul 2026 12:03 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2026 12:03 AM IST
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The state's first 'Mission Drishti' will launch in Bilaspur; every child will undergo an eye examination.
पहली सितंबर से शुरू होगा अभियान, पहले चरण में स्कूलों,आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों की होगी स्क्रीनिंग
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जिले के 782 स्कूलों और 1,111 आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचेगी आरबीएसके की टीम
डीएमएफटी से खरीदी गई दो ऑटो रिफ्रैक्टर मशीनों से होगी त्वरित जांच

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से बिलासपुर में प्रदेश का पहला जिला स्तरीय व्यापक नेत्र जांच अभियान मिशन दृष्टि बिलासपुर शुरू किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत बच्चों में दृष्टिदोष की समय पर पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि रोकी जा सकने वाली दृष्टिबाधिता को खत्म किया जा सके। अभियान का पहला चरण एक सितंबर 2026 से शुरू होगा।
उपायुक्त राहुल कुमार ने वीरवार को बताया कि अभियान का पहला चरण पहली सितंबर 2026 से सितंबर 2027 तक चलेगा। इस दौरान जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ-साथ 1,111 आंगनबाड़ी केंद्रों में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीमें विकास खंडवार चरणबद्ध तरीके से नेत्र जांच करेंगी। जिले के 782 विद्यालयों, जिनमें 116 वरिष्ठ माध्यमिक, 58 उच्च, 82 माध्यमिक और 526 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं में अध्ययनरत प्रत्येक विद्यार्थी की आंखों की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य आठ वर्ष से कम आयु के बच्चों में दृष्टिदोष की शुरुआती अवस्था में पहचान करना है। इस उम्र तक आंखों का विकास लगातार होता रहता है। यदि इस दौरान निकट दृष्टिदोष, दूर दृष्टिदोष, दृष्टिवैषम्य, भेंगापन अथवा आलसी आंख जैसी समस्याओं का समय पर उपचार नहीं किया जाए तो बच्चों में स्थायी दृष्टि हानि की आशंका बढ़ जाती है। समय रहते जांच और उपचार से ऐसे अधिकांश मामलों को रोका जा सकता है। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट के माध्यम से दो आधुनिक ऑटो रिफ्रैक्टर मशीनें स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करवाई हैं। इन कंप्यूटरीकृत मशीनों से कुछ ही सेकंड में आंखों का नंबर मापा जा सकेगा, जिससे विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और दूरदराज के क्षेत्रों में भी तेजी और सटीकता के साथ नेत्र जांच संभव होगी। उपायुक्त ने कहा कि मिशन दृष्टि बिलासपुर का उद्देश्य नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घर द्वार तक पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल बच्चों में दृष्टिदोष की समय पर पहचान सुनिश्चित करने के साथ बिलासपुर को हिमाचल प्रदेश का पहला सर्वव्यापी नेत्र जांच जिला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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पात्र बच्चों को उपलब्ध कराए जाएंगे चश्मे
उपायुक्त ने बताया कि जांच के दौरान जिन बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्या पाई जाएगी, उन्हें स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास भेजा जाएगा। आवश्यकता अनुसार पात्र बच्चों को चश्मे भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि दृष्टिदोष उनकी पढ़ाई में बाधा न बने और उनका शैक्षणिक विकास प्रभावित न हो।
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दूसरे चरण में ये लोग किए शामिल
उपायुक्त ने बताया कि अभियान के दूसरे चरण में वरिष्ठ नागरिकों सहित जिले के सभी नागरिकों को नेत्र जांच के दायरे में लाया जाएगा। व्यावसायिक वाहन चालकों, औद्योगिक श्रमिकों, पुलिस, होमगार्ड, वन एवं राजस्व विभाग के मैदानी कर्मचारियों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की भी चरणबद्ध तरीके से जांच की जाएगी। प्रत्येक लाभार्थी का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे उपचार और फॉलोअप की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके।
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