फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   The business of exploitation of workers and human trafficking is going on in Ghumarwin

Bilaspur News: घुमारवीं में चल रहा मजदूरों के शोषण और मानव तस्करी का धंधा

Sun, 14 Sep 2025 10:42 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sun, 14 Sep 2025 10:42 PM IST
विज्ञापन
The business of exploitation of workers and human trafficking is going on in Ghumarwin
बाहरी राज्यों से जाल में फंसा कर लाए जा रहे मजदूरों को नहीं मिल रहा उनका हक
विज्ञापन

प्रवासी ठेकेदार ही मजदूर रखवाने की एवज में ले रहे कमीशन

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं क्षेत्र में पिछले लंबे समय से मजदूरों के शोषण और मानव तस्करी का काला धंधा चल रहा है। प्रवासी ठेकेदार पश्चिम बंगाल, झारखंड, असम और उड़ीसा से गरीब मजदूरों को अपने जाल में फंसा कर यहां लाते हैं। दुकानदारों और घरों में काम दिलाने के नाम पर उनका सौदा किया जाता है और मोटा कमीशन वसूला जाता है।
सूत्रों के अनुसार ठेकेदार एक मजदूर को काम पर रखवाने की एवज में मालिक से 20 से 25 हजार रुपये तक कमीशन वसूलते हैं। इसके बाद मजदूरों की मासिक तनख्वाह मात्र 6 से 8 हजार रुपये तय की जाती है। समझौता यह भी होता है कि पहले तीन महीने तक मजदूरों को कोई वेतन नहीं मिलेगा, ताकि मालिक ठेकेदार को दिए गए पैसे की रिकवरी कर सके।
विज्ञापन

दुखद यह है कि तीन महीने बीत जाने के बाद भी मजदूरों को वेतन नसीब नहीं होता। मालिक उन्हें यह कहकर टाल देते हैं कि उनके पैसे खाते में डाल दिए गए हैं, जबकि मजदूरों को यह तक नहीं मालूम होता कि उनके नाम पर किस बैंक में खाता खोला गया है। इसी काले खेल की शिकार एक महिला मजदूर ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह और उसका पति एक होटल में बीते छह महीने से काम कर रहे हैं, लेकिन अब तक एक पैसा हाथ में नहीं आया। उन्हें रोजाना सिर्फ दाल-चावल ही खाने को दिया जाता है, वह भी भरपेट नहीं। चाय पीने का मन हो तो बिना दूध की चाय नसीब होती है। महिला ने बताया कि उसे झारखंड का एक ठेकेदार यहां काम दिलवाकर चला गया था। उसने वादा किया था कि हर महीने 10 हजार रुपये वेतन मिलेगा, लेकिन आज तक एक भी रुपया नहीं मिला। महिला का कहना है कि उनके घर वालों से भी कोई बात नहीं हो पाती। बस कभी-कभार एक पड़ोसी के नंबर पर फोन करके हालचाल ले पाते हैं। इस पूरे मामले में साथ लगते जिले के एक व्यक्ति और झारखंड निवासी ठेकेदार का नाम सामने आया है, जो क्षेत्र के अंदर ही ऑफिस खोलकर मजदूरों का सौदा करता है। यह अकसर बाहर से मजदूर लाकर यहां बेच देता है और मोटा कमीशन लेकर गायब हो जाता है। सूत्रों के अनुसार यह पूरा मामला अब मानव तस्करी का रूप ले चुका है। गरीब मजदूरों को खरीदकर यहां लाकर गुलामों की तरह काम करवाया जा रहा है। मजदूरों को न तो उनका हक मिल रहा है, न ही इंसानियत के मुताबिक व्यवहार। चिंताजनक यह है कि यह धंधा लंबे समय से क्षेत्र में फल-फूल रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोट
मजदूरों के शोषण संबंधी ऐसी कोई शिकायत विभाग के पास नहीं आई है। विभाग समय-समय पर जांच करता है और आवश्यक कार्रवाई करता है। लेकिन अब मामला संज्ञान में आया है तो इस मामले में भी विभाग जल्द ही कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
सुभाष शर्मा, श्रम निरीक्षक, श्रम एवं रोजगार विभाग बिलासपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed