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सुनी हो मैंने हरि आवन की आवाज...
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
Updated Wed, 06 Apr 2016 11:33 PM IST
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पीजी कॉलेज के आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुति देते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला
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भाषा एवं संस्कृति विभाग बिलासपुर के तत्वावधान में बुधवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संगीत कक्ष में सुगम संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें जिला भर के कलाकारों गजल और भजनों की बेहतरीन प्रस्तुत देकर खूब वाहवाही लूटी। कार्यक्रम में कॉलेज प्राचार्य डॉ. राकेश भारद्वाज ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का आगाज किया।
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सर्वप्रथम दाड़लाघाट की लता शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद हरलोग की रजनी ने सुनी हो मैंने हरि आवन की आवाज..., घुमारवीं की सोनिया ठाकुर ने राम का गुणगान करिये... और हादसे कुछ दिल पे ऐसे हो गए..., घुमारवीं कॉलेज से डा. कश्मीर सिंह ने भूले से न भूलेंगे कभी गुजरे जमाने... और भज ले हरि नाम रसना..., लता शर्मा ने तन तो मंदिर है हृदय है वृंदावन... और कच्ची दीवार हूं ठोकर न लगाना मुझको... शिवानी ने मुहब्बत जहां मुस्कुराकर चले... गजल की शानदार प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरी।
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इसके अतिरिक्त संगीत विभाग की प्रो. डा. अरुणा शर्मा ने सितार पर राग कलावती की प्रस्तुति दी, जबकि प्रो. मीना वर्मा ने प्रभु जी तुम चंदन हम पानी... भजन प्रस्तुत किया।
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इसमें तबले पर राजेश शर्मा, कि बोर्ड पर राजीव शर्मा और खंजरी पर अंजना ने संगत की। कार्यक्रम में मंच संचालन भवानी प्रिया ने किया।
मुख्यातिथि डा. राकेश भारद्वाज ने कहा कि संगीत साधना है। इसके लिए तपस्या की आवश्यकता होती है। संगीत हमारे जीवन में सकारात्मकता लाता है। जिला भाषा अधिकारी डा. अनीता शर्मा ने कहा कि संगीत से संवेदनाएं जागृत होती है।
इसकी आज के युग में अति आवश्यकता है। आज के युग में युवा वर्ग को अपनी संस्कृति के संरक्षण के लिए आगे आना होगा, क्योंकि अपनी जड़ों से जुडे़ रहकर ही सार्थक प्रगति की जा सकती है। इस अवसर पर कॉलेज की उप प्राचार्य बृजबाला सांख्यान, प्रो. पीएस कटवाल, रेखा गुप्ता, कश्मीर सिंह कश्यप, डॉ. नीरज वर्मा और वीरी सिंह सहित कई व्यक्ति उपस्थित रहे।