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हॉस्टल से मात्र तीन किलोमीटर दूर बम धमाके, 10 किलोमीटर चले पैदल
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झंडूता उपमंडल के ठप्पर गांव की अदिति ठाकुर का घर पहुंचने पर मुंह मीठा करवातीं दादी। संवाद
- फोटो : BILASPUR
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भगेड़/झंडूता (बिलासपुर)। यूक्रेन में फंसे जिले के विद्यार्थी अब सुरक्षित घर पहुंच रहे हैं। घुमारवीं नगर परिषद के टिकरी वार्ड के धनीराम और मीनाक्षी देवी के पुत्र ध्रुव शुक्रवार रात को घर पहुंचे। ध्रुव ने बताया कि यूक्रेन के बुकेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी में शिक्षा ग्रहण करता है। मई महीने में अंतिम वर्ष की परीक्षा थी। लेकिन युद्ध के चलते पढ़ाई छोड़कर आना पड़ा।
बताया कि करीब 6 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। बॉर्डर पार रोमानिया पहुंचने पर शिविरों में ठहराया गया। जहां भारतीयों के लिए लंगर लगाए गए हैं। भारतीय व्यंजन परोसे गए। रोमानिया की राजधानी बूचरिस्ट से उन्हें मुंबई एयरपोर्ट तक पहुंचाया गया। वहां से बसों के माध्यम से घर तक पहुंचाने की भी व्यवस्था सरकार ने की।
वहीं झंडूता उपमंडल के ठप्पर गांव की अदिति ठाकुर भी शुक्रवार रात को घर पहुंची। अदिति ठाकुर के घर पहुंचने पर दादी कमला ठाकुर ने पोती का मुंह मीठा करवाकर भगवान का शुक्रिया किया। अदिति ठाकुर ने बताया कि यूक्रेन की यूनिवर्सिटी के हॉस्टल से मात्र तीन किलोमीटर दूर बम विस्फोट हुए। दस किलोमीटर का पैदल सफर करने के बाद रोमानिया के शेल्टर होम में चार दिन गुजारे, लेकिन माता-पिता व दादी से बातचीत से हौसला बढ़ता रहा।
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बताया कि करीब 6 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। बॉर्डर पार रोमानिया पहुंचने पर शिविरों में ठहराया गया। जहां भारतीयों के लिए लंगर लगाए गए हैं। भारतीय व्यंजन परोसे गए। रोमानिया की राजधानी बूचरिस्ट से उन्हें मुंबई एयरपोर्ट तक पहुंचाया गया। वहां से बसों के माध्यम से घर तक पहुंचाने की भी व्यवस्था सरकार ने की।
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वहीं झंडूता उपमंडल के ठप्पर गांव की अदिति ठाकुर भी शुक्रवार रात को घर पहुंची। अदिति ठाकुर के घर पहुंचने पर दादी कमला ठाकुर ने पोती का मुंह मीठा करवाकर भगवान का शुक्रिया किया। अदिति ठाकुर ने बताया कि यूक्रेन की यूनिवर्सिटी के हॉस्टल से मात्र तीन किलोमीटर दूर बम विस्फोट हुए। दस किलोमीटर का पैदल सफर करने के बाद रोमानिया के शेल्टर होम में चार दिन गुजारे, लेकिन माता-पिता व दादी से बातचीत से हौसला बढ़ता रहा।
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