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ट्रेड यूनियनों ने किया धरना-प्रदर्शन
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर
Updated Fri, 02 Sep 2016 10:17 PM IST
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जिला मुख्यालय पर शुक्रवार को संयुक्त ट्रेड यूनियन ने धरना-प्रदर्शन किया। यूनियन ने विरोध रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने प्रशासन के माध्यम से अपनी मांगों का ज्ञापन केंद्र सरकार को भेजा। सुबह करीब 11 बजे श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से मिड-डे-मील वर्कर्स यूनियन (इंटक) ने रैली निकाली। बस अड्डा और मेन मार्केट होते हुए रैली उपायुक्त कार्यालय पहुंची। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर कर्मचारियों ने अपनी मांगों को पूरा करने की मांग उठाई। मिड-डे-मील वर्कर्स यूनियन के प्रदेश प्रधान इंद्रपाल ठाकुर और महासचिव गणपत राम ने बताया कि मिड-डे-मील वर्करों की नौकरी संबंधी 25 बच्चों की संख्या को हटाया जाए। वर्करों को सरकार की ओर से नियुक्ति पत्र दिया जाए। वर्करों को सरकार की ओर से घोषित न्यूनतम वेतन दिया जाए और उन्हें शिक्षा विभाग के तहत लाया जाए।
इसके अलावा वर्करों को स्थायी कर्मचारी बनाया जाए। सरकारी कर्मचारी की तर्ज पर सभी सुविधाएं दी जाएं। वर्करों को छुट्टियों का वेतन भी दिया जाए। आकस्मिक, अर्जित और मेडिकल अवकाश दिया जाए और वर्करों के लिए शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन वर्दी का प्रावधान किया।
इस अवसर पर निर्मला, किशोरी लाल, मीना देवी, प्रेमी देवी, सीता, किरण, सरिता, मीरा देवी, सुनीता, नीलम, सुखदेई, चंद्रकांता, कांता देवी, संतोष, बीना, संतोष कुमारी, आशु देवी, हीरा लाल, सरोज, कमलेश, बबली, सीमा, कमला, सुंदर राम, रामप्यारी, विजय, फूलां देवी और देवेंद्र आदि उपस्थित रहे।
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बंद हो आउट सोर्सिंग प्रथा : चौहान
हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड इंप्लाइज यूनियन बिलासपुर ने विद्युत मंडल परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इसमें कर्मचारियों ने बिजली एक्ट 2014 और आउट सोर्सिंग प्रथा का कड़ा विरोध किया और इस प्रथा को बंद करने की मांग की। यूनियन के प्रधान यशवंत चौहान ने कहा कि प्रबंधन की ओर से ठेकेदारों के माध्यम से की जा रही भर्ती युवाओं के साथ धोखाधड़ी है। इन युवाओं को सीधा अनुबंध पर बोर्ड स्वयं रखे। इससे न तो युवाओं का शोषण होगा और न बोर्ड की संपत्ति को नुकसान होगा।
एलआईसी कर्मचारियों ने भी की हड़ताल2
श्रमिक संगठनों के आह्वान पर भारतीय जीवन बीमा निगम बिलासपुर के सभी तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने शुक्रवार को एक दिन की हड़ताल की। उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये दिया जाए। सभी को बोनस दिया जाए, सार्वजनिक क्षेत्र में विदेशी निवेश पर पाबंदी लगे और श्रमिक कानून बहाल किया जाए। इस अवसर पर एनजैडआईईए के प्रधान अमर सिंह मलकोटिया, सचिव बृजलाल ठाकुर, राजीव गुप्ता, राजकुमार, बालसुख, जीतराम, तिलक, पवन, प्रकाश, मस्तराम और अजय कुमार आदि उपस्थित रहे।
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इसके अलावा वर्करों को स्थायी कर्मचारी बनाया जाए। सरकारी कर्मचारी की तर्ज पर सभी सुविधाएं दी जाएं। वर्करों को छुट्टियों का वेतन भी दिया जाए। आकस्मिक, अर्जित और मेडिकल अवकाश दिया जाए और वर्करों के लिए शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन वर्दी का प्रावधान किया।
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इस अवसर पर निर्मला, किशोरी लाल, मीना देवी, प्रेमी देवी, सीता, किरण, सरिता, मीरा देवी, सुनीता, नीलम, सुखदेई, चंद्रकांता, कांता देवी, संतोष, बीना, संतोष कुमारी, आशु देवी, हीरा लाल, सरोज, कमलेश, बबली, सीमा, कमला, सुंदर राम, रामप्यारी, विजय, फूलां देवी और देवेंद्र आदि उपस्थित रहे।
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बंद हो आउट सोर्सिंग प्रथा : चौहान
हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड इंप्लाइज यूनियन बिलासपुर ने विद्युत मंडल परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इसमें कर्मचारियों ने बिजली एक्ट 2014 और आउट सोर्सिंग प्रथा का कड़ा विरोध किया और इस प्रथा को बंद करने की मांग की। यूनियन के प्रधान यशवंत चौहान ने कहा कि प्रबंधन की ओर से ठेकेदारों के माध्यम से की जा रही भर्ती युवाओं के साथ धोखाधड़ी है। इन युवाओं को सीधा अनुबंध पर बोर्ड स्वयं रखे। इससे न तो युवाओं का शोषण होगा और न बोर्ड की संपत्ति को नुकसान होगा।
एलआईसी कर्मचारियों ने भी की हड़ताल2
श्रमिक संगठनों के आह्वान पर भारतीय जीवन बीमा निगम बिलासपुर के सभी तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने शुक्रवार को एक दिन की हड़ताल की। उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये दिया जाए। सभी को बोनस दिया जाए, सार्वजनिक क्षेत्र में विदेशी निवेश पर पाबंदी लगे और श्रमिक कानून बहाल किया जाए। इस अवसर पर एनजैडआईईए के प्रधान अमर सिंह मलकोटिया, सचिव बृजलाल ठाकुर, राजीव गुप्ता, राजकुमार, बालसुख, जीतराम, तिलक, पवन, प्रकाश, मस्तराम और अजय कुमार आदि उपस्थित रहे।