{"_id":"64fda96617516b45aa0ca158","slug":"space-for-taxi-stand-has-not-been-identified-till-date-bilaspur-news-c-92-1-bls1001-5386-2023-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: टैक्सी स्टैंड के लिए आज तक जगह नहीं की चिन्हित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: टैक्सी स्टैंड के लिए आज तक जगह नहीं की चिन्हित
विज्ञापन
- घुमारवीं में टैक्सी स्टैंड के लिए टैक्सी चालकों को मिले मात्र आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं में टैक्सी स्टैंड बनाने के लिए आज तक स्थान चिन्हित नहीं हो पाया है। जगह चिन्हित करने के नाम पर टैक्सी चालकों को केवल आश्वासन ही दिए गए हैं। टैक्सी स्टैंड न होने के कारण टैक्सी चालकों को जहां जगह मिलती है, वह वहां गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। इससे लोगों को और टैक्सी चालकों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
घुमारवीं शहर में लोगों की सुविधा के लिए छोटी बड़ी लगभग 76 टैक्सी नंबर गाड़ियां दिन रात बेहतर सुविधाओं के लिए उपलब्ध रहती हैं। इन टैक्सी चालकों और मालिकों के माथे पर चिंता की लकीर साफ छलक रही है कि आज तक टैक्सी चालकों के लिए टैक्सी स्टैंड नहीं बन पाया है। टैक्सी चालक अक्सर अपनी गाड़ियां राष्ट्रीय राजमार्ग-103 पर शिमला-धर्मशाला पर खड़ी कर रहे हैं, जो नियम के विपरीत भी है। साथ ही ट्रैफिक अधिक होने के कारण हादसा होने का डर सताता रहता है। कई बार इस कारण जाम की स्थित भी उत्पन्न हो जाती है। टैक्सी चालकों की कई बार स्थानीय दुकानदारों के साथ लड़ाई झगड़े तक की नौबत आ जाती है, क्योंकि दुकान के आगे गाड़ी लगाने को दुकानदार मना कर देते हैं। उपायुक्त बिलासपुर ने जहां टैक्सियां खड़ी होती है वहां पर नो पार्किंग जोन घोषित कर दिया है। इससे इन्हें भी अपनी रोजी रोटी की चिंता सताने लगी है। टैक्सी चालकों में शिवा टैक्सी यूनियन के सचिव बुद्धि सिंह, नेक मुहम्मद, सोनू, पप्पू, ललित, सुभाष आदि ने कहा कि कई बार चालकों ने प्रशासन के समक्ष टैक्सी स्टैंड का मुद्दा उठाया, लेकिन आश्वासन के अलावा आज तक कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। टैक्सी चालकों और मालिकों के अनुसार लाखों रुपये का लोन लेकर टैक्सी खरीदी गई हैं। पहले जहां गाड़ियां खड़ी करते थे, वहां पर डबल लेन सड़क बन गई है। इससे कभी भी वहां से गाड़ियां हटानी पड़ सकती हैं। फोरलेन के शुरू होने से शहर में ट्रैफिक व्यवस्था और बढ़ जाएगी। इससे उनकी समस्याएं और बढ़ेंगी।
कुछ साल पहले टैक्सी स्टैंड के लिए पूर्व टैक्सी चालकों ने भूख हड़ताल भी की थी। उस समय मौजूदा एसडीएम ने आठवें दिन जूस पिला कर अनशन तुड़वा दिया था। उन्होंने कहा था कि समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। उस दौरान भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने भी आश्वासन दिया था कि शीघ्र इसकाे हल कर दिया जाएगा। काफी समय बीत जाने के बाद आज तक कुछ भी नहीं हुआ है। टैक्सी चालकों ने स्थानीय प्रशासन को चेताया है कि अगर शीघ्र ही टैक्सी स्टैंड के लिए जगह चिह्नित नहीं की तो फिर से आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन
नगर परिषद के वार्ड नंबर पांच बजोहा में पूर्व मुख्यमंत्री ने 16-04-2016 को 3.50 करोड़ रुपये से निर्मित होने वाली पार्किंग का शिलान्यास किया था। उसका कार्य आज तक शुरू नहीं हुआ है। पिछली सरकार के समय स्थानीय टैक्सी चालकों ने हार कुहार संतोषी माता मंदिर में साधारण अधिवेशन आयोजित किया गया था, जिसमें स्थानीय मंत्री को मुख्यातिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। उस समय मंत्री ने भी आश्वासन दिया गया था कि शीघ्र टैक्सी स्टैंड को अमलीजामा पहना दिया जाएगा, लेकिन आजतक वह भी जुमला साबित हुआ है।
उधर नगर परिषद के उपाध्यक्ष श्याम शर्मा ने कहा कि शीघ्र ही टैक्सी चालकों के लिए जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे इनकी रोजी रोटी भी सुचारू रूप से चल सके, क्योंकि यह मामला काफी पुराना है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं में टैक्सी स्टैंड बनाने के लिए आज तक स्थान चिन्हित नहीं हो पाया है। जगह चिन्हित करने के नाम पर टैक्सी चालकों को केवल आश्वासन ही दिए गए हैं। टैक्सी स्टैंड न होने के कारण टैक्सी चालकों को जहां जगह मिलती है, वह वहां गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। इससे लोगों को और टैक्सी चालकों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
घुमारवीं शहर में लोगों की सुविधा के लिए छोटी बड़ी लगभग 76 टैक्सी नंबर गाड़ियां दिन रात बेहतर सुविधाओं के लिए उपलब्ध रहती हैं। इन टैक्सी चालकों और मालिकों के माथे पर चिंता की लकीर साफ छलक रही है कि आज तक टैक्सी चालकों के लिए टैक्सी स्टैंड नहीं बन पाया है। टैक्सी चालक अक्सर अपनी गाड़ियां राष्ट्रीय राजमार्ग-103 पर शिमला-धर्मशाला पर खड़ी कर रहे हैं, जो नियम के विपरीत भी है। साथ ही ट्रैफिक अधिक होने के कारण हादसा होने का डर सताता रहता है। कई बार इस कारण जाम की स्थित भी उत्पन्न हो जाती है। टैक्सी चालकों की कई बार स्थानीय दुकानदारों के साथ लड़ाई झगड़े तक की नौबत आ जाती है, क्योंकि दुकान के आगे गाड़ी लगाने को दुकानदार मना कर देते हैं। उपायुक्त बिलासपुर ने जहां टैक्सियां खड़ी होती है वहां पर नो पार्किंग जोन घोषित कर दिया है। इससे इन्हें भी अपनी रोजी रोटी की चिंता सताने लगी है। टैक्सी चालकों में शिवा टैक्सी यूनियन के सचिव बुद्धि सिंह, नेक मुहम्मद, सोनू, पप्पू, ललित, सुभाष आदि ने कहा कि कई बार चालकों ने प्रशासन के समक्ष टैक्सी स्टैंड का मुद्दा उठाया, लेकिन आश्वासन के अलावा आज तक कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। टैक्सी चालकों और मालिकों के अनुसार लाखों रुपये का लोन लेकर टैक्सी खरीदी गई हैं। पहले जहां गाड़ियां खड़ी करते थे, वहां पर डबल लेन सड़क बन गई है। इससे कभी भी वहां से गाड़ियां हटानी पड़ सकती हैं। फोरलेन के शुरू होने से शहर में ट्रैफिक व्यवस्था और बढ़ जाएगी। इससे उनकी समस्याएं और बढ़ेंगी।
विज्ञापन
कुछ साल पहले टैक्सी स्टैंड के लिए पूर्व टैक्सी चालकों ने भूख हड़ताल भी की थी। उस समय मौजूदा एसडीएम ने आठवें दिन जूस पिला कर अनशन तुड़वा दिया था। उन्होंने कहा था कि समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। उस दौरान भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने भी आश्वासन दिया था कि शीघ्र इसकाे हल कर दिया जाएगा। काफी समय बीत जाने के बाद आज तक कुछ भी नहीं हुआ है। टैक्सी चालकों ने स्थानीय प्रशासन को चेताया है कि अगर शीघ्र ही टैक्सी स्टैंड के लिए जगह चिह्नित नहीं की तो फिर से आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन
नगर परिषद के वार्ड नंबर पांच बजोहा में पूर्व मुख्यमंत्री ने 16-04-2016 को 3.50 करोड़ रुपये से निर्मित होने वाली पार्किंग का शिलान्यास किया था। उसका कार्य आज तक शुरू नहीं हुआ है। पिछली सरकार के समय स्थानीय टैक्सी चालकों ने हार कुहार संतोषी माता मंदिर में साधारण अधिवेशन आयोजित किया गया था, जिसमें स्थानीय मंत्री को मुख्यातिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। उस समय मंत्री ने भी आश्वासन दिया गया था कि शीघ्र टैक्सी स्टैंड को अमलीजामा पहना दिया जाएगा, लेकिन आजतक वह भी जुमला साबित हुआ है।
उधर नगर परिषद के उपाध्यक्ष श्याम शर्मा ने कहा कि शीघ्र ही टैक्सी चालकों के लिए जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे इनकी रोजी रोटी भी सुचारू रूप से चल सके, क्योंकि यह मामला काफी पुराना है।