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Bilaspur News: सिमुलेशन तकनीक से निखारा नर्सिंग कौशल, एम्स बिलासपुर में दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न
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40 प्रतिभागियों ने आधुनिक उपकरणों से मरीजों की देखभाल और आपातकालीन प्रबंधन का लिया प्रशिक्षण
नर्सिंग शिक्षा में तकनीक के इस्तेमाल और क्लीनिकल कौशल बढ़ाने पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नर्सिंग क्षेत्र में बढ़ती जरूरतों और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए अब प्रशिक्षण के तरीकों में भी बदलाव किया जा रहा है। इसी दिशा में एम्स बिलासपुर में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में नर्सिंग पेशेवरों और प्रशिक्षुओं को सिमुलेशन तकनीक से प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने आधुनिक उपकरणों से मरीजों की देखभाल, उपचार संबंधी निर्णय और आपात परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास किया।
एम्स के कंटिन्यूइंग नर्सिंग एजुकेशन (सीएनई) सेल की ओर से आयोजित सिमुलेशन इन नर्सिंग एजुकेशन कार्यशाला में नर्सिंग और स्वास्थ्य संस्थानों से 40 प्रतिभागी पहुंचे। कार्यशाला का उद्देश्य नर्सिंग शिक्षा को व्यावहारिक और स्वास्थ्य कर्मियों की क्लीनिकल दक्षता को मजबूत करना रहा। कार्यशाला में प्रतिभागियों को सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण की जानकारी दी गई। इसके तहत मैनिकिन, टास्क ट्रेनर और अन्य अत्याधुनिक उपकरणों से मरीजों की अलग-अलग स्वास्थ्य परिस्थितियों का अभ्यास करवाया गया। प्रशिक्षण के दौरान गंभीर मरीजों की स्थिति का आकलन करना, सही समय पर निर्णय लेना और टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करना सिखाया गया।
विशेषज्ञों ने बताया कि सिमुलेशन तकनीक नर्सिंग शिक्षा में प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। इससे प्रशिक्षु बिना जोखिम के वास्तविक परिस्थितियों जैसी स्थिति में अभ्यास कर सकते हैं। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और अस्पतालों में मरीजों की देखभाल के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है।
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कार्यशाला में क्लीनिकल परिदृश्य तैयार करने, समूह गतिविधियों और सिमुलेशन आधारित अभ्यासों से प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों ने भी इस आधुनिक प्रशिक्षण पद्धति को नर्सिंग शिक्षा के लिए उपयोगी बताया। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
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नर्सिंग शिक्षा में तकनीक के इस्तेमाल और क्लीनिकल कौशल बढ़ाने पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नर्सिंग क्षेत्र में बढ़ती जरूरतों और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए अब प्रशिक्षण के तरीकों में भी बदलाव किया जा रहा है। इसी दिशा में एम्स बिलासपुर में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में नर्सिंग पेशेवरों और प्रशिक्षुओं को सिमुलेशन तकनीक से प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने आधुनिक उपकरणों से मरीजों की देखभाल, उपचार संबंधी निर्णय और आपात परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास किया।
एम्स के कंटिन्यूइंग नर्सिंग एजुकेशन (सीएनई) सेल की ओर से आयोजित सिमुलेशन इन नर्सिंग एजुकेशन कार्यशाला में नर्सिंग और स्वास्थ्य संस्थानों से 40 प्रतिभागी पहुंचे। कार्यशाला का उद्देश्य नर्सिंग शिक्षा को व्यावहारिक और स्वास्थ्य कर्मियों की क्लीनिकल दक्षता को मजबूत करना रहा। कार्यशाला में प्रतिभागियों को सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण की जानकारी दी गई। इसके तहत मैनिकिन, टास्क ट्रेनर और अन्य अत्याधुनिक उपकरणों से मरीजों की अलग-अलग स्वास्थ्य परिस्थितियों का अभ्यास करवाया गया। प्रशिक्षण के दौरान गंभीर मरीजों की स्थिति का आकलन करना, सही समय पर निर्णय लेना और टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करना सिखाया गया।
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विशेषज्ञों ने बताया कि सिमुलेशन तकनीक नर्सिंग शिक्षा में प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। इससे प्रशिक्षु बिना जोखिम के वास्तविक परिस्थितियों जैसी स्थिति में अभ्यास कर सकते हैं। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और अस्पतालों में मरीजों की देखभाल के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है।
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कार्यशाला में क्लीनिकल परिदृश्य तैयार करने, समूह गतिविधियों और सिमुलेशन आधारित अभ्यासों से प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों ने भी इस आधुनिक प्रशिक्षण पद्धति को नर्सिंग शिक्षा के लिए उपयोगी बताया। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।