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गोविंद सागर झील में समा रही सीवरेज की गंदगी
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बिलासपुर। बिलासपुर शहर में सीवरेज की व्यवस्था आए दिन बद से बदतर होती जा रही है। दशकों से इस समस्या का समाधान करने की बातें की जा रही हैं। सरकारें आती रही और जाती रही लेकिन बिलासपुर शहर की गंदगी का निवारण कोई नहीं कर पाया। शहर की करीब चार सीवरेज का गंदा पानी गोविंद सागर झील में समा रहा है लेकिन प्रशासन को इस बात की अभी तक कोई जानकारी नहीं है। आलम यह है कि सीवरेज का गंदा पानी सड़क के साथ लगती नालियों से गुजरता है। जिससे बदबू अधिक फैल गई है। बढ़ती बदबू के कारण राहगीरों व स्थानीय लोगों का गुजरना भी मुश्किल हो गया है। सीवरेज का गंदा पानी लोगों की मुसीबतें बढ़ा रहा है। जिससे शहर का वातावरण दूषित हो रहा है। बता दें कि नगर परिषद बिलासपुर में सीवरेज का ढांचा बहुत पुराना है। वहीं अब आबादी में भी कई गुना इजाफा हो गया है। सीवरेज सुविधा प्रदान करने के लिए ढांचे में विस्तार अभी तक नहीं हो पाया है। खुले में बह रही सीवरेज नालों के जरिये गोविंद सागर झील में पहुंचती है। अगर यही हाल रहा तो गोविंद सागर झील की सुंदरता पर सीवरेज रूपी ग्रहण हमेशा के लिए लग जाएगा।
बता दें कि शहर में सीवरेज के समाधान के नाम पर मात्र सेफ्टी टैंक हैं लेकिन अभी तक कोई सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लग पाया है। पिछले कई सालों से शहर में दो ट्रीटमेंट प्लांट लगाने पर सर्वे चल रहा है। बिलासपुर के मीट मार्केट क्षेत्र के पास बह रहे सीवरेज के गंदे पानी से लोग बेहाल हैं। वहीं दूसरी तरफ सब्जी मंडी के साथ लगती दुकानों से सीवरेज की गंदगी सड़क के साथ लगती नाली से भरी हुई है। वहीं लुहणू क्रिकेट मैदान के साथ लगते नाले में भी यहीं आलम है। नाले का गंदा पानी गोविंद सागर झील में समा रहा है। बावजूद इसके जिला प्रशासन अभी तक सोया हुआ है। वहीं एक तरफ सरकार द्वारा स्वच्छता अभियान की बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं लेकिन दूसरी तरफ सीवरेज की गंदगी लोगों की मुसीबत बढ़ा रही है। बिलासपुर शहर में गंदगी के कारण डेंगू जैसी बीमारियां पहले भी पैर पसार चुकी हैं। अधिशासी अभियंता जलशक्ति विभाग राकेश वैद्य ने बताया कि शहर में सेफ्टी टैंक हैं। लेकिन अगर फिर भी इस तरह से गंदगी खुले में बह रही है तो विभाग इस पर कार्रवाई करेगा।
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बता दें कि शहर में सीवरेज के समाधान के नाम पर मात्र सेफ्टी टैंक हैं लेकिन अभी तक कोई सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लग पाया है। पिछले कई सालों से शहर में दो ट्रीटमेंट प्लांट लगाने पर सर्वे चल रहा है। बिलासपुर के मीट मार्केट क्षेत्र के पास बह रहे सीवरेज के गंदे पानी से लोग बेहाल हैं। वहीं दूसरी तरफ सब्जी मंडी के साथ लगती दुकानों से सीवरेज की गंदगी सड़क के साथ लगती नाली से भरी हुई है। वहीं लुहणू क्रिकेट मैदान के साथ लगते नाले में भी यहीं आलम है। नाले का गंदा पानी गोविंद सागर झील में समा रहा है। बावजूद इसके जिला प्रशासन अभी तक सोया हुआ है। वहीं एक तरफ सरकार द्वारा स्वच्छता अभियान की बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं लेकिन दूसरी तरफ सीवरेज की गंदगी लोगों की मुसीबत बढ़ा रही है। बिलासपुर शहर में गंदगी के कारण डेंगू जैसी बीमारियां पहले भी पैर पसार चुकी हैं। अधिशासी अभियंता जलशक्ति विभाग राकेश वैद्य ने बताया कि शहर में सेफ्टी टैंक हैं। लेकिन अगर फिर भी इस तरह से गंदगी खुले में बह रही है तो विभाग इस पर कार्रवाई करेगा।
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