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बैहना जट्टा चुनाव में अनियमितताओं की याचिका खारिज

Sat, 22 Oct 2016 10:58 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, घुमारवीं(बिलासपुर)।
ब्यूरो/ अमर उजाला, घुमारवीं(बिलासपुर)। Updated Sat, 22 Oct 2016 10:58 PM IST
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sdm cancal pitition againt panchyat election in behana
sdm court - फोटो : sdm court

उपमंडलाधिकारी नागरिक आदित्य नेगी की अदालत ने एक चुनाव याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ता की याचिका को खारिज कर दिया है। प्रत्यार्थी नंबर-1 राजकुमार के वकील कुलवंत सिंह चंदेल ने बताया कि याचिकाकर्ता आशुतोष चंदेल निवासी बैहना जट्टां तहसील झंडूता ने उपमंडलाधिकारी के समक्ष याचिका दायर की थी।

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इसमें कहा गया था कि उन्होंने ग्राम पंचायत बैहना जट्टां तहसील झंडूता के उपप्रधान पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया था। उनके अलावा छह अन्य उम्मीदवारों ने अपने- अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। याचिकाकर्ता का कहना था कि उपप्रधान पद का चुनाव 5 जनवरी 2016 को पीठासीन अधिकारी ओपी शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इसी दिन पद का परिणाम भी घोषित कर दिया गया।
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उपप्रधान पद के लिए प्रत्याशी नंबर 1 राजकुमार पुत्र दीपचंद निवासी बैरी दड़ोलां तहसील झंडूता को विजय घोषित किया गया। याचिकाकर्ता का आरोप था कि ग्राम पंचायत बैहना जट्टां के वार्ड नंबर चार में इस पद के लिए 253 मतों में से कुल 180 मत डाले गए। मगर पीठासीन अधिकारी के पास दर्ज विवरण के अनुसार कुल मत 205 पड़े। जो मतदान प्रक्रिया में अनियमितता है।
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याचिका में प्रत्याशी नंबर-1 राजकुमार के ऊपर यह भी आरोप लगाया गया था कि मतदान के दौरान राजकुमार ने मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की ताकि मतदान उनके पक्ष में हो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया गया कि राजकुमार ने मतदान के दौरान मतदाताओं को लाने और ले जाने के लिए गाड़ियां भी लगाई थी।

इसके अलावा राजकुमार ने चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक अपना गृहकर पंचायत सचिव के पास जमा नहीं करवाया था। प्रत्याशी नंबर एक के वकील ने बताया की याचिकाकर्ता ने जो ग्राम पंचायत बैहना जट्टां के वार्ड नंबर 4 का मतों की संख्या का आरोप लगाया था वह निराधार है क्योंकि ग्राम पंचायत के प्रधान और उप प्रधान के मतों की गिनती के समय पंचायत के सभी पोलिंग बूथों के मतों को अलग-अलग पदों के लिए इकट्ठा कर दिया जाता है। इसके बाद मतों की गिनती की जाती है।


इसके अलावा याचिकाकर्ता इस आरोप को सिद्ध करने के लिए कोई भी प्रमाण नहीं दे सका। प्रत्यार्थी नंबर 1 राजकुमार ने उपमंडलाधिकारी के समक्ष गृहकर जमा करवाने की रसीद अदालत में पेश की थी। याचिकाकर्ता ने पीठासीन अधिकारी के ऊपर जो आरोप लगाए थे, उन आरोपों को सिद्ध करने में भी याचिकाकर्ता नाकाम रहा। इसको देखते हुए शनिवार उपमंडलाधिकारी आदित्य नेगी की अदालत में याचिकाकर्ता आशुतोष चंदेल की याचिका को खारिज कर दिया।

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