{"_id":"6adfa026246dcc5280092ce4","slug":"school-students-in-bilaspur-will-now-have-the-opportunity-to-learn-science-through-experiments-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-170731-2026-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: बिलासपुर के स्कूली विद्यार्थियों को अब प्रयोगों के जरिये विज्ञान सीखने का मिलेगा मौका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: बिलासपुर के स्कूली विद्यार्थियों को अब प्रयोगों के जरिये विज्ञान सीखने का मिलेगा मौका
विज्ञापन
आईआईटी मंडी की साइंस ऑन व्हील्स पहल शुरू, अंतरिक्ष तकनीक, रोबोटिक्स और जल निस्पंदन की मिलेगी जानकारी
कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थियों को मिलेगा व्यावहारिक ज्ञान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के स्कूली विद्यार्थियों को अब विज्ञान के सिद्धांत केवल किताबों से नहीं, बल्कि प्रयोगों के माध्यम से समझने का अवसर मिलेगा। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने साइंस ऑन व्हील्स पहल शुरू की है। इसके तहत बिलासपुर के विद्यालयों तक व्यावहारिक विज्ञान शिक्षा पहुंचाई जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना और उन्हें वैज्ञानिक प्रयोगों से जोड़ना है।
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से शुरू की गई इस पहल को कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है। इसके तहत प्रत्येक विद्यालय में करीब छह घंटे की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, सतत विकास और जल निस्पंदन जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विद्यार्थी प्रयोगों के माध्यम से समझ सकेंगे कि वैज्ञानिक सिद्धांतों का उपयोग रोजमर्रा की जिंदगी में किस तरह होता है।
कार्यक्रम के जरिये विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, तार्किक सोच, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। इससे उन्हें विज्ञान को करीब से समझने और भविष्य में तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
विज्ञापन
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करना जरूरी है। विद्यार्थियों को केवल वैज्ञानिक प्रदर्शन दिखाने के बजाय प्रयोगों के माध्यम से सीखने के अवसर दिए जाने चाहिए। इससे वे नई तकनीकों को समझने और उनके विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित होंगे।
कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान हाइड्रो रॉकेट का प्रत्यक्ष प्रक्षेपण किया गया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को बल, दबाव और गति जैसे वैज्ञानिक सिद्धांतों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। रॉकेट का प्रक्षेपण विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
आईआईटी मंडी ने प्लाक्षा विश्वविद्यालय और इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड्स (आईडीवाईएम) फाउंडेशन के सहयोग से यह पहल शुरू की है। इसके माध्यम से जिले के विद्यार्थियों को प्रयोग आधारित शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा
विज्ञापन
कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थियों को मिलेगा व्यावहारिक ज्ञान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के स्कूली विद्यार्थियों को अब विज्ञान के सिद्धांत केवल किताबों से नहीं, बल्कि प्रयोगों के माध्यम से समझने का अवसर मिलेगा। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने साइंस ऑन व्हील्स पहल शुरू की है। इसके तहत बिलासपुर के विद्यालयों तक व्यावहारिक विज्ञान शिक्षा पहुंचाई जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना और उन्हें वैज्ञानिक प्रयोगों से जोड़ना है।
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से शुरू की गई इस पहल को कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है। इसके तहत प्रत्येक विद्यालय में करीब छह घंटे की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, सतत विकास और जल निस्पंदन जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विद्यार्थी प्रयोगों के माध्यम से समझ सकेंगे कि वैज्ञानिक सिद्धांतों का उपयोग रोजमर्रा की जिंदगी में किस तरह होता है।
विज्ञापन
कार्यक्रम के जरिये विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, तार्किक सोच, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। इससे उन्हें विज्ञान को करीब से समझने और भविष्य में तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
विज्ञापन
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करना जरूरी है। विद्यार्थियों को केवल वैज्ञानिक प्रदर्शन दिखाने के बजाय प्रयोगों के माध्यम से सीखने के अवसर दिए जाने चाहिए। इससे वे नई तकनीकों को समझने और उनके विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित होंगे।
कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान हाइड्रो रॉकेट का प्रत्यक्ष प्रक्षेपण किया गया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को बल, दबाव और गति जैसे वैज्ञानिक सिद्धांतों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। रॉकेट का प्रक्षेपण विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
आईआईटी मंडी ने प्लाक्षा विश्वविद्यालय और इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड्स (आईडीवाईएम) फाउंडेशन के सहयोग से यह पहल शुरू की है। इसके माध्यम से जिले के विद्यार्थियों को प्रयोग आधारित शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा