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Bilaspur News: प्राथमिक शिक्षा बचाओ न्याय यात्रा घुमारवीं से शिमला रवाना

Sat, 18 Jul 2026 11:47 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2026 11:47 PM IST
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'Save Primary Education' Justice March sets off from Ghumarwin to Shimla.
घुमारवीं से रवाना हुई प्राथमिक शिक्षक संघ की यात्रा। संवाद
26 जुलाई को चौड़ा मैदान में होगा शक्ति प्रदर्शन, प्रदेशाध्यक्ष बोले, 25 सूत्री मांगों पर सरकार से निर्णय की उम्मीद
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। प्राथमिक शिक्षक संघ हिमाचल प्रदेश की ओर से निकाली जा रही प्राथमिक शिक्षा बचाओ न्याय यात्रा शनिवार सुबह घुमारवीं से शिमला के लिए रवाना हो गई। यात्रा के आठवें दिन प्रदेशभर से पहुंचे सैकड़ों प्राथमिक शिक्षकों ने इसमें भाग लेकर प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाने और संघ की 25 सूत्रीय मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई। आठ दिन पहले माता बगलामुखी मंदिर से शुरू हुई यह पदयात्रा शुक्रवार रात घुमारवीं पहुंची थी और शनिवार सुबह अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हुई।
घुमारवीं में प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा कि संघ लंबे समय से न्यू कांप्लेक्स सिस्टम को वापस लेने सहित 25 सूत्री मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि न्याय यात्रा 25 जुलाई को शिमला पहुंचेगी, जबकि 26 जुलाई को ऐतिहासिक चौड़ा मैदान में विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। रमेश शर्मा ने दावा किया कि विभागीय रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि लगभग 5,000 जेबीटी, 6,200 से अधिक नर्सरी शिक्षकों, 6,000 से अधिक अन्य शिक्षकीय पदों और करीब 2,000 मल्टी टास्क वर्करों के पद रिक्त हैं। इसके चलते नर्सरी में प्रवेश लेने वाले करीब 60 हजार बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
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उन्होंने ऊना जिले के कुछ स्कूलों का उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षा समितियों और स्थानीय स्तर पर शिक्षकों ने निजी संसाधनों से बच्चों की पढ़ाई जारी रखने का प्रयास किया, लेकिन ऐसे मामलों में भी विभागीय जांच बैठा दी गई। उनका आरोप था कि सरकार न तो रिक्त पद भर रही है और न ही स्थानीय स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था होने दे रही है, जिससे कई स्कूलों के भविष्य पर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि न्याय यात्रा पूरी तरह गांधीवादी तरीके से निकाली जा रही है। यात्रा के दौरान कहीं भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी नहीं की जा रही है। शिक्षकों का उद्देश्य शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना और सरकारी प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाकर लाखों विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित करना है।
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