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छात्रों के लिए मुसीबत बना रूसा
ब्यूरो/अमर उजाला, घुमारवीं (बिलासपुर)।
Updated Sat, 30 Apr 2016 11:59 PM IST
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राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान (रूसा) ने कॉलेजों के छात्रों को मुसीबत में डाल दिया है। हालात यह हैं कि अभी तक पांचवें सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुआ है, जबकि छठे सेमेस्टर की परीक्षा शुरू होने वाली है।
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यही नहीं कई छात्र वर्गों का कुछ त्रुटियां होने से तीसरे और चौथे सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम भी अधर में लटका हुआ है। अब रूसा सिस्टम के तहत छठे सेमेस्टर की परीक्षा शुरू होने वाली हैं और पिछले सेमेस्टरों का पूरा परीक्षा परिणाम न आने से छात्र वर्गों का भविष्य अधर में फंस गया है।
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इस विषय पर घुमारवीं कॉलेज की पीटीए ने गहरी चिंता व्यक्त की है। पीटीए प्रधान करतार सिंह, उपप्रधान सुरेंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष बृजलाल शर्मा, सह-सचिव केशव धर्माणी, मुख्य सलाहकार सतीश गौतम, तकनीकी सहायक नरेश कुमार, सुनील कुमार, जैसी राम, सोहन सिंह, बीडी शर्मा और ओमकार सिंह का कहना है कि यदि रूसा सिस्टम के तहत छात्र वर्गों का परीक्षा परिणाम समयानुसार नहीं आता है, तो हजारों छात्रों का एक वर्ष बर्बाद हो जाएगा।
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इसमें अंतिम वर्ष के छात्र शामिल हैं, जिनका अंतिम सेमेस्टर है। क्योंकि देश के हर विश्वविद्यालय में सितंबर माह से पहले एमसी, एमए और बीएड सहित अन्य कोर्सों में दाखिला हो जाता है। जहां छात्रों की पूरी बीए और बीएससी की डिग्री होनी चाहिए।
उनका कहना है कि इस बारे प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय कोई कारगर कदम नहीं उठा रहा है। यदि रूसा सिस्टम के तहत व्यवस्था नहीं थी, तो इसे लागू ही नहीं किया जाना चाहिए था।
पीटीए ने मांग की है कि जल्द व्यवस्था बनाकर परीक्षा परिणामों को घोषित किया जाएगा। यदि समयानुसार परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुआ, तो पूरे प्रदेश में छात्र वर्ग और अभिभावक आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।