बिलासपुर। जिले में मंगलवार से भारी बारिश दौर शुरू हो गया। भारी बारिश का अलर्ट सुनकर नुकसान झेल चुके लोग फिर से सहम उठे हैं। मंगलवार को भूस्खलन और धंसने से 12 सड़कें बंद हो गई हैं। इसके अलावा किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर कई जगह भूस्खलन हुआ है। इसके चलते यातायात एकतरफा चल रहा है। वहीं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धार टटोह के दो कमरों और रसोई को खतरा पैदा हो गया है। मंगलवार सुबह 10 बजे के बाद गरज के साथ तेज बारिश शुरू हुई, जो दोपहर बाद तक जारी रही। बारिश से कामकाजी लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। भूस्खलन से घुमारवीं-जाहू, अमरसिंहपुरा-कुहघाट, हरलोग-त्रिफालघाट, हरलोग-ननावीं, भटोली-मल्यावर, भगेड़-डैहर, दयोथ-लगघाट, कोठीपुरा-परोही, चेली-समलोहल, कल्लर-लदरौर, घुमारवीं-दाबला-मोरसिंघी, भगेड़-पनौल-बरठीं, कंदरौर-टकरेड़ा, सलवाड़-चलोग, मरोतन-धनी, धनी-खरली, चौनता-धनी, थेह-बुहाड़, गंगलोह-मलरावं, तलाई-धनी, मरोत्तन-बागछाल, जड्डू-कोसरियां, बैरी-कलोल, नैण-दुर्गाघाट, ढलोग-मलरावं, टेहरी-मलरावं सड़कें बंद हो गईं। वहीं, किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर समलेटू के पास भारी भूस्खलन हुआ। इस जगह पर यातायात एकतरफा चल रहा है। कई बार जाम की स्थिति भी बन रही है। इसके अलावा फोरलेन पर जकातखाला, औहर, टीहरा में भी फोरलेन पर भूस्खलन हुआ है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धार टटोह के दो कमरों की नींव से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे रसोई भवन में दरार आ गई है। इसकी जानकारी प्रधानाचार्य राकेश कुमार ने उपायुक्त को दे दी है। इसके अलावा नेरी गांव के जगदीश चंद और सोपता गांव के गुरदेव कुमार के मकान में दरारें आई हैं। चेहड़ी गांव के ज्ञान चंद का डंगा गिर गया। झंडूता से झबोला की 33 केवी विद्युत लाइन पर जमीन खिसकने से बिजली के खंभे ध्वस्त हो गए। कई जगहों पर तार गिर गए। कर्मचारियों ने युद्धस्तर पर कार्य करते हुए क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी है।