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Bilaspur News: सड़क नहीं, बरसात में ट्रैक्टर पर उफनती खड्ड के पार पहुंचाए जच्चा और बच्चा

Tue, 12 Aug 2025 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Aug 2025 11:55 PM IST
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river crossing river crossing
झंडूता के टप्पा गांव में प्रसूता और शिशु को ट्रैक्टर के माध्यम से अस्पातल ले जाते। स्रोत: वीडिय
संशोधित खबर
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दधोग, कुजैल और टप्पे गांवों के 400 भाखड़ा विस्थापित को आज तक नसीब नहीं हुई सड़क सुविधा

एक तरफ जंगल तो दूसरी ओर सरहयाली खड्ड से घिरे हैं भाखड़ा विस्थापितों के गांव
लोगों ने कहा, अगर नहीं बनी सड़क तो चुनावों का करेंगे बहिष्कार

संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। झंडूता विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत घंडीर के दधोग, कुजैल और टप्पे गांवों में सड़क सुविधा नहीं होने के कारण बीमार जच्चा-बच्चे को अस्पताल पहुंचाना चुनौती बन गया। मंगलवार को 10 दिन के नवजात की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए रास्ता इतना खराब था कि मजबूरन बच्चे को ट्रैक्टर में उफनती सरहयाली खड्ड पार करानी पड़ी। इसके बाद नवजात को इलाज के लिए हमीरपुर अस्पताल ले जाया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि कि भाखड़ा विस्थापितों के इन तीन गांवों में लगभग 400 लोग रहते हैं, जो सरयाली खड्ड और जंगल के बीच बसे हैं। बरसात के दौरान खड्ड उफान पर है। गर्भवती महिलाओं और बीमार बच्चों, नवजातों को चारपाई पर उठाकर डेढ़ किलोमीटर खड्ड पार करनी पड़ती है, तब जाकर उन्हें मुख्य सड़क तक पहुंचाया जाता है। जहां से वाहन से अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। सड़क न होने से बच्चों के इलाज में देरी हो रही है और कई परिवार बेहतर शिक्षा के लिए अपने बच्चों को शहर भेजने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि साल 2014 में जंगल के रास्ते से यहां चार किलोमीटर लंबा संपर्क मार्ग बनाया गया था, लेकिन वह पक्का नहीं था और 2023 की आपदा में पूरी तरह तबाह हो गया था। ग्रामीणों ने अपनी जमीन भी सड़क निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को दी, लेकिन प्रशासन की अनदेखी जारी है। छोटू राम, अमीचंद, निशा, सौरव कालिया ने बताया कि दस दिन पहले उन्होंने प्रशासन को स्थिति से अवगत कराया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वे गुस्से में हैं और चेतावनी दी है कि अगर जल्द सड़क का निर्माण नहीं हुआ तो वे आने वाले सभी चुनावों का बहिष्कार करेंगे। मांग की कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं की जान बचाने के लिए पक्की सड़क बनाई जाए और बरसात के दौरान खड्ड पार करने के लिए पुल या सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराया जाए। आपदा प्रभावित संपर्क मार्ग की मरम्मत भी की जाए ताकि भविष्य में ऐसी दिक्कत न आएं। सड़क सुविधा न होने से स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा दोनों प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद जताई है।
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