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Bilaspur News: लड़कों में रितेश तो लड़कियों में दिवितिका बनीं विजेता
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- डीएवी स्कूल में हुई जिला स्तरीय अंडर-17 ओपन चैस स्पर्धा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शतरंज एसोसिएशन की ओर से रविवार को जिला स्तरीय अंडर-17 ओपन शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन डीएवी स्कूल में किया गया। प्रतियोगिता में 19 लड़कों और लड़कियों ने भाग लिया।
प्रतियोगिता में लड़कों के वर्ग में रितेश भारद्वाज ने पहला और कुशाग्र चंदेल ने दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं, लड़कियों के वर्ग में दिवितिका ने पहला और वंशिका ठाकुर ने दूसरा स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में विजेताओं को पदक और प्रमाणपत्र वितरित किए गए। हिमाचल प्रदेश राज्य शतरंज संघ के उपाध्यक्ष जसबीर ठाकुर ने बताया कि प्रत्येक श्रेणी के दो खिलाड़ियों का चयन 8 और 9 जून को कांगड़ा में होने वाली राज्य स्तरीय अंडर-17 शतंरज प्रतियोगिता के लिए हुआ है। इससे पहले प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष प्रकाश चंद आचार्य ने किया। उन्होंने कहा कि शतरंज एक व्यक्तिगत खेल है। इसमें युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलता है। यह एक प्रमाणित अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल है। इसमें बुद्धि कौशल से खिलाड़ी उच्च स्तर को हासिल कर सकते हैं। इस खेल से जुड़ने से बच्चों के बौद्धिक विकास में गुणात्मक सुधार आता है। इस अवसर पर जिला शतरंज संघ के कोषाध्यक्ष शिवपाल गर्ग आदि उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शतरंज एसोसिएशन की ओर से रविवार को जिला स्तरीय अंडर-17 ओपन शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन डीएवी स्कूल में किया गया। प्रतियोगिता में 19 लड़कों और लड़कियों ने भाग लिया।
प्रतियोगिता में लड़कों के वर्ग में रितेश भारद्वाज ने पहला और कुशाग्र चंदेल ने दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं, लड़कियों के वर्ग में दिवितिका ने पहला और वंशिका ठाकुर ने दूसरा स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में विजेताओं को पदक और प्रमाणपत्र वितरित किए गए। हिमाचल प्रदेश राज्य शतरंज संघ के उपाध्यक्ष जसबीर ठाकुर ने बताया कि प्रत्येक श्रेणी के दो खिलाड़ियों का चयन 8 और 9 जून को कांगड़ा में होने वाली राज्य स्तरीय अंडर-17 शतंरज प्रतियोगिता के लिए हुआ है। इससे पहले प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष प्रकाश चंद आचार्य ने किया। उन्होंने कहा कि शतरंज एक व्यक्तिगत खेल है। इसमें युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलता है। यह एक प्रमाणित अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल है। इसमें बुद्धि कौशल से खिलाड़ी उच्च स्तर को हासिल कर सकते हैं। इस खेल से जुड़ने से बच्चों के बौद्धिक विकास में गुणात्मक सुधार आता है। इस अवसर पर जिला शतरंज संघ के कोषाध्यक्ष शिवपाल गर्ग आदि उपस्थित रहे।
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