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कीरतपुर-नेरचौक निर्माण : वन विभाग की सुस्ती, शर्त नंबर 18 की अनुपालना अधर में
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अरण्यपाल के आदेशों पर भारी पड़ रही रेंज अधिकारियों की देरी
मामले को लेकर एक महीने बाद फिर जारी हुआ रिमाइंडर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के लिए डायवर्ट की गई वन भूमि पर आरसीसी पिलरों के सत्यापन का मामला विभागीय फाइलों में उलझकर रह गया है। अरण्यपाल बिलासपुर की ओर से सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद एक महीने बीत जाने पर भी जमीनी स्तर पर कोई रिपोर्ट सबमिट नहीं हुई। अरण्यपाल ने 6 फरवरी 2026 को शर्त नंबर 18 की अनुपालना सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए थे। डीसीएफ बिलासपुर को निजी तौर पर दखल देकर नियमों के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया था। 3 फरवरी और 10 फरवरी को जारी पत्रों के बावजूद रेंज अधिकारियों ने अभी तक रिपोर्ट जमा नहीं की है। एक महीने की लंबी खामोशी के बाद अब रेंज अधिकारियों को रिमाइंडर भेजकर रिपोर्ट मांगी गई है।
जानकारी के अनुसार, अरण्यपाल वन वृत्त बिलासपुर ने 6 फरवरी 2026 को वन मंडलाधिकारी बिलासपुर को पत्र संख्या 4753 जारी किया था। यह पत्र फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति की शिकायत के संदर्भ में था। अरण्यपाल ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि डायवर्ट की गई वन भूमि पर लगे आरसीसी पिलरों की जांच की जाए और विशेष रूप से शर्त नंबर 18 की अनुपालना के मूल प्रमाणों सहित जांच कर शिकायतकर्ता को अवगत करवाया जाए। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर विषय पर वन मंडल कार्यालय की ओर से रेंज अधिकारियों स्वारघाट, सदर, झंडूता और घुमारवीं को 3 फरवरी और 10 फरवरी को निर्देश भेजे गए थे, लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी किसी भी रेंज कार्यालय से रिपोर्ट नहीं पहुंची। अब 11 मार्च 2026 को डीसीएफ बिलासपुर की ओर से चारों रेंज अधिकारियों को एक रिमाइंडर पत्र संख्या 15202-05 जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि मांगी गई जानकारी अभी तक अपेक्षित है, इसे तुरंत भेजा जाए ताकि उच्चाधिकारियों को सूचित किया जा सके।
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मामले को लेकर एक महीने बाद फिर जारी हुआ रिमाइंडर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के लिए डायवर्ट की गई वन भूमि पर आरसीसी पिलरों के सत्यापन का मामला विभागीय फाइलों में उलझकर रह गया है। अरण्यपाल बिलासपुर की ओर से सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद एक महीने बीत जाने पर भी जमीनी स्तर पर कोई रिपोर्ट सबमिट नहीं हुई। अरण्यपाल ने 6 फरवरी 2026 को शर्त नंबर 18 की अनुपालना सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए थे। डीसीएफ बिलासपुर को निजी तौर पर दखल देकर नियमों के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया था। 3 फरवरी और 10 फरवरी को जारी पत्रों के बावजूद रेंज अधिकारियों ने अभी तक रिपोर्ट जमा नहीं की है। एक महीने की लंबी खामोशी के बाद अब रेंज अधिकारियों को रिमाइंडर भेजकर रिपोर्ट मांगी गई है।
जानकारी के अनुसार, अरण्यपाल वन वृत्त बिलासपुर ने 6 फरवरी 2026 को वन मंडलाधिकारी बिलासपुर को पत्र संख्या 4753 जारी किया था। यह पत्र फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति की शिकायत के संदर्भ में था। अरण्यपाल ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि डायवर्ट की गई वन भूमि पर लगे आरसीसी पिलरों की जांच की जाए और विशेष रूप से शर्त नंबर 18 की अनुपालना के मूल प्रमाणों सहित जांच कर शिकायतकर्ता को अवगत करवाया जाए। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर विषय पर वन मंडल कार्यालय की ओर से रेंज अधिकारियों स्वारघाट, सदर, झंडूता और घुमारवीं को 3 फरवरी और 10 फरवरी को निर्देश भेजे गए थे, लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी किसी भी रेंज कार्यालय से रिपोर्ट नहीं पहुंची। अब 11 मार्च 2026 को डीसीएफ बिलासपुर की ओर से चारों रेंज अधिकारियों को एक रिमाइंडर पत्र संख्या 15202-05 जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि मांगी गई जानकारी अभी तक अपेक्षित है, इसे तुरंत भेजा जाए ताकि उच्चाधिकारियों को सूचित किया जा सके।
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