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Bilaspur News: क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर को कायाकल्प अभियान में मिला 3 लाख रुपये पुरस्कार
Mon, 27 Apr 2026 11:36 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 27 Apr 2026 11:36 PM IST
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केंद्रीय टीम के निरीक्षण में सफाई, स्वास्थ्य सेवाएं, प्रबंधन व्यवस्था सराही
कायाकल्प अभियान के तहत अस्पताल मूल्यांकन की सूची में शामिल
पीएचसी सलोआ ने हासिल किया पहला स्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर को कायाकल्प अभियान के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विशेष अनुदान 3 लाख रुपये पुरस्कार के रूप में मिले हैं। स्वच्छ भारत अभियान के तहत कायाकल्प में क्षेत्रीय अस्पताल इस अभियान के सूची में शामिल हुआ है। केंद्रीय मूल्यांकन टीम की ओर से अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण करने के बाद यह सम्मान प्रदान किया गया।
अस्पताल ने स्वच्छता, मरीजों को दी जा रही सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था में निर्धारित मानकों पर खरा उतरकर यह उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि कायाकल्प अभियान का उद्देश्य केवल पुरस्कार प्राप्त करना नहीं, बल्कि मरीजों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। केंद्रीय टीम का यह निरीक्षण क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पिछले कुछ महीने पहले निरीक्षण के दौरान केंद्रीय टीम ने अस्पताल के ओपीडी, आपातकालीन कक्ष, विभिन्न वार्डों, प्रयोगशालाओं, प्रसूति कक्ष और फार्मेसी का दौरा किया। इस दौरान मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, वार्ड प्रबंधन, दवाइयों की उपलब्धता और साफ-सफाई व्यवस्था का गहन परीक्षण किया गया। टीम ने अस्पताल में तैनात चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों से संक्रमण नियंत्रण उपायों, जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता मानकों और रिकॉर्ड संधारण प्रणाली को लेकर विस्तृत जानकारी भी ली। निरीक्षण के बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट प्रदेश और केंद्र सरकार को सौंप दी थी। निर्धारित मानकों पर खरा उतरने की स्थिति में अस्पताल को विशेष अनुदान प्रदान किया गया है। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. शशि दत्त शर्मा ने बताया कि यह मूल्यांकन स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं, साफ-सफाई रिकॉर्ड प्रबंधन, मरीजों की देखभाल और जन सेवाओं की गुणवत्ता के आधार पर किया गया। इस उपलब्धि से जिले के स्वास्थ्य कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है। उम्मीद जताई कि भविष्य में भी जिले के स्वास्थ्य संस्थान इसी तरह बेहतर सेवाएं देकर नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।
इनसेट
जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों ने वर्ष 2025-26 के बाह्य मूल्यांकन में बेहतर प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। श्रेणी.3 पीएचसी के तहत हुए मूल्यांकन में पीएचसी सलोआ ने पहला स्थान हासिल करते हुए दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्राप्त की है। इसके अलावा कई स्वास्थ्य संस्थानों को उत्कृष्ट कार्यप्रणाली, स्वच्छता व्यवस्था, मरीजों को बेहतर सुविधाएं और निर्धारित मानकों पर खरा उतरने के लिए प्रशंसा पुरस्कार और प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए हैं। प्रशंसा पुरस्कार 50 हजार रुपये पाने वाले संस्थान में पीएचसी रौड़ा, पीएचसी गेहड़वीं, पीएचसी पनौल, पीएचसी कलोल, पीएचसी बुहाड़, पीएचसी ऋषिकेश, पीआरसी कपाहड़ा, पीएचसी तल्याणा और पीएचसी पंतेहड़ा शामिल हैं। इसके अलावा प्रशंसा पत्र 50 हजार रुपये पाने वाले संस्थानों में पीएचसी बप्याड़, पीएचसी बागी सुंगल, पीएचसी मंडी मानवां, पीएचसी छड़ोल, पीएचसी भड़ेतर, पीएचसी मलोखर, पीएचसी डियारा, पीएचसी स्वाहन, पीएचसी तरसूह, पीएचसी टोबा और पीएचसी भजून शामिल हैं।
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कायाकल्प अभियान के तहत अस्पताल मूल्यांकन की सूची में शामिल
पीएचसी सलोआ ने हासिल किया पहला स्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर को कायाकल्प अभियान के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विशेष अनुदान 3 लाख रुपये पुरस्कार के रूप में मिले हैं। स्वच्छ भारत अभियान के तहत कायाकल्प में क्षेत्रीय अस्पताल इस अभियान के सूची में शामिल हुआ है। केंद्रीय मूल्यांकन टीम की ओर से अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण करने के बाद यह सम्मान प्रदान किया गया।
अस्पताल ने स्वच्छता, मरीजों को दी जा रही सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था में निर्धारित मानकों पर खरा उतरकर यह उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि कायाकल्प अभियान का उद्देश्य केवल पुरस्कार प्राप्त करना नहीं, बल्कि मरीजों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। केंद्रीय टीम का यह निरीक्षण क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पिछले कुछ महीने पहले निरीक्षण के दौरान केंद्रीय टीम ने अस्पताल के ओपीडी, आपातकालीन कक्ष, विभिन्न वार्डों, प्रयोगशालाओं, प्रसूति कक्ष और फार्मेसी का दौरा किया। इस दौरान मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, वार्ड प्रबंधन, दवाइयों की उपलब्धता और साफ-सफाई व्यवस्था का गहन परीक्षण किया गया। टीम ने अस्पताल में तैनात चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों से संक्रमण नियंत्रण उपायों, जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता मानकों और रिकॉर्ड संधारण प्रणाली को लेकर विस्तृत जानकारी भी ली। निरीक्षण के बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट प्रदेश और केंद्र सरकार को सौंप दी थी। निर्धारित मानकों पर खरा उतरने की स्थिति में अस्पताल को विशेष अनुदान प्रदान किया गया है। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. शशि दत्त शर्मा ने बताया कि यह मूल्यांकन स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं, साफ-सफाई रिकॉर्ड प्रबंधन, मरीजों की देखभाल और जन सेवाओं की गुणवत्ता के आधार पर किया गया। इस उपलब्धि से जिले के स्वास्थ्य कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है। उम्मीद जताई कि भविष्य में भी जिले के स्वास्थ्य संस्थान इसी तरह बेहतर सेवाएं देकर नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।
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जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों ने वर्ष 2025-26 के बाह्य मूल्यांकन में बेहतर प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। श्रेणी.3 पीएचसी के तहत हुए मूल्यांकन में पीएचसी सलोआ ने पहला स्थान हासिल करते हुए दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्राप्त की है। इसके अलावा कई स्वास्थ्य संस्थानों को उत्कृष्ट कार्यप्रणाली, स्वच्छता व्यवस्था, मरीजों को बेहतर सुविधाएं और निर्धारित मानकों पर खरा उतरने के लिए प्रशंसा पुरस्कार और प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए हैं। प्रशंसा पुरस्कार 50 हजार रुपये पाने वाले संस्थान में पीएचसी रौड़ा, पीएचसी गेहड़वीं, पीएचसी पनौल, पीएचसी कलोल, पीएचसी बुहाड़, पीएचसी ऋषिकेश, पीआरसी कपाहड़ा, पीएचसी तल्याणा और पीएचसी पंतेहड़ा शामिल हैं। इसके अलावा प्रशंसा पत्र 50 हजार रुपये पाने वाले संस्थानों में पीएचसी बप्याड़, पीएचसी बागी सुंगल, पीएचसी मंडी मानवां, पीएचसी छड़ोल, पीएचसी भड़ेतर, पीएचसी मलोखर, पीएचसी डियारा, पीएचसी स्वाहन, पीएचसी तरसूह, पीएचसी टोबा और पीएचसी भजून शामिल हैं।
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