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Bilaspur News: रावण अभी भी समय है...श्रीराम से क्षमा मांग लो
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-घुमारवीं रामलीला मंचन में हनुमान-रावण संवाद ने लूटी वाहवाही
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। रावण मैं जानता हूं कि यह भूल तुमसे अनजाने में हुई है। अभी भी समय है कि भगवान राम से क्षमा मांग लो। वह तुम्हें अवश्य क्षमा कर देंगे। वे साधारण मानव न होकर साक्षात नारायण के अवतार हैं। जब यह शब्द हनुमान का अभिनय कर रहे सुरेश धीमान ने कहे तो सारा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
घुमारवीं में चल रही रामलीला की सातवीं संध्या में दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस संध्या में बाली और सुग्रीव के युद्ध में भगवान राम ने बाली को प्राण मुक्त किया और सुग्रीव को पंपापुर का राजा घोषित किया। वहीं सीता माता की खोज करते हुए हनुमान लंका पहुंचते हैं। जहां पर अशोक वाटिका में सूक्ष्म रूप से रावण के अत्याचारों को देखते हैं और उसके जाने के बाद माता सीता से भेंट करते हैं। इस दौरान वे अशोक वाटिका को तहस-नहस देते हैं। जब इस बात का पता राज दरबार में चलता है तो रावण पुत्र मेघनाद नागपाश अस्त्र का प्रयोग कर हनुमान को बंदी बनाकर रावण के दरबार में प्रस्तुत करते हैं। यहां पर रावण और हनुमान के मध्य हुए संवादों ने दर्शकों को प्रभावित किया। सीता की भूमिका में विशाल शर्मा ने रावण की भूमिका में संजय शर्मा ने खूब वाहवाही लूटी। इस संध्या में मान सिंह ने अक्षय कुमार और प्रेम गौतम ने मेघनाद का रोल अदा किया। इस संध्या में पूर्व जिला पार्षद हटवाड़ सुभाष ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। समिति की ओर से उन्हें शॉल व टोपी पहना कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि घुमारवीं रामलीला घुमारवीं के कलाकारों ने पूरे हिमाचल में अपने उत्कृष्ट अभिनय से एक अमिट छाप छोड़ी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। रावण मैं जानता हूं कि यह भूल तुमसे अनजाने में हुई है। अभी भी समय है कि भगवान राम से क्षमा मांग लो। वह तुम्हें अवश्य क्षमा कर देंगे। वे साधारण मानव न होकर साक्षात नारायण के अवतार हैं। जब यह शब्द हनुमान का अभिनय कर रहे सुरेश धीमान ने कहे तो सारा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
घुमारवीं में चल रही रामलीला की सातवीं संध्या में दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस संध्या में बाली और सुग्रीव के युद्ध में भगवान राम ने बाली को प्राण मुक्त किया और सुग्रीव को पंपापुर का राजा घोषित किया। वहीं सीता माता की खोज करते हुए हनुमान लंका पहुंचते हैं। जहां पर अशोक वाटिका में सूक्ष्म रूप से रावण के अत्याचारों को देखते हैं और उसके जाने के बाद माता सीता से भेंट करते हैं। इस दौरान वे अशोक वाटिका को तहस-नहस देते हैं। जब इस बात का पता राज दरबार में चलता है तो रावण पुत्र मेघनाद नागपाश अस्त्र का प्रयोग कर हनुमान को बंदी बनाकर रावण के दरबार में प्रस्तुत करते हैं। यहां पर रावण और हनुमान के मध्य हुए संवादों ने दर्शकों को प्रभावित किया। सीता की भूमिका में विशाल शर्मा ने रावण की भूमिका में संजय शर्मा ने खूब वाहवाही लूटी। इस संध्या में मान सिंह ने अक्षय कुमार और प्रेम गौतम ने मेघनाद का रोल अदा किया। इस संध्या में पूर्व जिला पार्षद हटवाड़ सुभाष ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। समिति की ओर से उन्हें शॉल व टोपी पहना कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि घुमारवीं रामलीला घुमारवीं के कलाकारों ने पूरे हिमाचल में अपने उत्कृष्ट अभिनय से एक अमिट छाप छोड़ी है।
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