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स्कूली छात्र-छात्राओं को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करना क्लस्टर सिस्टम का उद्देश्य :धर्माणी

Mon, 22 Jan 2024 11:25 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jan 2024 11:25 PM IST
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rajesh dhamani participate in annual function
-मंत्री बोले,जिन स्कूलों में अध्यापकों की संख्या कम, वहां दूसरे स्कूलों के अध्यापक पढ़ा सकेंगे
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-क्लस्टर स्तरीय समारोह का आयोजन एक अनोखी पहल,खत्म होगा बच्चों का स्टेज फीयर

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। स्वर्ण जयंती उत्कृष्ट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डंगार में क्लस्टर स्तरीय वार्षिक पारितोषिक समारोह में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इसमें 10 पाठशालाओं के 984 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। बरोटा, दधोल, चोखना, छंदोह, तड़ौन, हरितल्यांगर,बाडी छजोली, जोल, पट्टा, डंगार स्कूल ने क्लस्टर स्तर पर भाग लिया। बच्चों ने कव्वाली, योग, एकल गान, समूह गान, गिद्दा, भांगड़ा, देश भक्ति गीत,स्किट,पहाड़ी नाटी की रंगारंग प्रस्तुति दी।
राजेश धर्माणी ने कहा कि हमारा प्रयास है कि संसाधनों को साझा कर समग्र गतिविधियों के जरिए गुणात्मक शिक्षा में सुधार के लिए क्लस्टर स्कूल बनाना है। पिछली सरकार में हर बहुत से खोले गए स्कूलों में बच्चों की संख्या बहुत कम है। जिसके मद्देनजर प्रदेश सरकार ने कलेक्टर सिस्टम डेवलप करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत बच्चों को दूसरे स्कूलों के बच्चों से कुछ नया सीखने को भी मिलता है। जिन स्कूलों में अध्यापकों की संख्या कम है वहां दूसरे स्कूलों के अध्यापक पढ़ा सकेंगे। इस तरह के क्लस्टर स्तरीय समारोह का आयोजन एक अनोखी पहल है, जिससे बच्चों का स्टेज फीयर खत्म होता है। क्लस्टर स्कूल में खेल मैदान, वाद्य यंत्रों, खेल संबंधी उपकरण,बहुउद्देशीय सभागार, एक्टिविटी रूम, पुस्तकालय, रीडिंग रूम, कंप्यूटर लैब और अन्य प्रयोगशालाओं का उपयोग सभी विद्यार्थी कर सकेंगे।
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मंत्री ने कहा कि क्लस्टर स्कूल सभी व्यावहारिक उद्देश्यों के लिए एक मॉडल समग्र शैक्षणिक संस्थान के रूप में कार्य करेंगे। कहा कि शिक्षा से बच्चे समाज के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। शिक्षा हमें सांस्कृतिक मूल्यों की तरफ आकर्षित करती है, हमें मानवीय गुणों की पहचान करवाती है। इस अवसर पर स्वर्ण जयंती उत्कृष्ट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डंगार के प्रधानाचार्य राजेश कुमार शर्मा ने वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी। बताया कि विद्यालय की स्थापना प्राथमिक विद्यालय के रूप में 1954 में हुई थी। 1977 में उच्च, 1997 में इस विद्यालय को वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का दर्जा प्रदान किया गया। बीते वर्ष ही विद्यालय को स्वर्ण जयंती उत्कृष्ट विद्यालय का दर्जा दिया गया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष जागीर सिंह मेहता, उच्च शिक्षा उप निदेशक जोगिंदर सिंह राव, प्रारंभिक उपनिदेशक बीडी शर्मा, घुमारवीं कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राजीव शर्मा, स्कूल प्रबंधक समिति अध्यक्ष मनोहर लाल उपस्थित रहे।
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