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Bilaspur News: लेठवीं में वर्षा शालिका का दोबारा नहीं हुआ निर्माण
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दधोल-लदरौर सड़क के नवीनीकरण के दौरान तोड़ी थी वर्षा शालिका
- लोग खुले आसमान के नीचे बसों का इंतजार करने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। उप तहसील भराड़ी के तहत लेठवीं कस्बे में वर्षाशालिका न होने पर लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे से रोजाना विद्यार्थियों सहित अन्य मुसाफिर बसों का इंतजार करने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन वर्षाशालिका न होने से उन्हें बारिश, धूप और आंधी में खुले आसमान के नीचे खड़ा होना पड़ता है।
लेठवीं कस्बे में पहले वर्षाशालिका बनाई गई थी। दधोल-लदरौर सड़क का नवीनीकरण होने के चलते उस वर्षाशालिका को तोड़ दिया गया, लेकिन नई वर्षाशालिका का निर्माण नहीं किया। लेठवीं कस्बे के नजदीक दर्जनों गांव पड़ते हैं। इन गांवों से रोजाना सैकड़ों विद्यार्थी शिक्षण संस्थानों के लिए जाने के लिए बसों का इंतजार करते हैं। लेठवीं कस्बे से ही लंझता, बेला, ठंडोडा आदि जाने के लिए मुख्य सड़क है। हर समय यहां लोग बसों का इंतजार करने के लिए खड़े रहते हैं। विभाग ने यहां पर वर्षाशालिका का निर्माण नहीं करवाया। स्थानीय निवासी शशिपाल, चमन, राजेश, राकेश, संजय, ताराचंद, सोहनलाल ने बताया कि लेठवीं महत्वपूर्ण कस्बा है। इस कारण यहां वर्षाशालिका होना बेहद जरूरी है। लोग हर मौसम में सड़क किनारे खुले आसमान में खड़े होने को मजबूर हैं। सड़क किनारे बच्चों सहित अन्य लोगों के खड़े होने से हादसों का खतरा बना रहता है। कोई वाहन किसी राहगीर को टक्कर मार सकता है। लोगों ने विभाग से यहां वर्षाशालिका बनाने की मांग की है।
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- लोग खुले आसमान के नीचे बसों का इंतजार करने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। उप तहसील भराड़ी के तहत लेठवीं कस्बे में वर्षाशालिका न होने पर लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे से रोजाना विद्यार्थियों सहित अन्य मुसाफिर बसों का इंतजार करने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन वर्षाशालिका न होने से उन्हें बारिश, धूप और आंधी में खुले आसमान के नीचे खड़ा होना पड़ता है।
लेठवीं कस्बे में पहले वर्षाशालिका बनाई गई थी। दधोल-लदरौर सड़क का नवीनीकरण होने के चलते उस वर्षाशालिका को तोड़ दिया गया, लेकिन नई वर्षाशालिका का निर्माण नहीं किया। लेठवीं कस्बे के नजदीक दर्जनों गांव पड़ते हैं। इन गांवों से रोजाना सैकड़ों विद्यार्थी शिक्षण संस्थानों के लिए जाने के लिए बसों का इंतजार करते हैं। लेठवीं कस्बे से ही लंझता, बेला, ठंडोडा आदि जाने के लिए मुख्य सड़क है। हर समय यहां लोग बसों का इंतजार करने के लिए खड़े रहते हैं। विभाग ने यहां पर वर्षाशालिका का निर्माण नहीं करवाया। स्थानीय निवासी शशिपाल, चमन, राजेश, राकेश, संजय, ताराचंद, सोहनलाल ने बताया कि लेठवीं महत्वपूर्ण कस्बा है। इस कारण यहां वर्षाशालिका होना बेहद जरूरी है। लोग हर मौसम में सड़क किनारे खुले आसमान में खड़े होने को मजबूर हैं। सड़क किनारे बच्चों सहित अन्य लोगों के खड़े होने से हादसों का खतरा बना रहता है। कोई वाहन किसी राहगीर को टक्कर मार सकता है। लोगों ने विभाग से यहां वर्षाशालिका बनाने की मांग की है।
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