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Bilaspur News: फोरलेन निर्माण में 19 करोड़ के भूमि अधिग्रहण पर उठे सवाल

Tue, 21 Jul 2026 01:05 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 01:05 AM IST
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Questions on land acquisition of Rs 190 million for foreign construction
फोरलेन में राइट ऑफ वे से बाहर की जमीन अधिग्रहण का आरोप,विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन,
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खसरा नंबर डी-नोटिफाई करने और मामले की जांच की उठाई मांग

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन परियोजना में भूमि अधिग्रहण को लेकर फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने गंभीर सवाल उठाए हैं। समिति की शिकायत है कि फोरलेन निर्माण के लिए राइट ऑफ वे से बाहर आने वाले खसरा नंबरों का भी अधिग्रहण कर लिया गया, जिसमें करीब 19 करोड़ 12 लाख रुपये की मुआवजा राशि शामिल है। समिति ने इस मामले में उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर जांच, कार्रवाई और संबंधित भूमि को डी-नोटिफाई करने की मांग की है।

समिति महासचिव मदन लाल की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि एनएचएआई के भूमि अधिग्रहण अधिकारी एसएलएयू बिलासपुर की ओर से फोरलेन निर्माण के लिए भूमि, मकान और पेड़ों के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके तहत 3ए अधिसूचना जारी कर अधिग्रहण योजना तैयार की गई और उसी आधार पर खसरा नंबरों को शामिल किया गया। समिति के अनुसार, अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एनएचएआई मंडी से करीब 19.12 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि स्वीकृत करवाई गई तथा भू-अर्जन अधिकारी की ओर से अवॉर्ड भी घोषित किया गया। आरोप है कि जब प्रभावितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू हुई तो सड़क की मूल अलाइनमेंट में बदलाव कर दिया गया। समिति ने आरोप लगाया है कि अलाइनमेंट में बदलाव के कारण वास्तविक भूमि मालिकों और मकान मालिकों को नुकसान उठाना पड़ा, जबकि कुछ अन्य लोगों को इसका लाभ मिला। समिति ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने उपायुक्त से मांग की है कि राइट ऑफ वे से बाहर अधिग्रहित किए गए सभी खसरा नंबरों को तत्काल डी-नोटिफाई किया जाए। इसके अलावा 19.12 करोड़ रुपये के मुआवजे में शामिल कुल कितने खसरा नंबर हैं, कितनी भूमि का अधिग्रहण हुआ,कितने मकान और पेड़ शामिल हैं, इसका पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। समिति ने उपायुक्त से मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर निश्चित समय सीमा में कार्रवाई करने और नियमों के अनुसार समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। ज्ञापन की प्रतिलिपि एलएओ एनएचएआई और एसएलएयू बिलासपुर को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
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