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मार्च 2025 तक लोगों को समर्पित की जाएंगी 100 करोड़ की परियोजनाएं : धर्माणी
Mon, 16 Dec 2024 11:24 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 16 Dec 2024 11:24 PM IST
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बिलासपुर के मल्यावर में ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण पर पहुंचे मंत्री राजेश धर्माणी। स्रोत: डीप
-मंत्री ने किया मल्यावर, भटोली इंटेक, ट्रीटमेंट प्लांट, औहर टूरिज्म कॉम्प्लेक्स का दौरा
- क्षेत्र के लोगों को मिलेगी बेहतर पेयजल, सिंचाई की सुविधाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने सोमवार को मल्यावर, भटोली के पास गोबिंद सागर झील के किनारे बनाए गए इंटेक और ट्रीटमेंट प्लांट के साथ औहर में बन रहे टूरिज्म कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में विकसित की जा रही चार बड़ी जल योजनाओं और सिंचाई परियोजना की जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि सभी परियोजनाएं 31 मार्च 2025 तक पूर्ण कर जनता को समर्पित कर दी जाएं। इन चारों योजनाओं पर लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बताया कि घुमारवीं क्षेत्र के लिए तीन पेयजल योजनाएं जिनमें भटोली से मल्यावर त्यून खास के लिए, इसके साथ ही दूसरी योजना भटोली से करलोटी-कपाहडा के लिए, तीसरी नगर परिषद घुमारवीं के लिए नाल्टी के समीप सोर्स से, घुमारवीं क्षेत्र के लिए सिंचाई योजना औहर, राहियां, पल्थी, सेपड़ा, मझौण, मझासू, नाल्टी क्षेत्र के लिए कंदरौर पुल के पास से बनाई जा रही है। बताया कि इन चार योजनाओं के तहत कपाहड़ा, करलोटी, भराड़ी, त्यूण खास, रोपा फटोह, हवाण, तल्याणा और मल्यावर जैसे क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही मल्यावर क्षेत्र के लिए एक सिंचाई योजना भी विकसित की जा रही है, जो किसानों की जरूरतों को पूरा करेगी।
बताया कि योजनाओं का इंटेक एक ही स्थान पर बनाया गया है। इससे न केवल संचालन व्यय कम होगा, बल्कि प्रबंधन भी अधिक सुगम और व्यवस्थित रहेगा। बताया कि इस पहल से क्षेत्र के लोगों को बेहतर पेयजल, सिंचाई की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन चारों योजनाओं पर लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी। मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र के लोगों को पेयजल संकट से राहत मिलेगी। सिंचाई की सुविधा मिलने से किसानों की उत्पादकता में वृद्धि होगी। यह विकास कार्य क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के साथ क्षेत्र के समग्र विकास में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को समय पर पूरा किया जाए, ताकि इसका लाभ जल्द से जल्द क्षेत्र के लोगों को मिल सके। कहा कि क्षेत्र के विकास और लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है।
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- क्षेत्र के लोगों को मिलेगी बेहतर पेयजल, सिंचाई की सुविधाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने सोमवार को मल्यावर, भटोली के पास गोबिंद सागर झील के किनारे बनाए गए इंटेक और ट्रीटमेंट प्लांट के साथ औहर में बन रहे टूरिज्म कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में विकसित की जा रही चार बड़ी जल योजनाओं और सिंचाई परियोजना की जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि सभी परियोजनाएं 31 मार्च 2025 तक पूर्ण कर जनता को समर्पित कर दी जाएं। इन चारों योजनाओं पर लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बताया कि घुमारवीं क्षेत्र के लिए तीन पेयजल योजनाएं जिनमें भटोली से मल्यावर त्यून खास के लिए, इसके साथ ही दूसरी योजना भटोली से करलोटी-कपाहडा के लिए, तीसरी नगर परिषद घुमारवीं के लिए नाल्टी के समीप सोर्स से, घुमारवीं क्षेत्र के लिए सिंचाई योजना औहर, राहियां, पल्थी, सेपड़ा, मझौण, मझासू, नाल्टी क्षेत्र के लिए कंदरौर पुल के पास से बनाई जा रही है। बताया कि इन चार योजनाओं के तहत कपाहड़ा, करलोटी, भराड़ी, त्यूण खास, रोपा फटोह, हवाण, तल्याणा और मल्यावर जैसे क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही मल्यावर क्षेत्र के लिए एक सिंचाई योजना भी विकसित की जा रही है, जो किसानों की जरूरतों को पूरा करेगी।
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बताया कि योजनाओं का इंटेक एक ही स्थान पर बनाया गया है। इससे न केवल संचालन व्यय कम होगा, बल्कि प्रबंधन भी अधिक सुगम और व्यवस्थित रहेगा। बताया कि इस पहल से क्षेत्र के लोगों को बेहतर पेयजल, सिंचाई की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन चारों योजनाओं पर लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी। मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र के लोगों को पेयजल संकट से राहत मिलेगी। सिंचाई की सुविधा मिलने से किसानों की उत्पादकता में वृद्धि होगी। यह विकास कार्य क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के साथ क्षेत्र के समग्र विकास में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को समय पर पूरा किया जाए, ताकि इसका लाभ जल्द से जल्द क्षेत्र के लोगों को मिल सके। कहा कि क्षेत्र के विकास और लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है।
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