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आपदा राहत राशि वितरण को लेकर कार्यप्रणाली नहीं सही :जमवाल
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विधायक बोले, अपनाई जा रही है पिक एंड चूज की नीति
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सदर विस क्षेत्र के विधायक त्रिलोक जमवाल ने आपदा राहत राशि वितरण को लेकर सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कहा कि राहत राशि प्रदान करने में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है। कई लोगों की शिकायतें मिल रही हैं कि इस मामले में पिक एंड चूज की नीति अपनाई जा रही है। आपदा से वास्तविक रूप में प्रभावित हुए लोगों को दरकिनार करके ऐसे लोगों पर मेहरबानी दिखाई जा रही है, जिनका नुकसान नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की बंदरबांट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेकर पात्र प्रभावितों को राहत राशि का वितरण सुनिश्चित किया जाए। बुधवार को त्रिलोक जमवाल ने सदर विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों का दौरा किया। बरसात में बेघर और प्रभावित हुए लोगों ने विधायक से मुलाकात करके आपदा राहत राशि नहीं मिलने की शिकायत की। इन लोगों का कहना था कि जुलाई-अगस्त में भारी बरसात की वजह से उनके मकान ढह गए थे। रसोईघरों और शौचालयों आदि को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने सरकार के नए राहत मैनुअल के तहत उचित राशि मिलने की उम्मीद लगा रखी थी। कई माह के इंतजार के बावजूद उन्हें राहत के नाम पर फूटी कौड़ी तक नहीं मिल पाई है। इसके विपरीत ऐसे कई लोगों को आपदा राहत के तहत भरपूर मदद मिली है, जिनके मकानों, रसोईघरों और शौचालयों का आंशिक नुकसान हुआ था। यह हैरान करने वाला पहलू है।
त्रिलोक जमवाल ने कहा कि आपदा प्रभावितों की शिकायतों से साफ जाहिर हो रहा है कि राहत राशि के वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ हो रही है। क्षतिग्रस्त सड़कों की बहाली का काम भी चुनिंदा ठेकेदारों को दिया गया था, जिन्होंने कामचलाऊ व्यवस्था करके अपनी जेबें भरने का ही काम किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सदर विस क्षेत्र के विधायक त्रिलोक जमवाल ने आपदा राहत राशि वितरण को लेकर सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कहा कि राहत राशि प्रदान करने में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है। कई लोगों की शिकायतें मिल रही हैं कि इस मामले में पिक एंड चूज की नीति अपनाई जा रही है। आपदा से वास्तविक रूप में प्रभावित हुए लोगों को दरकिनार करके ऐसे लोगों पर मेहरबानी दिखाई जा रही है, जिनका नुकसान नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की बंदरबांट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेकर पात्र प्रभावितों को राहत राशि का वितरण सुनिश्चित किया जाए। बुधवार को त्रिलोक जमवाल ने सदर विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों का दौरा किया। बरसात में बेघर और प्रभावित हुए लोगों ने विधायक से मुलाकात करके आपदा राहत राशि नहीं मिलने की शिकायत की। इन लोगों का कहना था कि जुलाई-अगस्त में भारी बरसात की वजह से उनके मकान ढह गए थे। रसोईघरों और शौचालयों आदि को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने सरकार के नए राहत मैनुअल के तहत उचित राशि मिलने की उम्मीद लगा रखी थी। कई माह के इंतजार के बावजूद उन्हें राहत के नाम पर फूटी कौड़ी तक नहीं मिल पाई है। इसके विपरीत ऐसे कई लोगों को आपदा राहत के तहत भरपूर मदद मिली है, जिनके मकानों, रसोईघरों और शौचालयों का आंशिक नुकसान हुआ था। यह हैरान करने वाला पहलू है।
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त्रिलोक जमवाल ने कहा कि आपदा प्रभावितों की शिकायतों से साफ जाहिर हो रहा है कि राहत राशि के वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ हो रही है। क्षतिग्रस्त सड़कों की बहाली का काम भी चुनिंदा ठेकेदारों को दिया गया था, जिन्होंने कामचलाऊ व्यवस्था करके अपनी जेबें भरने का ही काम किया।
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