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गुटबाजी खत्म करने के लिए हस्तक्षेप करे हाईकमान : तिलक
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बिलासपुर। पूर्व जिलाध्यक्ष कमलेंद्र कश्यप के भाजपा में चले जाने से बिलासपुर में कांग्रेस को जोरदार झटका लगा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने हाईकमान को फिर आगाह किया है कि बिलासपुर सदर में पार्टी कई गुटों में बंट गई है। हाईकमान का हस्तक्षेप करना बहुत आवश्यक है। अगर इस मामले में जितनी देरी होगी, कांग्रेस ऐसे ही टूटती रहेगी।
पूर्व विधायक डॉ. बाबूराम गौतम व तिलकराज शर्मा, जिला कांग्रेस महासचिव राजेंद्रपाल ठाकुर व संदीप सांख्यान और नगर परिषद अध्यक्ष सोमा के साथ मस्तराम वर्मा, दौलतराम बादल, निक्काराम मेहता, सन्नी, किरण भारद्वाज, जयकृष्ण शर्मा, दयानंद वर्मा, कमलदेव ठाकुर, जीवन सिंह ठाकुर, रमेश चंद व निर्मला राजपूत ने कहा कि कमलेंद्र के भाजपा में जाने का कारण जानने के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की जाए। ताकि उचित कदम उठाए जा सकें। कमलेंद्र कश्यप और हुसैन अली का भाजपा में शामिल हो जाना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है। उन्होंने कहा कि कमलेंद्र पिछले 25 साल से नगर परिषद बिलासपुर में कांग्रेस का झंडा फहराते रहे हैं। इसके बावजूद शहर की जनता के बीच गहरी पैंठ रखने वाले कमलेंद्र की अनदेखी की जाती रही। नगर परिषद उपाध्यक्ष होने के बावजूद उनसे प्रत्याशियों के चयन को लेकर कोई राय नहीं ली गई। इस मामले में नप अध्यक्ष सोमा की भी अनदेखी की गई।
कांग्रेस के ही पूर्व विधायक बंबर ठाकुर पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि एक अकेला व्यक्ति मनमाने ढंग से सब कुछ तय कर रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सदर में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी का यह सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा है। सदर ब्लॉक अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए कुछ दावेदारों के नाम हाईकमान को भेजे गए थे। लेकिन उन्हें दरकिनार करके किसी अन्य व्यक्ति को ही अध्यक्ष बना दिया गया। पीसीसी अध्यक्ष कुलदीप राठौर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामलाल ठाकुर व राजेश धर्माणी के साथ ही जिला अध्यक्ष अंजना धीमान को भी इससे अवगत करवाया गया है। लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। निकाय चुनावों के समय भी वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार करके अनुभवहीन लोगों की कमेटियां गठित कर दी गईं। कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के गृह जिले में टक्कर देने के लिए कांग्रेस की एकजुटता बेहद जरूरी है।
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पूर्व विधायक डॉ. बाबूराम गौतम व तिलकराज शर्मा, जिला कांग्रेस महासचिव राजेंद्रपाल ठाकुर व संदीप सांख्यान और नगर परिषद अध्यक्ष सोमा के साथ मस्तराम वर्मा, दौलतराम बादल, निक्काराम मेहता, सन्नी, किरण भारद्वाज, जयकृष्ण शर्मा, दयानंद वर्मा, कमलदेव ठाकुर, जीवन सिंह ठाकुर, रमेश चंद व निर्मला राजपूत ने कहा कि कमलेंद्र के भाजपा में जाने का कारण जानने के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की जाए। ताकि उचित कदम उठाए जा सकें। कमलेंद्र कश्यप और हुसैन अली का भाजपा में शामिल हो जाना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है। उन्होंने कहा कि कमलेंद्र पिछले 25 साल से नगर परिषद बिलासपुर में कांग्रेस का झंडा फहराते रहे हैं। इसके बावजूद शहर की जनता के बीच गहरी पैंठ रखने वाले कमलेंद्र की अनदेखी की जाती रही। नगर परिषद उपाध्यक्ष होने के बावजूद उनसे प्रत्याशियों के चयन को लेकर कोई राय नहीं ली गई। इस मामले में नप अध्यक्ष सोमा की भी अनदेखी की गई।
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कांग्रेस के ही पूर्व विधायक बंबर ठाकुर पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि एक अकेला व्यक्ति मनमाने ढंग से सब कुछ तय कर रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सदर में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी का यह सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा है। सदर ब्लॉक अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए कुछ दावेदारों के नाम हाईकमान को भेजे गए थे। लेकिन उन्हें दरकिनार करके किसी अन्य व्यक्ति को ही अध्यक्ष बना दिया गया। पीसीसी अध्यक्ष कुलदीप राठौर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामलाल ठाकुर व राजेश धर्माणी के साथ ही जिला अध्यक्ष अंजना धीमान को भी इससे अवगत करवाया गया है। लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। निकाय चुनावों के समय भी वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार करके अनुभवहीन लोगों की कमेटियां गठित कर दी गईं। कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के गृह जिले में टक्कर देने के लिए कांग्रेस की एकजुटता बेहद जरूरी है।
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