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करलोटी सहकारी सभा में घोटाले को लेकर सड़क पर उतरे प्रभावित

Fri, 25 Feb 2022 12:22 AM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Feb 2022 12:22 AM IST
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People stages protest against scam in Karloti cooperative society in Bilaspur
संवाद न्यूज एजेंसी
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बिलासपुर। दी करलोटी ग्राम सेवा सहकारी सभा समिति पपलाह में हुए करोड़ों के घोटाले के प्रभावित लोगों ने वीरवार को बिलासपुर में रोष रैली निकाली। लोगों ने दो घंटे तक उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया। इसकी अगुवाई अधिवक्ता प्रवीण शर्मा ने की।
प्रभावितों ने उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को इसको लेकर ज्ञापन भी दिया। उन्होंने मांग की कि संबंधित सहायक रजिस्ट्रार सहकारी सभाएं बिलासपुर को बर्खास्त किया जाए और दी करलोटी ग्राम सेवा सहकारी सभा सीमित पपलाह की कमेटी को भंग कर चुनाव करवाकर नए सिरे से कमेटियों का गठन किया जाए और घोटाले में संलिप्त लोगों की संपत्तियां कुर्क की जाएं।
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जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को चेताया कि यदि 7 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं की तो प्रभावित लोगों के परिवारों के 6 हजार लोग भूख हड़ताल करने के साथ जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का घेराव करेंगे।
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संघर्ष समिति के अध्यक्ष कुलदीप सिंह मनकोटिया, उपाध्यक्ष रामलाल धीमान, सचिव सोमनाथ राणा, कोषाध्यक्ष कृष्णु राम स्याल, सदस्य नरेश कुमार, डॉ. जगदीश ठाकुर, नंद किशोर शर्मा, जय सिंह ठाकुर, सुभाष ठाकुर, अनीता देवी, रंजना देवी, जय कुमारी, कर्मी देवी आदि ने बताया कि 2018 में सामने आए इस घोटाले में सभा के 1206 सदस्यों की करीब 8 करोड़ 12 लाख की राशि फंसी है।
वर्ष 2008 में सभा के ऑडिट में करीब 27 लाख का गड़बड़झाला था लेकिन ऑडिट रिपोर्ट में लाभ दर्शाया गया। इसके चलते सभा के सदस्य इस गलतफहमी में रहे कि उनका पैसा सुरक्षित है और सोसाइटी लाभ कमा रही है। दूसरी ओर यह घोटाला बढ़ता चला गया।
जब शोर मचा तो पुलिस ने मृत सचिव को आरोपी बनाया। बाद में उसकी पत्नी, सह सचिव और दो अन्य ऑडिटरों को भी आरोपी बना तो दिया, लेकिन उसके बाद ठोस कार्रवाई नहीं की। न ही कोई सकारात्मक नतीजा निकला।

इन आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत केस दर्ज करने की अनुमति के लिए सहकारी सभा विभाग शिमला को लिखा है। इसके बावजूद विभाग की अनुमति अभी तक नहीं मिली है। इसके चलते विजिलेंस विभाग की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
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