{"_id":"60ce323e8ebc3e34ab6da765","slug":"pensioners-demands-not-fulfill-yet-bilaspur-news-sml3741687122","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों पर मंथन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों पर मंथन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। हिमाचल पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक जिला प्रधान जगदीश दिनेश की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान पेंशनरों की मांगों और समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। पेशनरों के प्रति सरकार के रवैये पर नाराजगी जाहिर की।
बैठक में जिला महासचिव चेतराम वर्मा ने कहा कि सरकार ने पिछले साढ़े तीन साल से कर्मचारियों और पेंशनरों की उचित मांगों के समाधान को लेकर कोई बातचीत नहीं की है। संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक भी आजतक नहीं बुलाई गई। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों को वार्ता के लिए बुलाए ताकि लंबित मांगों पर विचार करके इनका समाधान किया जा सके। लंबित मांगों में पेंशनरों की संयुक्त सलाहकार समिति का गठन करना, चिकित्सा बिलों का भुगतान करना, 65, 70, 75 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद 5, 10, 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन को मूल पेंशन में समायोजित करना, करुणामूलक आधार पर नौकरी देना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार समय रहते इस वर्ग की मांगों पर विचार करे अन्यथा आने वाले समय में परिणाम ठीक नहीं होंगे। वहीं छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट को शीघ्र लागू किया जाए ताकि कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक लाभ मिल सके।
विज्ञापन
बैठक में जिला महासचिव चेतराम वर्मा ने कहा कि सरकार ने पिछले साढ़े तीन साल से कर्मचारियों और पेंशनरों की उचित मांगों के समाधान को लेकर कोई बातचीत नहीं की है। संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक भी आजतक नहीं बुलाई गई। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों को वार्ता के लिए बुलाए ताकि लंबित मांगों पर विचार करके इनका समाधान किया जा सके। लंबित मांगों में पेंशनरों की संयुक्त सलाहकार समिति का गठन करना, चिकित्सा बिलों का भुगतान करना, 65, 70, 75 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद 5, 10, 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन को मूल पेंशन में समायोजित करना, करुणामूलक आधार पर नौकरी देना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार समय रहते इस वर्ग की मांगों पर विचार करे अन्यथा आने वाले समय में परिणाम ठीक नहीं होंगे। वहीं छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट को शीघ्र लागू किया जाए ताकि कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक लाभ मिल सके।
विज्ञापन