{"_id":"67bc5eb18ad1eb857004bc3c","slug":"orders-to-remove-the-debris-thrown-in-seer-khad-in-two-days-bilaspur-news-c-92-1-bls1001-132666-2025-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: सीर खड्ड में फेंके मलबे को दो दिन में हटाने के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: सीर खड्ड में फेंके मलबे को दो दिन में हटाने के आदेश
Mon, 24 Feb 2025 11:21 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 24 Feb 2025 11:21 PM IST
विज्ञापन
अमर उजाला में प्रकाशित खबर ।
अमर उजाला इंपैक्ट
पुल के नवीनीकरण के दौरान खड्ड में फेंका गया था मलबा
खबर प्रकाशित होने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने की कार्रवाई
खड्ड से भरे गए पानी के सैंपल, गुणवत्ता की होगी जांच
बोर्ड पीडब्ल्यूडी को भी जारी करेगा नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं के पुराने सीर खड्ड पुल के नवीनीकरण कार्य के दौरान ठेकेदार द्वारा की गई लापरवाही और पर्यावरण को हुए नुकसान पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कार्रवाई की है। बोर्ड ने खड्ड में फेंके गए मलबे को दो दिन में हटाने के आदेश जारी किए हैं।
पुराने सीर खड्ड पुल के नवीनीकरण कार्य के दौरान पुल के ऊपर से निकली तारकोल, बजरी और अन्य मलबे को नियमों की अनदेखी करते हुए खड्ड में फेंक दिया गया। पुल से निकले मलबे को पानी में फेंकने की घटना के बाद अमर उजाला ने इसे सोमवार के अंक में एनजीटी के नियमों को ठेंगा खड्ड में फेंक रहे पुल का मलबा शीर्षक से प्रकाशित किया था, जिसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संज्ञान लेते हुए तत्परता से कार्रवाई की। सोमवार को ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि गैरकानूनी तरीके से मलबे को पानी में फेंककर जल स्रोत को दूषित किया है। मौके पर पहुंचे बोर्ड के सहायक अभियंता ने ठेकेदार को तत्काल बुलाकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा। इसके बाद ठेकेदार को निर्देश दिए गए कि दो दिन के भीतर पानी में फेंके गए सभी मलबे को मशीन की सहायता से हटाया जाए। साथ ही इस कार्य को पूरा करने के बाद एक सप्ताह के भीतर लोक निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में जमा करवाने के आदेश दिए गए हैं। बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि नवीनीकरण कार्य के दौरान लोक निर्माण विभाग को उचित निगरानी करनी चाहिए थी, लेकिन विभाग की इस पर पूरी तरह से लापरवाही बरती गई। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लोक निर्माण विभाग को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी ने मौके से पानी के नमूने भी एकत्र किए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला भेजकर पानी की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इससे यह स्पष्ट होगा कि जल प्रदूषण की गंभीरता कितनी अधिक है और इससे जल जीवों को कितना नुकसान हुआ है।
कोट
पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कार्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ठेकेदार को दो दिन के भीतर पानी के अंदर से सारा मलबा उठाने के आदेश जारी किए गए हैं। भविष्य में ऐसी लापरवाही को रोकने के लिए निगरानी की जाएगी, ताकि जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।
विज्ञापन
पवन शर्मा, सहायक अभियंता प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिलासपुर
विज्ञापन
पुल के नवीनीकरण के दौरान खड्ड में फेंका गया था मलबा
खबर प्रकाशित होने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने की कार्रवाई
खड्ड से भरे गए पानी के सैंपल, गुणवत्ता की होगी जांच
बोर्ड पीडब्ल्यूडी को भी जारी करेगा नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं के पुराने सीर खड्ड पुल के नवीनीकरण कार्य के दौरान ठेकेदार द्वारा की गई लापरवाही और पर्यावरण को हुए नुकसान पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कार्रवाई की है। बोर्ड ने खड्ड में फेंके गए मलबे को दो दिन में हटाने के आदेश जारी किए हैं।
पुराने सीर खड्ड पुल के नवीनीकरण कार्य के दौरान पुल के ऊपर से निकली तारकोल, बजरी और अन्य मलबे को नियमों की अनदेखी करते हुए खड्ड में फेंक दिया गया। पुल से निकले मलबे को पानी में फेंकने की घटना के बाद अमर उजाला ने इसे सोमवार के अंक में एनजीटी के नियमों को ठेंगा खड्ड में फेंक रहे पुल का मलबा शीर्षक से प्रकाशित किया था, जिसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संज्ञान लेते हुए तत्परता से कार्रवाई की। सोमवार को ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि गैरकानूनी तरीके से मलबे को पानी में फेंककर जल स्रोत को दूषित किया है। मौके पर पहुंचे बोर्ड के सहायक अभियंता ने ठेकेदार को तत्काल बुलाकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा। इसके बाद ठेकेदार को निर्देश दिए गए कि दो दिन के भीतर पानी में फेंके गए सभी मलबे को मशीन की सहायता से हटाया जाए। साथ ही इस कार्य को पूरा करने के बाद एक सप्ताह के भीतर लोक निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में जमा करवाने के आदेश दिए गए हैं। बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि नवीनीकरण कार्य के दौरान लोक निर्माण विभाग को उचित निगरानी करनी चाहिए थी, लेकिन विभाग की इस पर पूरी तरह से लापरवाही बरती गई। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लोक निर्माण विभाग को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी ने मौके से पानी के नमूने भी एकत्र किए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला भेजकर पानी की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इससे यह स्पष्ट होगा कि जल प्रदूषण की गंभीरता कितनी अधिक है और इससे जल जीवों को कितना नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
कोट
पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कार्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ठेकेदार को दो दिन के भीतर पानी के अंदर से सारा मलबा उठाने के आदेश जारी किए गए हैं। भविष्य में ऐसी लापरवाही को रोकने के लिए निगरानी की जाएगी, ताकि जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।
विज्ञापन
पवन शर्मा, सहायक अभियंता प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिलासपुर